Highlights
- सरबजीत कौर प्रकाश पर्व के जत्थे के साथ पाकिस्तान गईं और वहीं गायब हो गईं।
- उन्होंने लाहौर के नासिर हुसैन से शादी कर इस्लाम कबूल किया और अब उनका नाम नूर हुसैन है।
- पाकिस्तानी पुलिस को सरबजीत पर भारतीय जासूस होने का शक है, जिसकी जांच जारी है।
- मामले की तुलना सीमा हैदर और सचिन मीणा की प्रेम कहानी से की जा रही है।
नई दिल्ली: पंजाब (Punjab) की सरबजीत कौर (Sarabjit Kaur) पाकिस्तान (Pakistan) में गायब हुईं। नासिर हुसैन (Nasir Hussain) से शादी कर इस्लाम (Islam) कबूल कर नूर हुसैन (Noor Hussain) बनीं। पाक पुलिस को जासूस होने का शक, तुलना सीमा हैदर (Seema Haider) से।
4 नवंबर 2025 को भारत से सिखों का एक जत्था प्रकाश पर्व मनाने के लिए पाकिस्तान गया था। इस जत्थे में कुल 1923 यात्री शामिल थे, जिन्होंने अटारी-बाघा बॉर्डर से पाकिस्तान में प्रवेश किया। यह यात्रा केवल 10 दिनों की थी और सभी यात्रियों को 13 नवंबर को पाकिस्तान से लौटना था। हालांकि, जब जत्था वापस लौटा, तो उसमें केवल 1922 लोग ही थे।
इमिग्रेशन एग्जिट रिकॉर्ड्स की जांच करने पर पता चला कि जत्थे से एक यात्री गायब है। यह यात्री 48 साल की सरबजीत कौर थीं, जो पंजाब के कपूरथला की रहने वाली हैं। उनकी गुमशुदगी का पता चलते ही भारतीय जांच एजेंसियों ने सरबजीत के पुराने रिकॉर्ड्स और बैकग्राउंड की पड़ताल शुरू कर दी, ताकि उनकी गुमशुदगी की वजह का पता लगाया जा सके।
पाकिस्तान में निकाह और नया नाम नूर हुसैन
इसी बीच पाकिस्तान से खबर आई कि सरबजीत कौर ने लाहौर के पास शेखपुरा के रहने वाले नासिर हुसैन से शादी कर ली है। एक वीडियो में सरबजीत का कबूलनामा भी सामने आया, जिसमें उन्होंने बताया कि वह नासिर को पिछले 9 साल से जानती हैं। उन्होंने इस्लाम कबूल कर उससे निकाह कर लिया है और अब उनका नया नाम नूर हुसैन है। इस घटना के बाद पाकिस्तानी पुलिस को शक है कि कहीं सरबजीत भारतीय जासूस या खुफिया एजेंट तो नहीं हैं।
यह घटना 2023 में पाकिस्तान की सीमा हैदर के भारत आने के मामले की याद दिलाती है, जब सीमा अपने प्यार के लिए चार बच्चों के साथ अवैध रास्ते से भारत आ गई थीं। उन्होंने धर्म बदलकर ग्रेटर नोएडा के रहने वाले सचिन मीणा से शादी की और तब से भारत में ही रह रही हैं। सरबजीत का पाकिस्तान जाना और वहां शादी करना कई सवाल खड़े कर रहा है।
क्या तीर्थयात्रा एक सोची-समझी योजना थी?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या सरबजीत का तीर्थ यात्रा के बहाने पाकिस्तान जाना एक सोचा-समझा प्लान था? उनकी नासिर से कब और कैसे पहचान हुई? पाकिस्तान तक पहुंचने में उसकी किसने मदद की? इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए दैनिक भास्कर ने सरबजीत के गांववालों, पाकिस्तानी जर्नलिस्ट, नासिर के गांववालों और वकील से बात कर पूरे मामले को समझने की कोशिश की है।
परिवार और गांववालों से बातचीत: बेटों से पुलिस पूछताछ
हमने सबसे पहले पंजाब के अमानीपुर गांव में सरबजीत के परिवार और गांववालों से बात की। उनके पहले पति करीब दो दशक पहले कामकाज के सिलसिले में कनाडा गए और वहीं बस गए। सरबजीत के दो बेटे हैं। पति से तलाक के बाद वह दोनों के साथ कुछ वक्त मुक्तसर साहिब में रहीं। फिर दोनों कपूरथला के अमानीपुर में अपने दादा-दादी के पास पले-बढ़े। अब दोनों की शादी हो गई है और दोनों के एक-एक बेटी भी है।
हमने सरबजीत के बेटों से बात करने की कोशिश की, लेकिन वे मीडिया से बात नहीं करना चाहते हैं। वे अपनी मां को लेकर हो रही खबरों से परेशान हैं। पंजाब पुलिस में हमारे सूत्रों ने बताया कि जब से सरबजीत के पाकिस्तान में शादी करने की खबर आई है, तब से पुलिस आए दिन उसके दोनों बेटों से सरबजीत को लेकर पूछताछ कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सरबजीत कितने सालों से पाकिस्तानी शख्स से संपर्क में थी और उसने वहां जाकर शादी करने का फैसला कब किया।
