सिरोही की खस्ताहाल सड़कें: सिरोही में गड्ढों में समाई सड़क सुरक्षा: बदहाल सड़कों ने ली युवती की जान, प्रशासन मौन
सिरोही शहर की सड़कों की हालत बेहद खराब है। गड्ढों की वजह से आए दिन हादसे हो रहे हैं। शुक्रवार को हुए एक दर्दनाक हादसे में एक युवती की जान चली गई और दो घायल हैं।
सिरोही | सिरोही शहर की सड़कों की स्थिति वर्तमान में इतनी दयनीय हो चुकी है कि यहां चलना किसी बड़े खतरे से खाली नहीं है। राज्य सरकार भले ही करोड़ों रुपये खर्च कर मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाने का दावा करती हो लेकिन सिरोही शहर की सड़कों की जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है। शहर के मुख्य मार्ग अब गड्ढों के जाल में तब्दील हो चुके हैं जिससे आमजन का जीवन संकट में है।
प्रशासन की अनदेखी का खामियाजा
सिरोही में आए दिन हो रही सड़क दुर्घटनाएं शासन और प्रशासन के तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। सड़कों की खामियों की वजह से दुर्घटना का शिकार हुए कुछ लोग जहां अपनी जान से हाथ धो बैठे हैं वहीं कई लोगों का जीवन हमेशा के लिए बर्बाद हो चुका है। जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते शुक्रवार की शाम को भी एक हृदय विदारक हादसा हुआ जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है।
एक दर्दनाक हादसे ने उजाड़ा परिवार
कांडला राजमार्ग पर गोयली चौराहे के पास शुक्रवार को एक तेज रफ्तार ट्रेलर ने स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में स्कूटी सवार एक युवती की मौके पर ही मौत हो गई जबकि उसकी दो अन्य सहेलियां गंभीर रूप से घायल हो गईं। ये तीनों युवतियां अपनी एक सहेली का जन्मदिन मनाने के लिए खुशी-खुशी घर से निकली थीं लेकिन रास्ते में ही काल ने उन्हें घेर लिया। हादसे के बाद अस्पताल में इलाज के दौरान धानी नामक युवती ने दम तोड़ दिया जबकि आशा और भूमिका का इलाज अभी जारी है।
सड़कों पर तीन फीट तक के गड्ढे
स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों के अनुसार सड़कों पर दो से तीन फीट तक चौड़े और एक फीट तक गहरे गड्ढे बन चुके हैं। वाहन चालकों को हर वक्त हादसे का डर बना रहता है। खराब सड़कों की वजह से न केवल जान का जोखिम है बल्कि वाहनों में भी भारी टूट-फूट हो रही है। स्थिति इतनी विकट हो चुकी है कि अब इन रास्तों पर पैदल चलना भी किसी चुनौती से कम नहीं है।
आमजन का दैनिक संघर्ष और आक्रोश
सैकड़ों लोग रोजाना नौकरी, व्यवसाय और अन्य जरूरी कामों के लिए इन मार्गों से गुजरते हैं। खराब सड़कों की वजह से उन्हें रोजाना मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है। छोटे-बड़े हादसे अब यहां की नियति बन चुके हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार विभाग, जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस गंभीर समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। प्रशासन की इसी लापरवाही का खामियाजा मासूम जनता को अपनी जान देकर भुगतना पड़ रहा है।
मरम्मत की उठ रही है मांग
शहर के विभिन्न सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने प्रशासन से जल्द से जल्द सड़कों की मरम्मत कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इन गड्ढों को नहीं भरा गया तो आने वाले दिनों में और भी बड़े हादसे हो सकते हैं। सिरोही की जनता अब केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं है उन्हें धरातल पर ठोस कार्य चाहिए ताकि भविष्य में किसी और घर का चिराग न बुझे।