जयपुर | राजस्थान की राजनीति के पितामह कहे जाने वाले भैरोंसिंह शेखावत को आज उनकी पुण्यतिथि पर याद किया जा रहा है। इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है।
बाबोसा पर गहलोत: भैरोंसिंह शेखावत की पुण्यतिथि पर गहलोत ने भाजपा को घेरा
अशोक गहलोत ने भाजपा पर शेखावत की उपेक्षा का आरोप लगाया और अंतिम संस्कार की जमीन का मुद्दा उठाया।
HIGHLIGHTS
- अशोक गहलोत ने भैरोंसिंह शेखावत की पुण्यतिथि पर भाजपा की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाए हैं।
- गहलोत का दावा है कि शेखावत के उपराष्ट्रपति बनने पर भाजपा ने कोई सम्मान समारोह नहीं किया।
- पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार होती तो शेखावत के अंतिम संस्कार की अनुमति नहीं देती।
- कांग्रेस ने विद्याधर नगर स्टेडियम में शेखावत के स्मारक के लिए जमीन आवंटित करने का श्रेय लिया है।
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भाजपा पर उपेक्षा के गंभीर आरोप
अशोक गहलोत ने एक भावुक और आक्रामक पोस्ट साझा करते हुए सीधे भाजपा की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने अपने ही दिग्गज नेता को हमेशा दरकिनार किया है।
गहलोत ने एक पुरानी घटना का जिक्र करते हुए लिखा कि जब भैरोंसिंह शेखावत देश के उपराष्ट्रपति बने थे, तब राजस्थान में भाजपा ने उनके सम्मान में कोई बड़ा कार्यक्रम नहीं रखा था।
उनके अनुसार, भाजपा ने अपने सबसे बड़े चेहरे का कद छोटा करने की कोशिश की। जबकि कांग्रेस ने विचारधारा अलग होने के बावजूद हमेशा उनके विशाल व्यक्तित्व और राजनीतिक कद का सम्मान किया।
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अंतिम संस्कार और स्मारक पर विवाद
गहलोत ने शेखावत के निधन के बाद के घटनाक्रम को याद करते हुए भाजपा पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि शेखावत जी के निधन के दिन ही कांग्रेस सरकार ने त्वरित निर्णय लिया था।
कांग्रेस सरकार ने उनके परिजनों से चर्चा कर विद्याधर नगर स्टेडियम में उनके दाह संस्कार के लिए जमीन आवंटित की थी। गहलोत ने दावा किया कि यह निर्णय शेखावत जी के सम्मान में लिया गया था।
"पूरे प्रदेश में आज भी यह चर्चा है कि यदि उस समय भाजपा सरकार होती, तो वे विद्याधर नगर में अंतिम संस्कार की अनुमति तक नहीं देते और न ही वहां स्मारक बनने देते।"
उन्होंने कहा कि आज वहां जो भव्य स्मारक बना है, वह कांग्रेस सरकार की इच्छाशक्ति का परिणाम है। गहलोत के इस बयान ने राजस्थान की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है।

बाबोसा और गहलोत के निजी रिश्ते
अशोक गहलोत अक्सर भैरोंसिंह शेखावत के साथ अपने मधुर संबंधों का जिक्र करते रहे हैं। इस पोस्ट के जरिए उन्होंने फिर साबित किया कि वे शेखावत जी को एक 'स्टेट्समैन' मानते हैं।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन मानवीय मूल्यों और वरिष्ठों के सम्मान में कांग्रेस कभी पीछे नहीं रही। वहीं भाजपा ने अपने नेताओं को सम्मान देने में हमेशा कंजूसी बरती।
गहलोत के इस पोस्ट के बाद राजस्थान भाजपा में हड़कंप मच गया है। भाजपा के कई दिग्गज नेता अब गहलोत के दावों को गुमराह करने वाला बता रहे हैं और पलटवार की तैयारी कर रहे हैं।
यह मुद्दा आने वाले दिनों में और गरमा सकता है क्योंकि 'बाबोसा' की विरासत पर अधिकार जताना राजस्थान में बड़ा वोट बैंक प्रभावित करता है। गहलोत ने साक्ष्यों के जरिए जनता के बीच अपनी बात रखी है।
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