वहीं, अमानीपुर गांव के सरपंच अर्जन सिंह बताते हैं, 'मैंने पिछले 20 सालों में कभी भी सरबजीत के पति को नहीं देखा। पहले इनके दोनों बच्चों के कुछ विवाद के मामले सामने आए थे, लेकिन हाल के कुछ सालों में सब बेहतर चल रहा था।'
SGPC की सिफारिश और नई नीति
पाकिस्तान से जत्थे के लौटने के बाद जब सरबजीत की गैरमौजूदगी का पता चला, तब ही जत्था प्रमुख बीबी गुरिंदर कौर ने सुल्तानपुर लोधी की SGPC सदस्य बीबी गुरप्रीत कौर रूही को खबर दी थी। गुरप्रीत कौर ने ही सरबजीत की यात्रा की सिफारिश की थी।
गुरुप्रीत कौर ने बताया, 'सरबजीत ने अपना पासपोर्ट गुरुद्वारे में जमा कराया था और उनका वीजा तय प्रक्रिया के तहत ही हुआ था। हमारे पास जो श्रद्धालु जा रहे हैं, उनकी कोई वेरिफिकेशन प्रोसेस तो नहीं है। हम गांव वालों से ही पूछकर उनका बैकग्राउंड पता करते हैं।'
उन्होंने आगे बताया, 'जब हमें पता चला कि जत्थे से सरबजीत कौर मिसिंग हैं, तो अगले दिन मैंने सुबह सरबजीत के गांव अमानीपुर जाकर चेक किया। हमने गांव के सरपंच अर्जन सिंह के घर जाकर भी तफ्तीश की, लेकिन कुछ पता नहीं चला।
इसके बाद हम सरबजीत के घर पहुंचे। उनके बेटों को उनकी गुमशुदगी के बारे में बताया।' इस घटना के बाद शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने तय किया है कि अब से वह अकेली या तलाकशुदा महिला को पाकिस्तान जत्थेदारी के लिए जाने की इजाजत नहीं देगी।
सरबजीत का कबूलनामा: 9 साल का प्यार और मर्जी से शादी
पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, सरबजीत कौर ने 4 नवंबर को पाकिस्तान पहुंचने के बाद शेखपुरा के रहने वाले नासिर हुसैन से संपर्क किया। फिर शेखपुरा की मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश होकर गवाही भी दी कि उसने नासिर के साथ अपनी मर्जी से शादी की है और इस्लाम कबूल कर लिया है। इसके लिए उस पर कोई दबाव नहीं बनाया गया। पाकिस्तान के कोर्ट रिकॉर्ड्स के मुताबिक, इस्लाम स्वीकार करने के बाद सरबजीत ने अपना नाम नूर रख लिया है।
दोनों की शादी का 18 सेकेंड का वीडियो सोशल मीडिया और पाकिस्तानी मीडिया चैनलों पर आया। इसमें भी सरबजीत ये सारी बातें स्वीकार करती नजर आ रही हैं। वीडियो में सरबजीत कह रही हैं, 'मैं नासिर से प्यार करती हूं और उन्हें पिछले 9 साल से जानती हूं। मैं तलाकशुदा हूं और उनसे सोच-समझकर शादी कर रही हूं।'
नासिर हुसैन का परिचय और गांववालों की प्रतिक्रिया
नासिर हुसैन, पाकिस्तान के पंजाब के शेखपुरा जिले में हाल मुकीन गांव का रहने वाला है। वह मजदूरी करता था और कामकाज के लिए सऊदी अरब रहकर आया है। गांव में उसका एक छोटा सा घर है। गांव के लोग बताते हैं कि उन्हें भी शादी की खबर सोशल मीडिया और अखबारों से ही पता चली।
गांववालों का मानना है कि नासिर ने सिख जत्थे के साथ आई महिला से शादी करके गलत काम किया। जब से यह सब हुआ है, तब से गांव और आस-पास के लोग परेशान हैं। गांव में पुलिस का आना-जाना लगा हुआ है। नासिर का परिवार कहां है, इस पर उन्होंने बताया कि शादी की खबर के बाद से ही घर पर ताला लगा हुआ है और परिवार गांव से गायब है।
पुलिस गांव में आई थी और नासिर के घर का दरवाजा तोड़कर तलाशी भी ली। गांववालों ने बताया कि नासिर की प्रेम कहानी करीब 8 साल पुरानी है। उसकी पहली बीवी गांव में उसके साथ ही रहती थी। उससे नासिर के तीन बच्चे हैं। नासिर के बेटे ने अपने दोस्त को बताया भी था कि उसके अब्बू की शादी की बात चल रही है।
