भारत-पाक मैच : भारत-पाकिस्तान मैच के बहिष्कार से श्रीलंका क्रिकेट को करोड़ों का झटका, पीसीबी को लिखा कड़ा पत्र
पाकिस्तान के भारत के खिलाफ मैच न खेलने के फैसले से श्रीलंका क्रिकेट और पर्यटन क्षेत्र को भारी आर्थिक झटका लगा है, जिस पर बोर्ड ने पीसीबी को पत्र लिखा है।
कोलंबो | पाकिस्तान सरकार द्वारा 15 फरवरी को भारत के खिलाफ कोलंबो में होने वाले आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप मैच के बहिष्कार के फैसले ने क्रिकेट जगत में खलबली मचा दी है। इस हाई-वोल्टेज मुकाबले के रद्द होने की संभावना से सह-मेजबान श्रीलंका क्रिकेट (SLC) को भारी वित्तीय नुकसान होने का अंदेशा है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) को एक औपचारिक पत्र लिखकर अपनी चिंता व्यक्त की है।
श्रीलंका क्रिकेट को भारी आर्थिक क्षति का डर
टी20 वर्ल्ड कप 2026 का आयोजन भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में 7 फरवरी से शुरू होना है। टूर्नामेंट के सबसे बड़े मुकाबलों में से एक भारत-पाकिस्तान मैच के लिए कोलंबो में पूरी तैयारियां कर ली गई थीं। रिपोर्टों के अनुसार, श्रीलंका क्रिकेट अब इस आर्थिक नुकसान के मुद्दे को पीसीबी के सामने मजबूती से उठा रहा है। एसएलसी ने साफ किया है कि मैच के लिए सभी आवश्यक प्रबंध पूरे हो चुके थे और अब अंतिम समय पर इस तरह के फैसले से बोर्ड को करोड़ों का घाटा उठाना पड़ेगा।
पर्यटन और होटल सेक्टर पर बुरा असर
श्रीलंका क्रिकेट ने अपने पत्र में विशेष रूप से उल्लेख किया है कि कोलंबो में होटल बुकिंग बड़े पैमाने पर रद्द की जा रही हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच मैच देखने के लिए दुनिया भर से प्रशंसक आने वाले थे, जिससे श्रीलंका के पर्यटन क्षेत्र को बड़ी उम्मीदें थीं। अब मैच पर संशय के बाद टूरिज्म सेक्टर बुरी तरह प्रभावित हुआ है। एसएलसी ने पीसीबी को पाकिस्तान के प्रति श्रीलंका के पिछले समर्थन की याद दिलाते हुए अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है।
पाकिस्तानी खेमे की प्रतिक्रिया
दूसरी ओर, पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटरों ने एसएलसी के इस कदम को खारिज कर दिया है। उनका तर्क है कि यह मामला अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के पास है। एक पूर्व क्रिकेटर के अनुसार, पीसीबी अपनी सरकार के निर्देशों का पालन कर रहा है और श्रीलंका की आर्थिक चिंताओं का हवाला देने से पीसीबी के रुख में बदलाव की संभावना कम है।
अर्थव्यवस्था और एयरलाइंस पर दबाव
इस बड़े मैच के टलने से न केवल क्रिकेट बोर्ड बल्कि स्थानीय व्यवसायों और एयरलाइंस पर भी दबाव बढ़ गया है। विशेष ट्रैवल प्लान और चार्टर्ड उड़ानों पर फिर से विचार किया जा रहा है। इंडस्ट्री विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि यह मुद्दा नहीं सुलझा, तो श्रीलंका की अर्थव्यवस्था के एक प्रमुख स्तंभ, पर्यटन क्षेत्र को अपूरणीय क्षति हो सकती है। एसएलसी ने अब इस मामले को आईसीसी के समक्ष भी ले जाने का मन बना लिया है ताकि पीसीबी को भी इस नुकसान की जिम्मेदारी का अहसास कराया जा सके।