नई दिल्ली | वैश्विक तेल बाजार में बुधवार को बड़ी राहत देखने को मिली, जब कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम होने और तेल सप्लाई सुधरने के संकेतों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। हालांकि, भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम फिलहाल स्थिर हैं।
India: कच्चे तेल में बड़ी गिरावट, क्या भारत में सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल?
होर्मुज में तनाव कम होने और सप्लाई बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई है। जानिए भारत पर इसका क्या असर होगा।
HIGHLIGHTS
- पश्चिम एशिया में तनाव कम होने से वैश्विक तेल बाजार में नरमी आई है।
- ब्रेंट क्रूड 76.08 डॉलर और WTI क्रूड 72.22 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
- भारत के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें फिलहाल स्थिर बनी हुई हैं।
- वित्तीय संस्था मैक्वेरी ग्रुप ने भविष्य के लिए तेल की कीमतों का अनुमान घटा दिया है।
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क्यों गिरे कच्चे तेल के दाम?
तेल की कीमतों में इस गिरावट के पीछे कई वैश्विक कारक काम कर रहे हैं। सबसे प्रमुख कारण मध्य पूर्व में घटता भू-राजनीतिक तनाव है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में सामान्य स्थिति
ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत के प्रयासों से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में स्थिति सामान्य हो रही है। यह दुनिया के सबसे व्यस्त शिपिंग मार्गों में से एक है।
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जहाजों की आवाजाही अब पहले की तरह सामान्य हो रही है और जहाज अपने सैटेलाइट ट्रैकिंग सिस्टम को भी चालू रख रहे हैं, जिससे सप्लाई की चिंताएं कम हुई हैं।
खाड़ी देशों ने बढ़ाया उत्पादन
इसके साथ ही, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कुवैत और इराक जैसे प्रमुख तेल उत्पादक देशों ने उत्पादन और निर्यात बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, UAE युद्ध से पहले के उत्पादन स्तर का लगभग 85% तक पहुंच गया है, जिससे बाजार में तेल की उपलब्धता बढ़ी है।
भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद, भारत में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
प्रमुख शहरों में कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। नई दिल्ली में पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर है, जबकि मुंबई में यह क्रमशः ₹111.21 और ₹97.83 है।
भविष्य के लिए क्या हैं अनुमान?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अब निवेशकों का ध्यान सप्लाई में रुकावट की आशंकाओं से हटकर निर्यात और शिपिंग गतिविधियों पर केंद्रित हो गया है।
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि निवेशक अब सप्लाई बाधित होने की आशंकाओं के बजाए एक्सपोर्ट और शिपिंग गतिविधियों पर अधिक ध्यान दे रहे हैं।
मैक्वेरी ग्रुप ने घटाया अनुमान
खाड़ी क्षेत्र से तेल आपूर्ति के सामान्य होने की संभावना को देखते हुए, वैश्विक वित्तीय संस्था मैक्वेरी ग्रुप लिमिटेड ने अपने मूल्य अनुमानों में कटौती की है।
संस्था ने 2026 के लिए ब्रेंट क्रूड का अनुमान 89 डॉलर प्रति बैरल से घटाकर 77 डॉलर कर दिया है। यह एक महत्वपूर्ण बदलाव है।
इसी तरह, 2027 के लिए औसत ब्रेंट मूल्य का अनुमान 74 डॉलर से घटाकर 64 डॉलर प्रति बैरल कर दिया गया है, जो लंबी अवधि में कीमतों पर दबाव का संकेत देता है।
कुल मिलाकर, वैश्विक संकेतों से कच्चे तेल के बाजार में राहत है। अगर यह गिरावट जारी रहती है, तो आने वाले समय में भारतीय उपभोक्ताओं को भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में राहत मिलने की उम्मीद की जा सकती है।
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