झालावाड़ | राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने मंगलवार को अपने 'ड्रीम प्रोजेक्ट' परवन वृहद सिंचाई परियोजना का जमीनी स्तर पर निरीक्षण किया। झालावाड़ और बारां जिले की सीमाओं पर स्थित इस प्रोजेक्ट के दौरान राजे के तेवर काफी सख्त नजर आए।
वसुंधरा राजे का 'ड्रीम प्रोजेक्ट' निरीक्षण: वसुंधरा राजे ने परवन प्रोजेक्ट पर अधिकारियों को लगाई फटकार
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने परवन सिंचाई परियोजना की धीमी गति पर जताई कड़ी नाराजगी।
HIGHLIGHTS
- वसुंधरा राजे ने बारां और झालावाड़ की सीमा पर परवन परियोजना का किया औचक निरीक्षण।
- टनल और अकावदा बांध के निर्माण में देरी को लेकर सिंचाई विभाग के अधिकारियों को फटकारा।
- राजे ने परवन बांध को क्षेत्र की प्यासी जनता और किसानों की 'लाइफलाइन' बताया।
- गुणवत्ता से समझौता न करने और तय समय सीमा में काम पूरा करने के दिए सख्त निर्देश।
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उन्होंने टनल और अकावदा बांध के निर्माण में हो रही देरी को लेकर सिंचाई विभाग के आला अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई। राजे ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी भी तरह की सुस्ती स्वीकार नहीं की जाएगी।
'लाइफलाइन' है परवन सिंचाई परियोजना
राजे ने कहा कि परवन बांध केवल एक सरकारी योजना नहीं है। उन्होंने इसे बारां और झालावाड़ के प्यासे कंठों और सूखे खेतों की 'लाइफलाइन' करार दिया। जनता इस प्रोजेक्ट के पूरा होने का बेसब्री से इंतजार कर रही है।
"परवन बांध मेरा ड्रीम प्रोजेक्ट है। यह क्षेत्र की सिंचाई और पेयजल व्यवस्था के लिए अतुलनीय है। इसकी गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए और काम तय समय में पूरा हो।"
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गुणवत्ता और समय सीमा की चेतावनी
राजे ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि काम की गति बढ़ाने के चक्कर में क्वालिटी से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने 8.7 किलोमीटर लंबी टनल का भी बारीकी से निरीक्षण कर इंजीनियरिंग टीम से जवाब मांगे।
पिछले कुछ समय से काम की धीमी रफ्तार की शिकायतों पर राजे ने कलेक्टर और विभागीय अधिकारियों को मौके पर ही समाधान निकालने को कहा। उन्होंने मैनपावर बढ़ाने के निर्देश भी दिए।
हाड़ौती क्षेत्र की बदलेगी तस्वीर
परवन परियोजना पूरी होने के बाद कोटा, बारां और झालावाड़ के सैकड़ों गांवों को शुद्ध पेयजल मिलेगा। इससे हजारों हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी, जिससे स्थानीय किसानों की आय और कृषि उत्पादन में बड़ा इजाफा होगा।
निरीक्षण के दौरान बारां कलक्टर बालमुकुंद असावा और विधायक राधेश्याम बैरवा सहित कई सीनियर अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि टनल के काम को जल्द ही फाइनल स्टेज पर पहुँचाया जाएगा।
इस प्रोजेक्ट से न केवल सिंचाई और पेयजल की समस्या हल होगी, बल्कि भविष्य में पर्यटन की संभावनाओं से स्थानीय युवाओं को रोजगार भी मिलेगा। राजे का यह दौरा प्रशासन के लिए एक बड़ी चेतावनी साबित हुआ है।
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