भजनलाल सरकार का किसानों और युवाओं को बड़ा तोहफा: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का सिरोही में भव्य संबोधन: किसानों को सम्मान निधि और प्रदेश में 'रक्षा बिल' लागू करने का ऐलान
सिरोही में मुख्यमंत्री ने करोड़ों की सौगातें दीं, किसानों के खातों में पैसे ट्रांसफर किए और सुरक्षा हेतु रक्षा बिल की घोषणा की।
सिरोही | राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सिरोही की पावन धरा से प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं और सरकार की उपलब्धियों का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत 22 जनवरी के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करते हुए की। उन्होंने कहा कि आज का दिन दो महत्वपूर्ण घटनाओं का साक्षी है। पहला, दो वर्ष पूर्व इसी दिन अयोध्या के भव्य मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई थी, जो सदियों की प्रतीक्षा के बाद हमारी सांस्कृतिक विरासत के गौरव का प्रतीक बनी। दूसरा, वर्ष 2015 में इसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के पानीपत से 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान की शुरुआत की थी, जिसने महिला सशक्तिकरण की दिशा में देश की सोच को बदला है।
किसानों और लाभार्थियों को करोड़ों की सौगात
मुख्यमंत्री ने डिजिटल माध्यम से एक बटन दबाकर प्रदेश के करोड़ों लाभार्थियों के खातों में 1590 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे हस्तांतरित (DBT) की। इसमें मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की पांचवीं किस्त के रूप में 65 लाख से अधिक किसानों को 653 करोड़ रुपये दिए गए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार जो कहती है, वह करती है। संकल्प पत्र के वादे के अनुसार, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त राशि जोड़कर किसानों को संबल प्रदान किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए 10,000 किसानों को 40 करोड़ रुपये की भावांतर राशि, 4 लाख दुग्ध उत्पादकों को 100 करोड़ रुपये का संबल बोनस, और फसल खराबे से प्रभावित 5 लाख किसानों को 327 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई।
'रक्षा बिल' से रुकेगा पलायन और अवैध कब्जा
मुख्यमंत्री ने एक बड़ी घोषणा करते हुए 'रक्षा बिल' (Rajasthan Act for Keeping Safety of Housing and Assets of Citizens) का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के दौरान प्रदेश के कई इलाकों में डर और असुरक्षा के कारण लोगों को पलायन के पोस्टर लगाने पड़ते थे। तुष्टिकरण और भ्रष्टाचार की राजनीति ने आम नागरिकों की संपत्ति को असुरक्षित कर दिया था। नई सरकार इस 'रक्षा बिल' के माध्यम से नागरिकों के घरों और संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी ताकि किसी भी परिवार को दबाव या डर के कारण अपना घर न छोड़ना पड़े। उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि अशांति फैलाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और प्रदेश केवल कानून के शासन से चलेगा।
23 जनवरी से 'ग्राम उत्थान शिविर' का आगाज
ग्रामीण विकास को गति देने के लिए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 23 जनवरी, बसंत पंचमी के शुभ अवसर से प्रदेश के प्रत्येक गिरदावर सर्किल पर 'ग्राम उत्थान शिविर' लगाए जाएंगे। इन शिविरों का उद्देश्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचाना है। इन शिविरों में तारबंदी, डिग्गी, पाइपलाइन, फार्म पोंड, फव्वारा सिंचाई, ड्रिप सिस्टम, सौर पंप और प्लास्टिक मल्चिंग जैसी कृषि योजनाओं की मौके पर ही स्वीकृति दी जाएगी। साथ ही, पशुओं का पंजीकरण, स्वास्थ्य प्रमाण पत्र, टीकाकरण और पीएम सूर्यघर योजना के तहत पंजीकरण जैसे कार्य भी संपन्न किए जाएंगे।
पेपर लीक माफियाओं पर कड़ा प्रहार
युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों पर बरसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार के दौरान हुए पेपर लीक घोटालों की जांच तेजी से चल रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने आते ही एसआईटी (SIT) का गठन किया और अब तक कई दोषियों को जेल भेजा जा चुका है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि ओएमआर शीट में हुए घोटालों की आंच अब बड़े नामों तक पहुंच रही है। मुख्यमंत्री ने गर्व से कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अब तक जितने भी पेपर हुए हैं, उनमें से एक भी लीक नहीं हुआ है और 1 लाख से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र देने की प्रक्रिया जारी है।
सिरोही का विकास और मंत्रियों का संबोधन
कार्यक्रम के दौरान राज्यमंत्री ओटाराम देवासी ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि पिछले दो वर्षों में सिरोही विधानसभा क्षेत्र में 1500 करोड़ रुपये के विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने जिले में मेडिकल और एग्रीकल्चर कॉलेज की स्थापना के बाद अब वेटरनरी कॉलेज खोलने की मांग भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखी। वहीं, सहकारिता मंत्री गौतम दक ने कहा कि भाजपा सरकार ने पहली बार किसानों को सीधा नकद लाभ देकर उनकी आर्थिक स्थिति सुधारी है। उन्होंने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जो लोग कर्ज माफी के नाम पर गिनती गिनते थे, उन्होंने किसानों को केवल धोखा दिया, जबकि भजनलाल सरकार ने पहले ही बजट में अपने वादे पूरे कर दिखाए।
खेती और स्वास्थ्य पर मुख्यमंत्री की सलाह
अपने संबोधन के समापन सत्र में मुख्यमंत्री ने किसानों से भावुक अपील की। उन्होंने कहा कि खेती घाटे का सौदा नहीं है, बशर्ते उसे वैज्ञानिक तरीके और समर्पण के साथ किया जाए। उन्होंने युवाओं से खेती से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि शारीरिक श्रम से स्वास्थ्य भी ठीक रहता है और आर्थिक समृद्धि भी आती है। उन्होंने किसानों को अत्यधिक यूरिया और रसायनों के उपयोग से बचने की सलाह दी और मृदा स्वास्थ्य कार्ड के अनुसार ही खाद डालने का आग्रह किया ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए उपजाऊ भूमि सुरक्षित रहे। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 'डबल इंजन' की सरकार राजस्थान को एक विकसित और उत्कृष्ट राज्य बनाने के लिए संकल्पित है।