उदयपुर | भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस के अवसर पर उदयपुर पहुंचे पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने स्थानीय राजनीति में चल रही खींचतान पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने पूर्व विधायक धर्म नारायण जोशी का नाम लिए बिना उन पर कड़ा प्रहार किया और कहा कि वे इन बातों को गंभीरता से नहीं लेते हैं। राज्यपाल ने कहा कि कुछ लोग एक बार चुनाव लड़कर विधानसभा छोड़ गए, जबकि पार्टी उन्हें दोबारा अवसर देने को तैयार थी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वे लोग विद्वान हैं और उन्हें वर्षों का ज्ञान है।
कटारिया का विरोधियों पर प्रहार: उदयपुर की गुटबाजी पर बोले राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया- 'समय अच्छे-अच्छों का इलाज कर देता है'
पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने उदयपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूर्व विधायक धर्म नारायण जोशी के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने अपनी बेदाग छवि और जनता के प्रति अपनी जवाबदेही पर जोर दिया।
HIGHLIGHTS
- राज्यपाल कटारिया ने पूर्व विधायक धर्म नारायण जोशी के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
- उन्होंने कहा कि वे चंडीगढ़ में जनता के कामों के लिए हर समय उपलब्ध रहते हैं।
- कटारिया ने अपने 50 साल के राजनीतिक करियर में बेदाग रहने का दावा किया।
- गुटबाजी के सवाल पर उन्होंने कहा कि समय ही हर मर्ज का सही इलाज करता है।
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'समय कर देता है सबका इलाज'
कटारिया ने उदयपुर की गुटबाजी पर कहा कि जो लोग आज दर्द महसूस कर रहे हैं, उनकी मूल बीमारी वे खुद ही बता सकते हैं। उन्होंने कहा, "इनके दर्द कहीं और हैं और बता कहीं और रहे हैं। इस रोग का कोई इलाज नहीं है, लेकिन समय अच्छे-अच्छों का इलाज कर देता है।" राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक जीवन में सेवा करने के लिए जनता के बीच खड़े रहने का दम होना चाहिए और वे हमेशा इसके लिए तैयार रहे हैं।
पंजाब और चंडीगढ़ में सक्रियता का दावा
राजस्थान बार-बार आने के सवाल पर कटारिया ने अपना पक्ष मजबूती से रखा। उन्होंने कहा कि वे चंडीगढ़ में अपने प्रवास और कार्यों का पूरा लेखा-जोखा साथ रखते हैं। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति फोन डायरेक्टरी उठाकर चंडीगढ़ के लोगों से उनके काम के बारे में पूछ सकता है। कटारिया ने कहा, "मुझे छोटा बच्चा भी पहचानता है। कई राज्यपालों को लोग पांच साल बाद भूल जाते हैं, लेकिन पंजाब के किसी भी कोने में लोग मुझे जानते हैं।"
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50 साल का बेदाग राजनीतिक जीवन
राष्ट्रपति को लिखी गई चिट्ठी के विवाद पर कटारिया ने कहा कि वे पिछले 50 वर्षों से सार्वजनिक जीवन में सक्रिय हैं और जनता ने उन्हें हमेशा प्यार दिया है। उन्होंने कहा कि वे किसी बड़े घर में पैदा नहीं हुए और न ही उनके पास कोई बड़ी संपत्ति है। वे एक सामान्य व्यक्ति की तरह जिए हैं। कटारिया ने गर्व से कहा कि उनके 50 साल के करियर पर कोई दाग नहीं लगा सका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गलत काम करने वाले उनकी नजरों से गिर जाते हैं।
आरोपों को नहीं लेते गंभीरता से
पूर्व विधायक के आरोपों पर उन्होंने कहा कि वे ऐसी बातों को सीरियसली नहीं लेते। उन्होंने पत्रकारों को अपने कार्यों की एक किताब भी सौंपी। उन्होंने सुझाव दिया कि जो लोग उन पर सवाल उठा रहे हैं, वे भी अपने एक साल के कार्यों का चार्ट जनता के सामने रखें। राज्यपाल ने अंत में कहा कि वे किसी की तौहीन नहीं करना चाहते, लेकिन उनका मूल्यांकन अंततः जनता ही करेगी।
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