वकील का बयान: निकाह की पूर्व-योजना
इसके बाद हमने सरबजीत और नासिर की शादी कराने वाले पाकिस्तानी वकील अहमद हसन पाशा से बात की। वह बताते हैं, 'नासिर मेरे पास निकाह से कुछ दिन पहले आया था। तब उसने बताया था कि दूसरे मुल्क में उसकी एक दोस्त है, जिसे पाकिस्तान में लीगल असिस्टेंस दिलवाना है। मैंने उसे अपनी फीस बताई और तभी वह फीस की रकम भी दे गया था। मैंने उसे लीगल असिस्टेंस में लगने वाले डॉक्यूमेंट्स बताए और सभी इकट्ठा करने के लिए कहा।'
पाशा ने आगे बताया, 'इसके बाद नासिर सीधे 5 नवंबर को सरबजीत कौर को लेकर मेरे चैंबर में पहुंचा। सरबजीत को मुझसे मिलवाते हुए उसने बताया कि वह भारत से आई है। इसके बाद हमारी लीगल असिस्टेंस के लिए बातचीत हुई। नासिर ने यह भी बताया कि दोनों की सोशल मीडिया के जरिए जान-पहचान हुई और एक-दूसरे को 9 साल से जानते हैं।
दोनों शादी करना चाहते हैं।' वकील ने आगे बताया, 'मुझे क्लाइंट की पाकिस्तानी लॉ के मुताबिक कानूनी मदद करनी थी। मैंने नासिर से सरबजीत के बारे में कुछ जरूरी बातें पूछीं और डॉक्यूमेंट्स मांगे, जो केस बनाने के लिए जरूरी थे।' पाकिस्तान में सरबजीत शेखपुरा तक कैसे पहुंचीं?
इसके जवाब में पाशा कहते हैं, 'एक दिन पहले 4 नवंबर को ही भारत से सिख यात्रियों का जत्था पाकिस्तान पहुंचा था। सरबजीत उसी में आई थीं। मुमकिन है कि सिख यात्रियों का समूह जब ननकाना साहिब पहुंचा तो उसी बीच सरबजीत जत्थे से निकलकर नासिर से मिली हों।'
पाकिस्तानी पुलिस को जासूस होने का शक
पाकिस्तान की पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सरबजीत के शादी की जानकारी मिलने के बाद से सक्रिय हैं। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस को शक है कि सरबजीत कहीं पाकिस्तान में भारतीय जासूस बनकर तो नहीं पहुंची हैं। इस दौरान पुलिस ने कई ठिकानों पर छापेमारी भी की, जिसकी वजह से प्रेमी जोड़े को परेशान भी होना पड़ा।
हमने इसे लेकर पाकिस्तान के शेखपुरा के एक जर्नलिस्ट से भी बात की। वह भी शादी की बात पर मुहर लगाते हैं। नाम ना छापने की शर्त पर वे बताते हैं, 'मैंने नासिर और सरबजीत की शादी कराने वाले और कोर्ट में अर्जी लगाने वाले वकील से बात की। साथ ही पाकिस्तान की पंजाब पुलिस के अफसरों से भी बात की है। सरबजीत कौर उर्फ नूर हुसैन ने ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट शहबाज हसन राणा के सामने कहा है कि वह पति नासिर हुसैन के साथ रहना चाहती हैं।' शुरू में पुलिस को सरबजीत के भारत का जासूस होने का शक था। इस आधार पर पड़ताल भी की गई। पुलिस की पड़ताल और छापेमारी से परेशान होकर कपल हाईकोर्ट चला गया।
पुलिस उत्पीड़न से परेशान होकर लाहौर हाईकोर्ट पहुंचा कपल
पाकिस्तान की पंजाब पुलिस लगातार सरबजीत और नासिर को तलाश रही है। फिलहाल दोनों लापता हैं। 18 नवंबर को कपल ने पाकिस्तान की लाहौर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। दोनों ने शिकायत की कि पुलिस शादी करने की वजह से कपल को परेशान कर रही है। पुलिस ने उन पर शादी तोड़ने का दबाव भी बनाया। साथ ही दोनों को ढूंढने के लिए शेखपुरा के फर्रुखाबाद में गैरकानूनी रूप से छापेमारी भी की।
जोड़े ने कोर्ट में जो याचिका दायर की थी, उसमें सरबजीत कौर ने लिखा- 'मेरे शौहर पाकिस्तानी शहरी (नागरिक) हैं और मैंने पाकिस्तान की नागरिकता हासिल करने के लिए भारतीय अधिकारियों से संपर्क किया है।' इसके बाद लाहौर हाईकोर्ट के जस्टिस फारुक हैदर ने पुलिस को आदेश दिया कि इस शादीशुदा जोड़े को परेशान ना किया जाए।
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