thinQ360
thinQ360
🏠 टॉप 🔥 राजनीति 📍 राज्य 📰 लाइफ स्टाइल 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 📰 जालोर 👤 शख्सियत 💻 तकनीक ✍️ Blog ⭐ सफलता की कहानी 🚨 क्राइम 📰 मनचाही ▶️ YouTube
राजस्थान

IPL सट्टा: ब्रोकर गिरफ्तार: अजमेर: IPL सट्टा गिरोह को फ्लैट दिलाने वाला ब्रोकर गिरफ्तार

प्रदीप बीदावत

दोगुने किराए पर फ्लैट देकर चलवा रहा था सट्टा, पुलिस ने ब्रोकर को किया गिरफ्तार।

HIGHLIGHTS

  • अजमेर पुलिस ने आईपीएल सट्टेबाजी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ब्रोकर को गिरफ्तार किया है।
  • आरोपी ब्रोकर ने सट्टेबाजों को सामान्य से दोगुने किराए पर फ्लैट उपलब्ध कराया था।
  • यह सट्टा 'रेड्डी अन्ना' नामक ऑनलाइन गेमिंग वेबसाइट के माध्यम से संचालित किया जा रहा था।
  • पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपियों के साथ साजिश रचने के आरोप में राजेंद्र साहू को पकड़ा है।
ajmer ipl betting broker arrested reddy anna case

अजमेर | राजस्थान के अजमेर जिले में पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग और आईपीएल क्रिकेट मैच पर सट्टेबाजी के खिलाफ एक बड़ी और प्रभावी कार्रवाई को अंजाम दिया है। क्रिश्चियन गंज थाना पुलिस ने इस मामले में एक ऐसे ब्रोकर को गिरफ्तार किया है, जो सट्टेबाजों को अवैध गतिविधियों के लिए ठिकाना मुहैया करा रहा था।

अजमेर में सट्टेबाजी के खिलाफ पुलिस का बड़ा एक्शन

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी ब्रोकर ने केवल पैसों के लालच में सट्टेबाजों को डबल किराए पर फ्लैट उपलब्ध कराया था, जहां से सट्टा संचालित हो रहा था। थाना प्रभारी अरविंद चारण ने जानकारी दी कि पुलिस की यह कार्रवाई शहर में चल रहे अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क को जड़ से खत्म करने की दिशा में एक कदम है। अजमेर पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला (IPS) के कड़े निर्देशों के बाद पूरे शहर में अवैध गतिविधियों और ऑनलाइन ठगी के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत पुलिस की टीमें लगातार संदिग्ध ठिकानों और ऑनलाइन गतिविधियों पर पैनी नजर रख रही हैं ताकि अपराधियों को समय रहते पकड़ा जा सके।

रेड्डी अन्ना वेबसाइट का हो रहा था इस्तेमाल

पुलिस ने जांच के दौरान पाया कि आरोपी 'रेड्डी अन्ना' नामक एक विवादित ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी वेबसाइट के जरिए आईपीएल मैचों पर दांव लगवा रहे थे। यह वेबसाइट लंबे समय से अवैध जुआ और सट्टेबाजी के लिए चर्चा में रही है, जिसके जरिए देशभर में हजारों लोगों से करोड़ों की ठगी की जाती है। 19 अप्रैल को पुलिस ने अरावली अपार्टमेंट जनाना रोड पर चेकिंग के दौरान पांच आरोपियों को रंगे हाथों सट्टा लगाते हुए गिरफ्तार किया था, जो मुख्य गिरोह का हिस्सा थे। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस को इस पूरे नेटवर्क के पीछे छिपे मददगारों और ब्रोकरों के बारे में महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे थे।

ब्रोकर राजेंद्र साहू की गिरफ्तारी और साजिश

पुलिस की गहन जांच में यह सामने आया कि मुख्य आरोपी पंकज कुमार सैनी और उसके साथियों को फ्लैट दिलाने में ब्रोकर राजेंद्र कुमार साहू की मुख्य भूमिका थी। राजेंद्र साहू ने जानते हुए भी कि फ्लैट का उपयोग अवैध गतिविधियों के लिए होगा, उसे सामान्य किराए की तुलना में दोगुने दाम पर सट्टेबाजों को दे दिया था। आरोपी ने करीब 8 हजार रुपये महीने के किराए पर फ्लैट उपलब्ध कराया था, जबकि उस इलाके में सामान्य फ्लैट का किराया इससे काफी कम होता है। इतना ही नहीं, आरोपी ने कागजी खानापूर्ति करने के नाम पर पैसे तो लिए, लेकिन पुलिस वेरिफिकेशन या कोई वैध रेंट एग्रीमेंट तैयार नहीं करवाया।

