thinQ360
thinQ360
🏠 टॉप 🔥 राजनीति 📍 राज्य 📰 लाइफ स्टाइल 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 👤 शख्सियत 💻 तकनीक ✍️ Blog ⭐ सफलता की कहानी 🚨 क्राइम 📰 मनचाही ▶️ YouTube
राजस्थान

संगीत है जीवन की संजीवनी औषधि: संगीत जीवन में भरता है सकारात्मक ऊर्जा: विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने संगीत को बताया मन और शरीर की औषधि

जोगेन्द्र सिंह शेखावत

अजमेर में आयोजित 'स्वरांजलि-2026' कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने संगीत के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संगीत न केवल मनोरंजन है, बल्कि यह मानसिक और शारीरिक रोगों को दूर करने वाली एक दिव्य औषधि है जो तनाव को कम करती है।

HIGHLIGHTS

  • संगीत जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है और एक दिव्य औषधि की तरह कार्य करता है।
  • अजमेर के जेएलएन मेडिकल कॉलेज में इंडिया इंटरनेशनल म्यूजिक लवर्स सोसायटी का 100वां कार्यक्रम आयोजित हुआ।
  • श्रीमती इंदिरा वासुदेव देवनानी की स्मृति में 61 प्रतिभाओं को संगीत और समाज सेवा के लिए सम्मानित किया गया।
  • दिव्यांग बच्चों और वृद्धाश्रम के बुजुर्गों ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
vasudev devnani music therapy swaranjali 2026 ajmer news

अजमेर | राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने संगीत को जीवन की सबसे बड़ी पूंजी और सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत बताया है। उन्होंने कहा कि संगीत केवल सुरों का संगम नहीं है। यह हमारे जीवन में नई चेतना भरने वाला एक सशक्त माध्यम है। संगीत एक औषधि के रूप में कार्य करता है और अशांत मन को असीम सुकून प्रदान करता है। देवनानी शनिवार को अजमेर के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में आयोजित 'स्वरांजलि-2026' के भव्य कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

संगीत और स्वास्थ्य का गहरा नाता

इंडिया इंटरनेशनल म्यूजिक लवर्स सोसायटी द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में देवनानी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने संस्था की 'म्यूजिक थेरेपी' थीम की सराहना की। उन्होंने कहा कि हमारे प्राचीन शास्त्रों में 'नाद ही ब्रह्म' कहा गया है। संगीत में मन और शरीर के जटिल रोगों को दूर करने की अद्भुत क्षमता छिपी है। आज के तनावपूर्ण दौर में संगीत एक संजीवनी की तरह कार्य करता है। यह हमें मानसिक अवसाद, तनाव और नकारात्मकता से बाहर निकालने में पूरी तरह सक्षम है।

100 कार्यक्रमों की गौरवशाली यात्रा

सोसायटी द्वारा आयोजित यह 100वां कार्यक्रम था। देवनानी ने इसे एक बड़ी सांस्कृतिक और सामाजिक उपलब्धि करार दिया। उन्होंने कहा कि यह समाज के प्रति एक सशक्त पहल है। संगीत के माध्यम से भावनात्मक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सकता है। यह केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि जीवन को संतुलित करने का मार्ग है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे संगीत को अपनी साधना बनाएं। इससे एक स्वस्थ, सकारात्मक और संवेदनशील समाज का निर्माण करना बहुत आसान हो जाएगा।

सामाजिक सरोकार और सेवा की मिसाल

संस्था के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. लाल थडानी एवं डॉ. दीपा थडानी ने बताया कि संस्था विगत पांच वर्षों से गंभीर रोगों से पीड़ित परिवारों की मदद कर रही है। कोरोना, हृदय रोग और कैंसर जैसी बीमारियों से पीड़ित लोगों का तनाव कम करना उनका मुख्य लक्ष्य है। संगीत के जरिए वे लोगों को डर और कंफ्यूजन से मुक्त कर रहे हैं। संस्था केवल संगीत तक सीमित नहीं है। वे वृद्धाश्रम, नेत्रहीन छात्राओं और बेसहारा बच्चों के लिए भी नियमित रूप से सेवा और सहायता के कार्यक्रम करती रहती है।

61 प्रतिभाओं का हुआ भव्य सम्मान

इस अवसर पर एक भावुक क्षण भी आया जब श्रीमती इंदिरा वासुदेव देवनानी की स्मृति में 61 प्रतिभाओं को पुरस्कृत किया गया। इसमें चिकित्सा और साहित्य जगत के लोग शामिल थे। ये पुरस्कार गीत-संगीत और समाज सेवा में निस्वार्थ योगदान के लिए दिए गए। कार्यक्रम में अजमेर की स्थानीय प्रतिभाओं ने एक से बढ़कर एक संगीतमय प्रस्तुतियां दीं। दिव्यांग बच्चों और वृद्धाश्रम के बुजुर्गों के आकर्षक नृत्य ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। इस मौके पर शहर के कई वरिष्ठ डॉक्टर और प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे। समारोह में डॉ. अनिल सामरिया, डॉ. दीपा थदानी, डॉ. अरविन्द खरे और जवाहर फाउंडेशन के शिव कुमार बंसल सहित कई गणमान्य लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

शेयर करें:

ताज़ा खबरें