बूंदी | राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश के विकास को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि उनकी सरकार का संकल्प हर गांव और हर घर तक विकास की किरण पहुंचाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को उसका हक दिलाना ही सरकार की प्राथमिकता है। डबल इंजन की सरकार राजस्थान के सभी वर्गों के विकास के लिए पूरी निष्ठा से काम कर रही है। उन्होंने बूंदी जिले के हिण्डोली में आयोजित एक भव्य समारोह को संबोधित किया। यह अवसर महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती का था, जहां उन्होंने करोड़ों रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी। भजनलाल शर्मा ने हिण्डोली में 70 करोड़ रुपये की लागत के 24 विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि विकास के लिए बजट की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के सभी 200 विधानसभा क्षेत्रों को विकास के लिए पर्याप्त बजट आवंटित किया गया है। यह कदम राज्य के संतुलित विकास को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
भजनलाल का बूंदी को विकास का तोहफा: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बूंदी में 70 करोड़ के कार्यों का किया शिलान्यास, महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती पर दी शिक्षा और विकास की बड़ी सौगातें
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बूंदी के हिण्डोली में विकास कार्यों की झड़ी लगा दी है। उन्होंने महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती पर शिक्षा, रोजगार और बुनियादी ढांचे के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं और भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार किया।
HIGHLIGHTS
- मुख्यमंत्री ने बूंदी के हिण्डोली में 70 करोड़ रुपये की लागत के 24 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
- प्रदेश के हर ब्लॉक में 'सावित्री बाई फुले ई-लाइब्रेरी' और जिलों में 'महात्मा ज्योतिबा फुले आदर्श विद्यालय' की स्थापना होगी।
- भजनलाल सरकार ने युवाओं के लिए 1.25 लाख सरकारी नियुक्तियां दी हैं और 1.35 लाख पदों पर भर्ती प्रक्रियाधीन है।
- बूंदी की रामसागर झील पर भगवान श्रीराम की 21 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की जाएगी और पर्यटन विकास के कार्य होंगे।
संबंधित खबरें
महात्मा ज्योतिबा फुले की विरासत और शिक्षा सुधार
महात्मा ज्योतिबा फुले को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने सामाजिक समानता के लिए ऐतिहासिक कार्य किए। फुले ने शिक्षा के क्षेत्र में जो सुधार किए, वे आज भी प्रेरणादायी हैं। उन्होंने कहा कि महात्मा फुले ने समाज में शिक्षा की अलख जगाई। उन्होंने सबसे पहले अपनी धर्मपत्नी सावित्री बाई फुले को शिक्षित किया, जो नारी शिक्षा के क्षेत्र में एक क्रांति थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि अगले एक वर्ष तक महात्मा ज्योतिबा फुले की द्विशताब्दी जयंती मनाई जाएगी। यह उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का अभियान है। शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक ब्लॉक में एक उच्च माध्यमिक विद्यालय में 'सावित्री बाई फुले ई-लाइब्रेरी' खोली जाएगी। इससे ग्रामीण बच्चों को आधुनिक संसाधन मिलेंगे। इसके साथ ही समस्त जिलों में 'महात्मा ज्योतिबा फुले आदर्श विद्यालय' स्थापित किए जाएंगे। ये विद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के केंद्र बनेंगे और फुले के आदर्शों को जीवंत रखेंगे।
सामाजिक सुरक्षा और जनकल्याणकारी योजनाएं
मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद परिवारों को अब मात्र 450 रुपये में रसोई गैस सिलेंडर दिया जा रहा है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन में की गई वृद्धि का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इससे बुजुर्गों और असहायों को संबल मिला है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए तीर्थ यात्रा योजना को भी सुचारू रूप से चलाया जा रहा है। भजनलाल शर्मा ने 'राइजिंग राजस्थान' समिट की सफलता के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि राज्य में 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू हुए हैं, जो राजस्थान की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई देंगे। उन्होंने खुशी जताई कि इनमें से लगभग 9 लाख करोड़ रुपये के एमओयू धरातल पर उतरने लगे हैं। इससे न केवल औद्योगिक विकास होगा, बल्कि स्थानीय युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा। युवाओं के लिए स्वरोजगार की योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि नई युवा नीति के माध्यम से सरकार सहायता दे रही है। युवाओं के सपनों को पंख लगाने के लिए सरकार हर संभव मदद कर रही है।
संबंधित खबरें
धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्रों का कायाकल्प
