पूर्व मंत्री हेमसिंह भड़ाना का निधन: राजस्थान के पूर्व कैबिनेट मंत्री हेमसिंह भड़ाना का 58 वर्ष की आयु में निधन, कैंसर से थे पीड़ित
राजस्थान के पूर्व कैबिनेट मंत्री हेमसिंह भड़ाना का निधन हो गया है। वे लंबे समय से कैंसर और ब्रेन हेमरेज जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे।
अलवर | राजस्थान की राजनीति के लिए सोमवार का दिन बेहद दुखद रहा। प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता हेमसिंह भड़ाना का 58 वर्ष की आयु में निधन हो गया। भड़ाना पिछले लंबे समय से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। हाल ही में उन्हें ब्रेन हेमरेज भी हुआ था, जिसके बाद उनकी स्थिति काफी नाजुक बनी हुई थी। उन्होंने सोमवार सुबह करीब 7:30 बजे अपने अलवर स्थित निवास पर अंतिम सांस ली।
गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे भड़ाना
परिजनों के अनुसार, हेमसिंह भड़ाना कैंसर से पूरी मजबूती के साथ लड़ रहे थे। गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में उनका लंबे समय तक इलाज चला, लेकिन ब्रेन हेमरेज के बाद उनकी सेहत में सुधार नहीं हो पा रहा था। सोमवार तड़के जब उनकी तबीयत अचानक बिगड़ी, तो उन्हें तुरंत अलवर के स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके निधन की खबर फैलते ही पूरे जिले और राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है। बड़ी संख्या में उनके समर्थक और राजनेता उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
छात्र राजनीति से कैबिनेट तक का सफर
हेमसिंह भड़ाना का राजनीतिक सफर बेहद प्रेरणादायक रहा है। राजस्थान विश्वविद्यालय से एलएलबी करने के बाद उन्होंने छात्र राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई। वे 1991-92 में अलवर के राजकीय कला एवं विधि महाविद्यालय के छात्र संघ अध्यक्ष रहे। इसके बाद उन्होंने जमीनी स्तर पर काम किया और 2005 में किशनगढ़ बास के प्रधान बने। भड़ाना 2008 और 2013 में लगातार दो बार विधानसभा के सदस्य चुने गए। वसुंधरा राजे सरकार के दौरान उन्होंने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, उपभोक्ता मामले, मुद्रण एवं लेखन सामग्री और सामान्य प्रशासन जैसे महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री के रूप में अपनी सेवाएं दीं।
राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार
पूर्व मंत्री के निधन पर सम्मान व्यक्त करते हुए भारतीय जनता पार्टी ने अलवर और खैरथल जिलों में होने वाले अपने सभी पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों को स्थगित कर दिया है। पार्टी के शीर्ष नेताओं ने उनके निधन को राजस्थान भाजपा के लिए एक बड़ी क्षति बताया है। भड़ाना को उनकी सादगी और जमीनी पकड़ के लिए जाना जाता था। उनका अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा, जिसमें प्रदेश के कई बड़े नेताओं के शामिल होने की संभावना है।