चेन्नई | तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़े घटनाक्रम के तहत, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) से इस्तीफा दे दिया है। इसके कुछ ही घंटों बाद उन्होंने अपनी नई राजनीतिक पार्टी के गठन का ऐलान कर दिया, जिससे राज्य में सियासी हलचल तेज हो गई है।
अन्नामलाई की नई पार्टी: BJP छोड़ अन्नामलाई ने बनाई नई पार्टी, लड़ेंगे चुनाव
बीजेपी से इस्तीफे के बाद अन्नामलाई ने नई पार्टी का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी तमिलनाडु में अगला विधानसभा चुनाव लड़ेगी।
HIGHLIGHTS
- बीजेपी से इस्तीफा देने के बाद अन्नामलाई ने अपनी नई राजनीतिक पार्टी की घोषणा की।
- अन्नामलाई ने ऐलान किया कि उनकी पार्टी तमिलनाडु में आगामी विधानसभा चुनाव लड़ेगी।
- उन्होंने इस्तीफे का कारण बीजेपी नेतृत्व के साथ तमिलनाडु के मुद्दों पर मतभेद बताया।
- अन्नामलाई के नेतृत्व में लोकसभा चुनाव में बीजेपी का वोट शेयर 3% से बढ़कर 11% हुआ था।
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नई पार्टी का ऐलान और चुनावी रणनीति
अपनी नई पार्टी की घोषणा करते हुए अन्नामलाई ने कहा, "आज हम एक नए आंदोलन की शुरुआत कर रहे हैं।" उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी राजनीतिक पार्टी तमिलनाडु के अगले विधानसभा चुनाव में पूरे दमखम के साथ मैदान में उतरेगी। यह कदम उनके समर्थकों के लिए एक बड़ा संकेत है।
अन्नामलाई ने अपने इस्तीफे के पीछे की वजहों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि यह एक बड़ा विवाद था कि मैं BJP का आदमी हूं या तमिलियन।
मैंने 4 दिसंबर 2025 को पार्टी को बताया कि मैं इस्तीफा देने जा रहा हूं। पार्टी ने मुझसे चुनाव खत्म करने और फिर जाने को कहा।
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यह बयान उनके और पार्टी के बीच चल रहे मतभेदों को उजागर करता है।
नेतृत्व से क्यों थे मतभेद?
सूत्रों के मुताबिक, अन्नामलाई और बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व के बीच तमिलनाडु के मुद्दों को लेकर गंभीर मतभेद थे। अपने इस्तीफे में उन्होंने बीजेपी नेतृत्व का आभार जताया, लेकिन यह भी लिखा कि राज्य के मुद्दों पर उनके और पार्टी के विचार मेल नहीं खाते।
यह घटनाक्रम उनकी नई दिल्ली में बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन, संगठन महासचिव बी.एल. संतोष और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के तीन दिन बाद हुआ है। इस मुलाकात में शायद कोई हल नहीं निकल पाया।
बीजेपी का प्रदर्शन और अन्नामलाई का प्रभाव
अन्नामलाई के इस कदम की अटकलें काफी समय से लगाई जा रही थीं, खासकर तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में बीजेपी के खराब प्रदर्शन के बाद। एआईएडीएमके के साथ गठबंधन में लड़ते हुए बीजेपी केवल 3 प्रतिशत वोट ही हासिल कर सकी थी।
हालांकि, अन्नामलाई के नेतृत्व में 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी का वोट शेयर 3 प्रतिशत से बढ़कर 11 प्रतिशत हो गया था। इसके बावजूद पार्टी कोई भी सीट जीतने में नाकाम रही।
उनके जन्मदिन से पहले कोयंबटूर में 'हमारे नेता, आइए और हमारा नेतृत्व कीजिए' जैसे पोस्टर भी देखे गए थे, जिससे इन चर्चाओं को और बल मिला था।
आगे की राह
चुनावी नतीजों और एआईएडीएमके के साथ तनावपूर्ण संबंधों के चलते 2025 में उन्हें प्रदेश अध्यक्ष पद से हटा दिया गया था। उनकी जगह नैनार नागेंद्रन को यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
अब अपनी नई पार्टी के साथ अन्नामलाई तमिलनाडु की राजनीति में एक नई पारी खेलने के लिए तैयार हैं। देखना यह होगा कि वह द्रविड़ राजनीति के गढ़ में कितना प्रभाव डाल पाते हैं और क्या वह बीजेपी के वोट बैंक में सेंध लगा पाएंगे।
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