बिना रेंट एग्रीमेंट के चल रहा था अवैध कारोबार

पुलिस ने बताया कि ब्रोकर ने जानबूझकर कानूनी नियमों की अनदेखी की ताकि सट्टेबाजों की पहचान छिपी रहे और वह खुद भी मोटा मुनाफा कमा सके। बिना किसी वैध अनुबंध के फ्लैट देना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह अपराधियों को सुरक्षित पनाहगाह देने जैसा गंभीर अपराध माना जाता है। जांच में यह भी पता चला कि आरोपी फ्लैट के अंदर फोन लाइन और हाई-स्पीड इंटरनेट का उपयोग कर कई मोबाइल और लैपटॉप के जरिए सट्टा चला रहे थे। इन उपकरणों का इस्तेमाल कर वे अलग-अलग राज्यों के लोगों को जोड़ते थे और मैच की हर गेंद पर लाखों रुपये का दांव लगवाया करते थे।

फर्जी सिम कार्ड और तकनीकी उपकरणों का जाल

सट्टेबाज गिरोह अन्य लोगों के नाम पर जारी की गई फर्जी सिम कार्ड का उपयोग करते थे, ताकि पकड़े जाने पर उनकी असली पहचान उजागर न हो सके। पुलिस ने मौके से कई लैपटॉप और दर्जनों मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनका डेटा खंगालने पर सट्टेबाजी के बड़े लेनदेन का खुलासा होने की उम्मीद है। यह गिरोह आम लोगों को रातों-रात अमीर बनने का लालच देकर उन्हें ऑनलाइन जुए के दलदल में धकेल रहा था और खुद अवैध तरीके से लाभ कमा रहा था। पुलिस अब उन लोगों की भी तलाश कर रही है जिनके नाम पर ये सिम कार्ड जारी किए गए थे और क्या वे भी इस साजिश में शामिल थे।

पुलिस प्रशासन की कड़ी चेतावनी

थाना प्रभारी अरविंद चारण ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि अपराधियों की मदद करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। जो लोग अधिक किराए के लालच में अपराधियों को बिना वेरिफिकेशन के कमरे या फ्लैट किराए पर देते हैं, वे भी अपराध में उतने ही भागीदार माने जाएंगे। पुलिस ने मकान मालिकों और प्रॉपर्टी डीलरों से अपील की है कि वे किसी भी किराएदार को रखने से पहले उसका पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य रूप से करवाएं। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पुलिस अब और भी सख्त कार्रवाई करने की योजना बना रही है ताकि शहर की शांति व्यवस्था बनी रहे।

आईपीएल सीजन में सट्टेबाजी का बढ़ता ग्राफ

आईपीएल सीजन के दौरान देशभर में सट्टेबाजी की घटनाएं बढ़ जाती हैं, जिसके कारण पुलिस प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतनी पड़ती है। अजमेर पुलिस ने इस बार तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर रखा है ताकि किसी भी कोने में चल रहे सट्टा गिरोह को पकड़ा जा सके। ऑनलाइन गेमिंग ऐप्स और वेबसाइट्स के माध्यम से होने वाली यह सट्टेबाजी युवाओं को आर्थिक रूप से बर्बाद कर रही है, जो पुलिस के लिए चिंता का विषय है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष टीमें लगातार साइबर स्पेस और स्थानीय होटलों व अपार्टमेंट्स की निगरानी कर रही हैं ताकि सट्टेबाजी रोकी जा सके।

कानूनी कार्रवाई और भविष्य की जांच

पुलिस ने ब्रोकर राजेंद्र साहू को षड्यंत्र में शामिल होने और अवैध गतिविधि को बढ़ावा देने के आरोप में गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की तैयारी की है। मुख्य आरोपी पंकज कुमार सैनी से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों और उनके बैंक खातों की भी जांच कर रही है। सट्टेबाजी से अर्जित की गई अवैध संपत्ति और बेनामी लेनदेन का पता लगाने के लिए पुलिस साइबर विशेषज्ञों की मदद ले रही है ताकि गिरोह की कमर तोड़ी जा सके। अजमेर की जनता ने पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की है, क्योंकि इससे रिहायशी इलाकों में चल रही संदिग्ध गतिविधियों पर लगाम लगेगी।

निष्कर्ष: सतर्कता ही बचाव है

अजमेर पुलिस की यह कार्रवाई यह संदेश देती है कि अपराध में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल होने वालों को कानून के शिकंजे से बचना मुश्किल है। आम नागरिकों को भी जागरूक रहने की आवश्यकता है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत नजदीकी पुलिस थाने में देनी चाहिए। पुलिस का अभियान जारी रहेगा और आने वाले दिनों में आईपीएल सट्टेबाजी से जुड़े कुछ और बड़े खुलासे होने की पूरी संभावना है।

*Edit with Google AI Studio

शेयर करें: