जालोर हेड कॉन्स्टेबल की 21 किमी दौड़: जालोर में 21 किमी दौड़ कर सुंधा पर्वत पहुंचे हेड कॉन्स्टेबल लाभूराम देवासी, दिया फिटनेस का संदेश

भीनमाल थाने के हेड कॉन्स्टेबल लाभूराम देवासी ने अपनी टीम के साथ 21 किलोमीटर की हाफ मैराथन पूरी कर सुंधामाता के दर्शन किए और युवाओं को फिटनेस का संदेश दिया।

जालोर हेड कॉन्स्टेबल Laburam Dewasi की 21 किमी दौड़

जालोर | राजस्थान के जालोर जिले में भीनमाल पुलिस थाने में तैनात हेड कॉन्स्टेबल लाभूराम देवासी ने एक बार फिर अपनी शारीरिक क्षमता और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया है। उन्होंने अपनी टीम के साथ 21 किलोमीटर की हाफ मैराथन दौड़ सफलतापूर्वक पूरी कर सुंधामाता के दर्शन किए। यह विशेष दौड़ भीनमाल थाने से शुरू होकर सुंधामाता चौकी के रास्ते होते हुए माता जी के दरबार तक संपन्न हुई।

फिटनेस और अनुशासन का संदेश

इस हाफ मैराथन दौड़ में टीम प्रभारी के रूप में हेड कॉन्स्टेबल लाभूराम देवासी के साथ अन्य पुलिसकर्मी भी शामिल रहे। टीम में हेड कॉन्स्टेबल भरत कुमार, रतनाराम, कृष्ण कुमार, भैराराम, राकेश कुमार और दिनेश कुमार ने पूरी ऊर्जा और अनुशासन के साथ दौड़ पूरी की। सुंधा पर्वत की चुनौतीपूर्ण चढ़ाई के बावजूद सभी जवानों ने माता जी के दरबार में पहुंचकर अपनी श्रद्धा व्यक्त की।

पुलिस की सकारात्मक छवि

लाभूराम देवासी ने बताया कि इस मैराथन दौड़ का मुख्य उद्देश्य समाज में भाईचारे और देश की एकता का संदेश फैलाना है। इसके माध्यम से वे पुलिस विभाग की सकारात्मक छवि को जनता के बीच ले जाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास का रिश्ता मजबूत होना चाहिए ताकि अपराधियों में भय और आमजन में सुरक्षा का भाव बना रहे।

युवाओं के लिए प्रेरणा और नशा मुक्ति

इस पहल का एक अहम उद्देश्य युवाओं को नशा मुक्ति और फिटनेस के प्रति जागरूक करना भी है। देवासी ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को अनुशासित जीवनशैली अपनानी चाहिए और नशे जैसी बुराइयों से दूर रहकर अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देना चाहिए। रास्ते में जगह-जगह ग्रामीणों ने पुलिस जवानों का उत्साहवर्धन किया और इस पहल की सराहना की।

पुराने रिकॉर्ड्स और उपलब्धियां

भीनमाल थाने के हेड कॉन्स्टेबल लाभूराम देवासी एक राष्ट्रीय स्तर के मैराथन धावक हैं। इससे पहले उन्होंने जालोर से रामदेवरा तक 308 किलोमीटर की दूरी मात्र 23 घंटे 33 मिनट में दौड़कर एक अनोखा रिकॉर्ड बनाया था। उनकी इस उपलब्धि ने पूरे राजस्थान पुलिस विभाग को गौरवान्वित किया था। वे विभागीय स्तर पर आयोजित होने वाली अनेक खेलकूद प्रतियोगिताओं में भी विजेता रह चुके हैं और लगातार पुलिस बल को प्रेरित कर रहे हैं।