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में धार्मिक केंद्रों का उत्थान हो रहा है। अयोध्या में प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर इसका सबसे बड़ा प्रमाण है। उन्होंने काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और उज्जैन के महाकाल महालोक का उदाहरण दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सांस्कृतिक विरासत को संजोना और उसे आधुनिकता से जोड़ना हमारी सरकार का लक्ष्य है। वर्ष 2014 के बाद देश में आए बदलावों पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि गरीब कल्याण की योजनाओं ने जीवन बदला है। आतंकवाद और नक्सलवाद का खात्मा कर देश को सुरक्षित बनाया गया है। उन्होंने कहा कि आज दुनिया में भारत का गौरव बढ़ा है। गरीब, युवा, किसान और महिला—ये चार वर्ग मोदी सरकार के विकास के केंद्र में हैं और राजस्थान सरकार भी इसी पथ पर चल रही है। महिलाओं के लिए उज्ज्वला योजना और शौचालय निर्माण जैसे कार्यों ने उनका सम्मान बढ़ाया है। वहीं किसानों को सम्मान निधि और आमजन को आयुष्मान योजना से स्वास्थ्य सुरक्षा मिल रही है।
बिजली, पानी और बुनियादी ढांचे का रोडमैप
राजस्थान की सबसे बड़ी समस्या पानी और बिजली को लेकर मुख्यमंत्री ने ठोस रोडमैप पेश किया। उन्होंने राम जल सेतु लिंक परियोजना और यमुना जल समझौते को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी नहर और गंगनहर के सुदृढ़ीकरण का काम तेजी से चल रहा है। देवास परियोजना का विस्तार और ब्राह्मणी नदी से संबंधित प्रोजेक्ट्स पर भी काम शुरू हो चुका है। किसानों की सुविधा के लिए 24 जिलों में दिन में बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने जेजेएम घोटाले पर बोलते हुए कहा कि भ्रष्टाचार ने हर घर नल योजना को नुकसान पहुंचाया है। मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पिछली सरकार के समय हुए घोटालों की जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। पेपरलीक मामले पर उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया था। हमारी सरकार ने आते ही एसआईटी बनाई और दोषियों को जेल भेजा, जिसका परिणाम है कि अब कोई पेपर लीक नहीं हुआ।
बूंदी जिले के लिए विशेष घोषणाएं और विकास
मुख्यमंत्री ने बूंदी के विकास के लिए पिछले तीन बजटों का हिसाब दिया। उन्होंने बताया कि चम्बल कमांड क्षेत्र में 353 करोड़ रुपये की लागत से पक्की लाइनिंग और खेत सुधार के कार्य हो रहे हैं। सड़क तंत्र को मजबूत करने के लिए बूंदी-सीलोर-नमाना मार्ग पर 184 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। साथ ही एनएच-148डी से एसएच-34 तक नई सड़क के लिए निविदाएं जारी कर दी गई हैं। उन्होंने लाखेरी योजना के तहत बन रहे 195 आवासों का भी जिक्र किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि राम जल सेतु लिंक परियोजना के पहले चरण में 9,500 करोड़ के काम प्रगति पर हैं। बूंदी शहर की आवासीय कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाओं के लिए 23 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इसके साथ ही 60 करोड़ की लागत से विभिन्न स्थानों पर एनीकट निर्माण और मरम्मत के कार्य होंगे। एक अनूठी पहल के रूप में जिले में 'स्कूल ऑन व्हील्स' स्थापित किया जाएगा। वहीं युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल डेवलपमेंट एंड वोकेशनल ट्रेनिंग की सुविधा दी जाएगी।
रामसागर झील और सनातन संस्कृति का उत्थान
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने रामसागर झील के सौंदर्यीकरण कार्यों का अवलोकन किया। उन्होंने झील के किनारे भगवान श्रीराम की 21 फीट ऊंची प्रतिमा बनाने की घोषणा की, जो आस्था का केंद्र बनेगी। उन्होंने झील पर सीपेज की समस्या के समाधान का आश्वासन भी दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार सनातन संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए पूरी तरह समर्पित है। कार्यक्रम से पहले उन्होंने घाट पूजन कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की। साथ ही वीर तेजाजी मंदिर में दर्शन किए और महात्मा ज्योतिबा फुले की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैया लाल चौधरी और ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर भी मौजूद रहे। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने बजट घोषणाओं के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। अंत में मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि सभी प्रदेशवासी फुले दंपत्ति के आदर्शों को अपनाएं। उन्होंने कहा कि सबके साथ और सबके विकास से ही राजस्थान को विकसित राज्य बनाया जा सकता है।
ताज़ा खबरें
जोधपुर: एम्स और एनएलयू के बीच विधि और चिकित्सा पर ऐतिहासिक संवाद, इच्छामृत्यु और पेटेंट कानून पर हुई गहन चर्चा
भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग को मिली नई उड़ान: एयर चीफ मार्शल एपी सिंह का अहम दौरा और रणनीतिक चर्चा
राजस्थान में लखपति दीदियों के लिए बनेगा नया रोडमैप, मुख्य सचिव ने दिए 10-स्टेप रिफॉर्म के निर्देश
इस्लामाबाद में ईरान-अमेरिका की 24 घंटे लंबी बातचीत बेनतीजा, क्या फिर मंडराएंगे युद्ध के बादल?