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राज्य

प्रदेशाध्यक्ष्र के आगमन की आहट से उत्साहित है कांग्रेस: मंत्री की शवयात्रा, PBM अस्पताल में भारी हंगामा

महेन्द्रसिंह शेखावत

युवक कांग्रेस ने चिकित्सा मंत्री के खिलाफ प्रदर्शन किया, पुलिस ने बल प्रयोग कर भीड़ को खदेड़ा।

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HIGHLIGHTS

  • बीकानेर के PBM अस्पताल में युवक कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन।
  • कार्यकर्ताओं ने चिकित्सा मंत्री की प्रतीकात्मक शवयात्रा निकाली।
  • प्रशासनिक ब्लॉक में घुसने का प्रयास, पुलिस से हुई झड़प।
  • पुलिस ने अतिरिक्त बल बुलाकर स्थिति पर काबू पाया।
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बीकानेर | प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के आगमन से पहले बीकानेर की राजनीति में उबाल देखने को मिला। शुक्रवार को युवक कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने राज्य के चिकित्सा मंत्री के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन पीबीएम अस्पताल परिसर में हुआ, जहां स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

क्या है पूरा मामला?

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष के बीकानेर दौरे की खबरों के बीच स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जोश भर गया है। इसी उत्साह और आक्रोश के मिले-जुले माहौल में युवक कांग्रेस ने यह प्रदर्शन आयोजित किया।

कार्यकर्ताओं ने चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए चिकित्सा मंत्री की प्रतीकात्मक शवयात्रा निकाली। यह शवयात्रा अस्पताल परिसर में घुमाई गई, जिससे वहां मौजूद मरीजों और उनके परिजनों में अफरा-तफरी मच गई।

अस्पताल में तनावपूर्ण स्थिति

लगभग दो सौ प्रदर्शनकारियों की भीड़ नारेबाजी करते हुए पीबीएम अस्पताल के प्रशासनिक ब्लॉक की ओर बढ़ने लगी। उनका इरादा ब्लॉक में जबरन घुसकर अपना विरोध दर्ज कराना था।

मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारियों की संख्या अधिक होने के कारण वे असफल रहे। कुछ समय के लिए स्थिति नियंत्रण से बाहर होती दिखी।

"अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर इस तरह का हंगामा सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलता है," एक प्रत्यक्षदर्शी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा।

पुलिस ने संभाला मोर्चा

स्थिति को बिगड़ता देख तत्काल अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर बुलाया गया। भारी पुलिस जाब्ता पहुंचते ही माहौल बदल गया।

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को चेतावनी दी, लेकिन जब वे नहीं माने तो हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। पुलिस ने भीड़ को प्रशासनिक ब्लॉक से दूर खदेड़ दिया और स्थिति पर पूरी तरह से नियंत्रण स्थापित कर लिया।

सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल

इस पूरे घटनाक्रम ने अस्पताल जैसे संवेदनशील क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदर्शन के कारण मरीजों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।

यह घटना इस बात पर भी प्रकाश डालती है कि राजनीतिक प्रदर्शनों के लिए स्थानों का चयन कितना महत्वपूर्ण है और प्रशासन को ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए कितनी तैयारी की आवश्यकता है।

*Edit with Google AI Studio

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