नई दिल्ली | सोने की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। हाल ही में, महज 10 दिनों के अंदर सोने के भाव में करीब 1000 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे निवेशक असमंजस में हैं। सवाल यह है कि क्या यह सोना खरीदने का सही समय है, या फिर अपने निवेश को बेच देना चाहिए?
सोना खरीदें, बेचें या रुकें?: सोना 10 दिन में ₹1000 टूटा, खरीदें या बेचें? जानें
पिछले 10 दिन में सोना सस्ता हुआ है। एक्सपर्ट्स से समझिए कि इस गिरावट में निवेश करना चाहिए या नहीं।
HIGHLIGHTS
- पिछले 10 दिनों में 24 कैरेट सोने का भाव करीब 980 रुपये प्रति 10 ग्राम तक गिर गया है।
- कीमतों में गिरावट का मुख्य कारण महंगाई का डर और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें ऊंची रखने की आशंका है।
- कमोडिटी एक्सपर्ट्स घबराकर सोना बेचने की बजाय गिरावट को खरीदारी के मौके के तौर पर देखने की सलाह दे रहे हैं।
- विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी अवधि में सोना MCX पर 1.90 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है।
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क्यों गिर रहे हैं सोने के दाम?
आमतौर पर माना जाता है कि जब दुनिया में तनाव बढ़ता है, तो निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की ओर भागते हैं, जिससे कीमतें बढ़ती हैं। लेकिन इस बार समीकरण थोड़ा अलग नजर आ रहा है।
भू-राजनीतिक तनाव का सीमित असर
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव जैसी बड़ी वैश्विक घटनाओं के बावजूद सोने की कीमतों में अपेक्षित तेजी नहीं आई है। कीमतें कभी ऊपर जाती हैं तो कभी अचानक फिसल जाती हैं।
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इसका मतलब है कि बाजार सिर्फ भू-राजनीतिक तनाव से ही नहीं, बल्कि दूसरे बड़े कारकों से भी प्रभावित हो रहा है।
महंगाई और ब्याज दरों का खेल
सोने की चाल तय करने वाला सबसे बड़ा फैक्टर इस समय महंगाई का डर है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने दुनियाभर में महंगाई बढ़ने की चिंता बढ़ा दी है।
बढ़ती महंगाई को काबू में करने के लिए अमेरिकी फेडरल रिजर्व अपनी ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रख सकता है।
जब ब्याज दरें ऊंची होती हैं, तो निवेशक बिना ब्याज वाले सोने की बजाय अमेरिकी बॉन्ड्स जैसे विकल्पों में पैसा लगाना पसंद करते हैं, जहां उन्हें निश्चित रिटर्न मिलता है। इसी वजह से सोने पर दबाव बना हुआ है।
निवेशकों के लिए क्या है सही रणनीति?
कीमतों में इस गिरावट के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि निवेशकों को क्या करना चाहिए। क्या यह घबराने का समय है या मौके का फायदा उठाने का?
घबराकर बेचने का समय नहीं
कमोडिटी एक्सपर्ट पृथ्वीराज कोठारी का मानना है कि यह घबराकर सोना बेचने का बिल्कुल सही समय नहीं है। उनका कहना है कि दुनिया भर के केंद्रीय बैंक लगातार सोना खरीद रहे हैं।
यह संकेत देता है कि लंबी अवधि में सोने की चमक बरकरार रहने की पूरी उम्मीद है।
बाजार में आने वाली गिरावट को एग्जिट नहीं, बल्कि एंट्री के मौके की तरह देखना चाहिए।
गिरावट में करें चरणबद्ध खरीदारी
ब्रोकरेज फर्म आनंद राठी की रिसर्च एनालिस्ट वेदिका नार्वेकर भी गिरावट में खरीदारी की सलाह देती हैं। उनका मानना है कि महंगाई का दबाव कुछ और महीनों तक रह सकता है।
ऐसे में सोने में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। इसलिए, एकमुश्त पैसा लगाने की बजाय थोड़ा-थोड़ा निवेश करना एक बेहतर रणनीति हो सकती है।
एक्सपर्ट्स के अनुसार, हर 3% की गिरावट पर सिस्टमैटिक तरीके से खरीदारी करना फायदेमंद साबित हो सकता है।
कैसे करें सोने में निवेश?
सोने में निवेश के कई तरीके हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स फिजिकल गोल्ड की बजाय डिजिटल या फाइनेंशियल गोल्ड को तरजीह दे रहे हैं।
फिजिकल गोल्ड से बेहतर फाइनेंशियल गोल्ड
निवेश के लिए गहनों की बजाय गोल्ड ETF (एक्सचेंज ट्रेडेड फंड) और गोल्ड म्यूचुअल फंड को ज्यादा सुरक्षित और आसान माना जाता है।
इनमें स्टोरेज का कोई झंझट नहीं होता और इन्हें खरीदना-बेचना भी बेहद आसान है। SIP के जरिए निवेश करने वालों के लिए यह सबसे अच्छे विकल्प हैं।
पोर्टफोलियो में कितना हो सोना?
वित्तीय सलाहकार आमतौर पर आपके कुल निवेश पोर्टफोलियो का 10 से 15 फीसदी हिस्सा सोने में रखने की सलाह देते हैं।
यह महंगाई, रुपये की कमजोरी और किसी भी अचानक आने वाले वैश्विक संकट के खिलाफ आपके पोर्टफोलियो को सुरक्षा प्रदान करता है।
भविष्य में कहां तक जाएंगे दाम?
भले ही छोटी अवधि में सोने में गिरावट दिख रही हो, लेकिन ज्यादातर एक्सपर्ट्स लंबी अवधि के लिए इस पर बुलिश हैं।
लंबी अवधि में तेजी की उम्मीद
कुछ विशेषज्ञों का अनुमान है कि MCX पर सोना अगले साल तक 1.90 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर को छू सकता है।
वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी इसके 5,000 डॉलर प्रति औंस के पार जाने की संभावनाएं जताई जा रही हैं। हालांकि, इस दौरान बीच-बीच में तेज गिरावट के दौर भी आ सकते हैं।
संक्षेप में, मौजूदा गिरावट लंबी अवधि के निवेशकों के लिए एक अवसर हो सकती है। घबराने की बजाय, इस समय का उपयोग अपने पोर्टफोलियो में धीरे-धीरे सोना जोड़ने के लिए किया जा सकता है, ताकि भविष्य में बेहतर रिटर्न मिल सके।
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