Sirohi: पूर्व कैबिनेट मंत्री राज के पुरोहित को सिरोही में दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि: जनसेवा और सिद्धांतों के एक युग का अंत

महाराष्ट्र के पूर्व कैबिनेट मंत्री राज के पुरोहित के निधन पर सिरोही में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई, जहाँ प्रबुद्धजनों ने उनके संघर्षशील जीवन को याद किया।

राज के पुरोहित को सिरोही की भावपूर्ण श्रद्धांजलि

सिरोही | राजस्थान की माटी से निकलकर महाराष्ट्र की राजनीति में अपनी एक सशक्त और अमिट पहचान बनाने वाले, प्रवासियों की बुलंद आवाज और महाराष्ट्र सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री राज के पुरोहित के आकस्मिक निधन पर बुधवार को सिरोही में एक भावपूर्ण सार्वजनिक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस सभा में नगर सहित आसपास के क्षेत्रों से आए प्रबुद्धजनों, गणमान्य नागरिकों, विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं और उनके हजारों शुभचिंतकों ने शिरकत की। उपस्थित जनसमूह ने पुरोहित की स्मृतियों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए और कहा कि उनका संपूर्ण जीवन जनसेवा, संघर्ष और उच्च सिद्धांतों से भरा रहा, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा।

प्रवासियों के मसीहा और मारवाड़ के रक्षक

उल्लेखनीय है कि गत 18 जनवरी को मुंबई में राज के पुरोहित के निधन का समाचार मिलते ही सिरोही सहित संपूर्ण राजस्थान और प्रवासी समाज में शोक की लहर दौड़ गई थी। सिरोही के रामदेव गार्डन में आयोजित इस विशेष श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने उनकी स्मृतियों को ताजा करते हुए उनके निधन को जनसेवा, संगठन और समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया। सभा में मौजूद लोगों ने एक स्वर में कहा कि प्रवासियों ने अपना मसीहा खो दिया है और मारवाड़ ने अपना सबसे बड़ा हित रक्षक।

विधायक और जनप्रतिनिधियों ने व्यक्त किए विचार

श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए विधायक समाराम गरासिया ने भावुक स्वर में कहा कि जब भी प्रवासियों की समस्याओं को लेकर उन्हें याद किया गया या फोन मिलाया गया, तो उन्होंने हमेशा तत्परता और व्यक्तिगत रुचि लेकर कार्यों को पूर्ण करवाया। गरासिया ने उनके सहयोग को याद करते हुए बताया कि उनके राजनीतिक सफर और चुनावों में भी पुरोहित का आर्थिक और नैतिक सहयोग सदैव बना रहा। इसी क्रम में महावीर जैन ने उनके उल्लेखनीय कार्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनके निधन से प्रवासियों की एक अत्यंत दबंग और प्रभावी आवाज खामोश हो गई है। भाजपा प्रदेश मंत्री नारायण पुरोहित ने उन्हें एक विराट व्यक्तित्व का नेता बताया और कहा कि उनकी कमी समाज और पार्टी को हमेशा खलेगी। समाजसेवी रघुनाथ माली ने उनकी मातृभूमि के प्रति अगाध श्रद्धा और प्रेम को याद किया।

सिरोही से मुंबई: संघर्ष की एक प्रेरक गाथा

श्रद्धांजलि सभा के दौरान वक्ताओं ने राज के पुरोहित के जीवन के उस पक्ष को भी उजागर किया जो संघर्ष और परिश्रम से भरा था। उन्होंने बताया कि स्व. राज के पुरोहित ने अपनी कॉलेज स्तर की शिक्षा सिरोही में ही पूरी की थी, जिसके पश्चात वे मुंबई पहुंचे और उसे अपनी कर्मभूमि बनाया। अत्यंत सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी ईमानदारी और कठिन परिश्रम के बल पर महाराष्ट्र की राजनीति में अपना एक विशिष्ट स्थान बनाया। एक नगरसेवक के रूप में जनसेवा की शुरुआत करने वाले पुरोहित आगे चलकर महाराष्ट्र सरकार में कैबिनेट मंत्री के पद तक पहुंचे। उनके कार्यकाल के दौरान किए गए जनहित के कार्य और संगठन के प्रति उनकी निष्ठा आज भी मिसाल के तौर पर देखी जाती है। उनका सार्वजनिक जीवन निष्कलंक और अनुशासित रहा।

एक युग का अंत और अंतिम विदाई

सभा में उपस्थित लोकेश खंडेलवाल सहित अन्य वक्ताओं ने कहा कि राजस्थान की धरा से निकलकर मुंबई की राजनीति में इतनी लंबी और सम्मानजनक पारी खेलना किसी चमत्कार से कम नहीं था। उनका जाना वास्तव में एक युग का अंत है। वे वर्षों तक देशभर में प्रवासियों के अधिकारों की पैरवी करने वाले भाजपा महाराष्ट्र के सबसे मजबूत स्तंभों में से एक थे। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत पुण्यात्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। सभा में जगदीश माली, एडवोकेट दिनेश पुरोहित, देवेंद्र डांगी, जयविक्रम हरण, दुदाराम पुरोहित, एडवोकेट महेंद्र चौहान सहित भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे। पुरोहित परिवार की ओर से दीपाराम पुरोहित ने सभी का आभार व्यक्त किया।