कमर्शियल गैस सिलेंडर : नए साल का झटका: कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम 111 रुपये बढ़े

नए साल की पहली तारीख को कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में 111 रुपये का बड़ा इजाफा हुआ है जिससे होटल और रेस्टोरेंट का बजट बिगड़ सकता है।

नई दिल्ली | नए साल के स्वागत के साथ ही 1 जनवरी की पहली सुबह देश के नागरिकों के लिए महंगाई का संदेश लेकर आई है। जश्न की खुशियों के बीच केंद्र सरकार और तेल विपणन कंपनियों ने कमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में बड़ी बढ़ोतरी कर दी है। यह वृद्धि 10 या 20 रुपये की मामूली बढ़ोतरी नहीं बल्कि सीधे 111 रुपये की भारी वृद्धि है जिससे बाजार में हलचल मच गई है। इस फैसले का सीधा असर होटल और रेस्टोरेंट के किचन बजट पर पड़ेगा जिससे बाहर खाना खाना अब काफी महंगा हो सकता है।

कमर्शियल गैस सिलेंडर की नई दरें

देश की प्रमुख सरकारी तेल विपणन कंपनियों जैसे IOC, HPCL और BPCL ने मार्केट में 19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाने का निर्णय लिया है। इन सिलेंडरों का उपयोग मुख्य रूप से रेस्टोरेंट, होटल, ढाबों, शादियों और विभिन्न पार्टियों जैसी व्यावसायिक जगहों पर किया जाता है। राजस्थान की राजधानी जयपुर में पहले इस सिलेंडर की कीमत लगभग 1608.50 रुपये के आसपास थी जो अब बढ़कर 1691.50 रुपये हो गई है। ये नई दरें 1 जनवरी 2026 से पूरे देश में लागू कर दी गई हैं। गौरतलब है कि इससे ठीक एक महीने पहले यानी दिसंबर में इसके दाम में 10 रुपये की मामूली कमी की गई थी जिससे लोगों को राहत की उम्मीद थी।

घरेलू गैस और पीएनजी की स्थिति

आम उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियों ने 14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया है। घरेलू गैस सिलेंडर अभी भी विभिन्न राज्यों में 850 रुपये से 960 रुपये के बीच की पुरानी कीमतों पर ही उपलब्ध रहेंगे। इसके विपरीत एक अच्छी खबर यह भी है कि इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड ने पीएनजी की कीमतों में कुछ कमी करने का ऐलान किया है। इससे उन घरों को फायदा होगा जहां पाइपलाइन के जरिए रसोई गैस की आपूर्ति की जाती है और वे अपने मासिक खर्च में कुछ बचत कर पाएंगे।

छोटे कारोबारियों पर पड़ेगा बड़ा असर

कमर्शियल सिलेंडर वे बड़े एलपीजी सिलेंडर होते हैं जिनका उपयोग व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, कैंटीन और उद्योगों में भारी मात्रा में गैस की जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाता है। ये घरेलू सिलेंडरों की तुलना में वजन में काफी अधिक होते हैं और इनकी पहचान अक्सर नीले रंग से की जाती है। इन सिलेंडरों पर सरकार की तरफ से कोई सब्सिडी नहीं दी जाती है। इस ताजा बढ़ोतरी से होटल, कैटरिंग और छोटे खाद्य कारोबारियों की परिचालन लागत बढ़ना तय माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि लागत बढ़ने से आने वाले दिनों में तैयार भोजन की कीमतों में भी इजाफा हो सकता है जिसका अंतिम भार आम जनता पर ही पड़ेगा।