सिरोही में बिजली संकट पर किसानों का अल्टीमेटम: सिरोही में बिजली आपूर्ति को लेकर किसानों का फूटा गुस्सा: एडीएम को सौंपा ज्ञापन, आंदोलन की चेतावनी
सिरोही जिले की मोरली बारेवडा किसान संघर्ष समिति ने बिजली आपूर्ति में सुधार की मांग को लेकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है और व्यवस्था सुधारने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है।
सिरोही | शिवगंज तहसील के अंतर्गत आने वाले मोरली बारेवडा क्षेत्र के किसानों ने बिजली आपूर्ति की बदतर स्थिति को लेकर प्रशासन के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। किसान संघर्ष समिति के बैनर तले एकजुट हुए ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर अतिरिक्त कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और अपनी पीड़ा व्यक्त की। किसानों का कहना है कि वे लंबे समय से बिजली की अनियमितता और कटौती का सामना कर रहे हैं जिसके कारण उनकी आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है और विभाग उनकी सुनने को तैयार नहीं है।
सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह हुई ठप
ज्ञापन में बताया गया कि पिछले लगभग एक साल से बिजली आपूर्ति में गंभीर तकनीकी समस्याएं बनी हुई हैं। थ्री फेज बिजली की आपूर्ति के दौरान एक घंटे में कई बार ट्रिपिंग होती है जिससे खेतों में पानी देने वाली मोटरें बार-बार जल रही हैं। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान तो हो ही रहा है साथ ही फसलों की सिंचाई भी समय पर नहीं हो पा रही है। राज्य सरकार द्वारा निर्धारित छह घंटे की बिजली आपूर्ति के आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। किसानों को दिन के समय बिजली देने के बजाय रात में सप्लाई दी जा रही है जिससे कड़ाके की ठंड और जंगली जानवरों के खतरे के बीच उन्हें खेतों में काम करना पड़ता है।
प्रशासनिक लापरवाही और स्टाफ का अभाव
समिति ने आरोप लगाया कि बारेवडा गांव में पिछले एक साल से कोई स्थाई लाइनमैन तैनात नहीं है। ग्रामीण जब भी बिजली विभाग के सहायक अभियंता या जूनियर इंजीनियर से संपर्क करने की कोशिश करते हैं तो उन्हें कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलता है। अधिकारियों का व्यवहार भी किसानों के प्रति उदासीन बना हुआ है और वे अक्सर फोन उठाना बंद कर देते हैं। विभाग के जिम्मेदार लोग हर बार लाइन फॉल्ट होने की बात कहकर अपनी जिम्मेदारी से भाग रहे हैं। पिछले एक सप्ताह से तो थ्री फेज सप्लाई पूरी तरह बंद पड़ी है जिससे किसानों का धैर्य अब जवाब दे चुका है।
आंदोलन की बड़ी तैयारी
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे गोपाल कुमावत ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि अगले सात दिनों के भीतर बिजली व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया गया तो किसान बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे। किसानों ने स्पष्ट किया है कि वे पालड़ी एफसीएस पर धरना देंगे और यदि आवश्यकता पड़ी तो पूरी तहसील के किसान एकजुट होकर पाली और जीएसएस का घेराव करेंगे। इस ज्ञापन के दौरान बड़ी संख्या में किसान और समिति के कार्यकर्ता उपस्थित रहे जिन्होंने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी भी की और जल्द समाधान की मांग की।