चीन | चाय के शौकीन दुनिया भर में मिल जाएंगे, लेकिन क्या आप ऐसी चाय के बारे में जानते हैं जिसकी कीमत सुनकर आपके होश उड़ जाएंगे? चीन की 'दा होंग पाओ' (Da Hong Pao) दुनिया की सबसे महंगी चाय मानी जाती है। इसकी कीमत सोने से 30 गुना ज्यादा है। इस चाय के मात्र 20 ग्राम की कीमत में आप एक आलीशान फ्लैट या लग्जरी कार खरीद सकते हैं। यह सुनने में भले ही फिल्मी लगे, लेकिन सच है।
दुनिया की सबसे महंगी चाय: सोने से 30 गुना महंगी है यह चाय, 20 ग्राम की कीमत में आ जाएगी लग्जरी कार और आलीशान फ्लैट
चीन की दा होंग पाओ चाय दुनिया की सबसे दुर्लभ और महंगी चाय है, जिसकी कीमत सोने से भी 30 गुना अधिक है। इसके मात्र 20 ग्राम की कीमत लाखों में है।
HIGHLIGHTS
- दा होंग पाओ चाय की कीमत सोने के मुकाबले 30 गुना ज्यादा महंगी है।
- इसके महज 20 ग्राम की कीमत करीब 18 से 20 लाख रुपये तक हो सकती है।
- यह चाय चीन के फुजियान प्रांत के वुईशान पहाड़ों में स्थित दुर्लभ 'मदर ट्री' से आती है।
- इतिहास में एक चीनी सम्राट की मां इस चाय को पीकर गंभीर बीमारी से ठीक हुई थीं।
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कीमत और नीलामी का इतिहास
साल 2002 में चीन में हुई एक नीलामी ने सबको हैरान कर दिया था। वहां एक शख्स ने 20 ग्राम चाय के लिए 20 लाख रुपये चुकाए थे। अगर आज के हिसाब से गणना करें, तो इस चाय के एक कप की कीमत ही करीब 10 लाख रुपये के आसपास बैठती है। यह कीमत किसी भी आम इंसान की कल्पना से परे है। यही कारण है कि इसे दुनिया का सबसे महंगा पेय पदार्थ कहा जाता है।
क्यों है यह इतनी दुर्लभ?
इस चाय की इतनी अधिक कीमत होने की सबसे बड़ी वजह इसकी दुर्लभता (Scarcity) है। यह कोई साधारण चाय की पत्ती नहीं है। असली दा होंग पाओ चाय चीन के फुजियान प्रांत के वुईशान पहाड़ों में मौजूद खास 'मदर ट्री' यानी पुराने पेड़ों से आती है। दुनिया में इन असली पेड़ों की संख्या अब उंगलियों पर गिनी जा सकती है। ये पेड़ अब चीन की सरकारी संपत्ति घोषित किए जा चुके हैं। सालों तक इन पेड़ों की सुरक्षा के लिए हथियारबंद जवान तैनात रहते थे। इन पेड़ों से साल भर में मात्र कुछ सौ ग्राम चाय ही निकलती है।
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औषधीय गुण और शाही इतिहास
माना जाता है कि इस चाय को पीने से कई गंभीर बीमारियां ठीक हो सकती हैं। इसमें कई दुर्लभ औषधीय गुण पाए जाते हैं। 'दा होंग पाओ' का मतलब होता है 'बड़ा लाल चोगा'। एक प्राचीन कहानी के अनुसार, एक सम्राट की मां इस चाय से स्वस्थ हुई थीं। राजा ने खुशी में उन चाय के पेड़ों को अपना शाही लाल चोगा ओढ़ा दिया था। तभी से इस चाय को यह अनोखा नाम मिला है।
आम आदमी के लिए विकल्प
असली 'मदर ट्री' वाली चाय तो अब आम लोगों के लिए नामुमकिन है। यह ज्यादातर चीन के बड़े सरकारी अधिकारियों के लिए ही रिजर्व रहती है। हालांकि, उन्हीं पेड़ों की टहनियों से तैयार किए गए नए पौधों की चाय बाजार में उपलब्ध है। इसकी कीमत 8,000 रुपये प्रति किलो तक होती है। अच्छी गुणवत्ता वाली यह चाय वुईशान के बाजारों में मिल जाती है। लेकिन असली 'एंटीक' चाय खरीदना केवल अरबपतियों के बस की बात है।
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