नई दिल्ली | देशभर में गर्मी का प्रकोप जारी है, लेकिन अब प्री-मानसून की सक्रियता से राहत मिलने की उम्मीद है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ताजा बुलेटिन जारी कर 3, 4 और 5 मई के लिए भारी बारिश की चेतावनी दी है।
प्री-मानसून अलर्ट: भारी बारिश: भारी बारिश अलर्ट: 3 से 5 मई तक इन राज्यों में बरसेंगे बादल
IMD ने 3, 4 और 5 मई को देश के कई राज्यों में भारी बारिश और आंधी का येलो अलर्ट जारी किया है।
HIGHLIGHTS
- भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 3 से 5 मई के बीच देशभर के कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी दी है।
- उत्तर-पश्चिम भारत में दिल्ली, यूपी और पंजाब सहित कई राज्यों में धूल भरी आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट है।
- पूर्वी और मध्य भारत में 50-70 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।
- दक्षिण और उत्तर-पूर्व भारत के राज्यों में भी भारी बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहने वाला है।
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मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, प्री-मानसून अब अपनी पूरी रफ्तार पकड़ने वाला है। इसका असर उत्तर-पश्चिम से लेकर दक्षिण भारत तक स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। कई राज्यों में धूल भरी आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट भी जारी किया गया है।
उत्तर-पश्चिम भारत में आंधी और बारिश का अलर्ट
उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी और पहाड़ी इलाकों में मौसम में बड़ा बदलाव आने वाला है। दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में 3 से 5 मई के बीच घने बादल छाए रहेंगे।
इन राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ धूल भरी आंधी चलने की प्रबल संभावना है। हवाओं की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। इससे बढ़ते तापमान में कुछ डिग्री की गिरावट आएगी।
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पहाड़ी राज्यों जैसे उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भी बर्फबारी और बारिश का दौर जारी रहेगा। लद्दाख के सुदूर इलाकों में भी मौसम विभाग ने स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
दक्षिण भारत में मूसलाधार बारिश की संभावना
दक्षिण भारत के राज्यों में भी प्री-मानसून अपना व्यापक असर दिखाना शुरू कर चुका है। केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और पुडुचेरी में 3 मई से भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
रायलसीमा, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के इलाकों में भी बादल जमकर बरसेंगे। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस दौरान 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी हवाएं चल सकती हैं।
तटीय इलाकों में रहने वाले मछुआरों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। बिजली कड़कने और गरजने की घटनाओं में बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे खुले मैदानों में रहना असुरक्षित हो सकता है।
पूर्वी और मध्य भारत में ओलावृष्टि का खतरा
पूर्वी और मध्य भारत के राज्यों में प्री-मानसून का सबसे ज्यादा प्रभाव देखने को मिल सकता है। मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश के साथ ओलावृष्टि का भी अलर्ट है।
विदर्भ और पश्चिम बंगाल के गांगेय क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती है। सिक्किम में भी बारिश की गतिविधियां आगामी 72 घंटों में काफी तेज होने वाली हैं।
"आगामी तीन दिनों के दौरान प्री-मानसून गतिविधियां अपने चरम पर होंगी, जिससे देश के एक बड़े हिस्से में तापमान में भारी गिरावट और बारिश दर्ज की जाएगी।"
पूर्वोत्तर भारत में मौसम का मिजाज
पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी मौसम का मिजाज काफी बिगड़ा हुआ है। असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश के साथ तेज आंधी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
इन राज्यों में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। पहाड़ी ढलानों पर रहने वाले लोगों को अचानक आने वाली बाढ़ और भूस्खलन के प्रति विशेष रूप से सावधान रहने को कहा गया है।
कुल मिलाकर, आगामी 3 से 5 मई तक देशभर में मौसम काफी उतार-चढ़ाव भरा रहने वाला है। लोगों को घर से बाहर निकलते समय मौसम की ताजा जानकारी लेने और सुरक्षित पक्के मकानों में रहने की सलाह दी गई है।
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