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राजस्थान

सिंचाई पानी पर किसान आंदोलन: अनूपगढ़ में पानी के लिए NH-911 जाम, वार्ता बेनतीजा

बलजीत सिंह शेखावत

अनूपगढ़ और घड़साना में सिंचाई पानी की मांग को लेकर किसानों का NH-911 पर महापड़ाव जारी है। प्रशासन के साथ वार्ता विफल होने के बाद सांसद हनुमान बेनीवाल चुनावी कारणों से नागौर रवाना हो गए।

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HIGHLIGHTS

  • अनूपगढ़ और घड़साना क्षेत्र में सिंचाई पानी के लिए किसानों ने NH-911 पर चक्काजाम किया।
  • प्रशासन और किसान संघर्ष समिति की देर रात तक चली वार्ता बेनतीजा रही।
  • किसान छह बारी पानी मांग रहे हैं, जबकि विभाग पांच बारी देने पर अड़ा है।
  • सांसद हनुमान बेनीवाल चुनावी व्यस्तता के चलते दो दिन के लिए नागौर लौटे।
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अनूपगढ़ | राजस्थान के अनूपगढ़ और घड़साना क्षेत्र में सिंचाई पानी की नियमित व्यवस्था को लेकर किसानों का आक्रोश उग्र रूप लेता जा रहा है।

रबी फसलों की बुवाई और पकाव के लिए पानी सुनिश्चित करने की मांग को लेकर किसानों ने नेशनल हाईवे नंबर 911 पर मोर्चा खोल दिया है।

12 एमडी टोल नाके के पास किसानों का पिछले दो दिनों से लगातार चक्काजाम और उग्र प्रदर्शन जारी है।

प्रशासन और संघर्ष समिति की वार्ता रही बेनतीजा

रविवार शाम को प्रशासन के न्योते पर खेत बचाओ किसान बचाओ संघर्ष समिति की 15 सदस्यीय कोर कमेटी अनूपगढ़ पहुंची।

प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समिति की मैराथन बैठक आयोजित की गई।

बैठक के दौरान जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता अमरजीत मेहरड़ा से फोन पर संपर्क किया गया।

रात करीब 10:45 बजे तक चली यह महत्वपूर्ण वार्ता पूरी तरह विफल रही, जिससे किसानों में नाराजगी बढ़ गई।

पानी की बारी और रेगुलेशन पर गतिरोध

किसानों और सिंचाई विभाग के बीच मुख्य विवाद पानी की बारी और रेगुलेशन को लेकर अटका हुआ है।

  • किसान रबी फसल की बुवाई और पकाव के लिए छह बारी पानी की मांग कर रहे हैं।
  • किसान जनवरी में समीक्षा के बाद दो अतिरिक्त बारी पानी देने के निर्णय पर अड़े हैं।
  • सिंचाई विभाग व्यवस्था के तहत केवल पांच बारी पानी का रेगुलेशन देने की बात कह रहा है।
  • विभाग ने जनवरी में समीक्षा के बाद केवल एक अतिरिक्त बारी पानी का आश्वासन दिया है।

दोनों पक्षों के प्रस्तावों में बड़ा अंतर होने के कारण यह गतिरोध खत्म नहीं हो सका है।

सांसद हनुमान बेनीवाल का रुख और नागौर वापसी

आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे आरएलपी सुप्रीमो और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल भी धरने पर मौजूद रहे।

धरना स्थल पर किसानों को संबोधित करते हुए सांसद हनुमान बेनीवाल ने सरकार की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार किया।

घड़साना और रावला क्षेत्र के किसान पिछले पच्चीस सालों से अपने हक के पानी के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार की हठधर्मिता के कारण किसानों को सड़कों पर उतरना पड़ रहा है।

वार्ता विफल होने के बाद सांसद बेनीवाल अपने काफिले के साथ नागौर के लिए रवाना हो गए।

उन्होंने कहा कि पंचायती राज चुनाव के प्रथम चरण के नामांकन में केवल दो दिन शेष हैं, इसलिए वे लौट रहे हैं।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि दो दिन बाद वे फिर से किसानों के बीच लौटकर आंदोलन को मजबूती देंगे।

यातायात व्यवस्था ठप, आमजन परेशान

किसान आंदोलन के कारण नेशनल हाईवे नंबर 911 पर आवागमन पूरी तरह चरमरा गया है।

अनूपगढ़ से घड़साना, खाजूवाला और बीकानेर जाने वाले मुख्य मार्ग बंद होने से बस संचालन ठप हो गया है।

राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के अनूपगढ़ आगार के लगभग साठ प्रतिशत रूट इस आंदोलन से प्रभावित हुए हैं।

*Edit with Google AI Studio

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