जयपुर | जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) अब आम जनता और प्रशासन के बीच की दूरी को कम करने के लिए एक नई मिसाल पेश कर रहा है। 'संवाद' कार्यक्रम इसी दिशा में उठाया गया एक बड़ा कदम है। हाल ही में जेडीए के मंथन सभागार में 'संवाद' स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन कार्यक्रम का दूसरा सत्र आयोजित हुआ। इस पहल का मुख्य उद्देश्य शहरी विकास को अधिक पारदर्शी और सहभागी बनाना है।
जेडीए का 'संवाद': जनता की सुनी पुकार: जयपुर जेडीए की अनूठी पहल: 'संवाद' कार्यक्रम में आयुक्त ने सुनी समस्याएं, मौके पर ही दिए समाधान के निर्देश
जयपुर विकास प्राधिकरण के 'संवाद' कार्यक्रम का दूसरा सत्र आयोजित हुआ, जिसमें आयुक्त सिद्धार्थ महाजन ने स्टेकहोल्डर्स की समस्याओं को सुना और तुरंत समाधान के निर्देश दिए।
HIGHLIGHTS
- जेडीए के 'संवाद' कार्यक्रम का दूसरा सत्र मंथन सभागार में आयोजित हुआ।
- आयुक्त सिद्धार्थ महाजन ने पट्टा और लीज संबंधी समस्याओं का मौके पर समाधान किया।
- शहरी विकास में पारदर्शिता लाने के लिए अब हर महीने आयोजित होंगे ऐसे सत्र।
- दो सत्रों में अब तक 30 से अधिक स्टेकहोल्डर्स ने अपने सुझाव और समस्याएं साझा कीं।
संबंधित खबरें
जनता की शिकायतों पर सीधा प्रहार
कार्यक्रम के दौरान जेडीए आयुक्त सिद्धार्थ महाजन ने स्वयं उपस्थित होकर विभिन्न स्टेकहोल्डर्स की समस्याएं सुनीं। उन्होंने हर एक सुझाव और फीडबैक को बहुत ही गंभीरता से नोट किया। आयुक्त ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जनता की समस्याओं का समाधान करने में कोई कोताही न बरतें। उन्होंने प्रक्रियाओं को और अधिक सरल बनाने पर जोर दिया।
मौके पर ही मिली राहत
इस सत्र में कई लोग अपनी लीज, आरक्षण पत्र और पट्टा संबंधी समस्याओं को लेकर पहुंचे थे। आयुक्त ने संबंधित जोन के उपायुक्तों को इन मामलों के तुरंत निस्तारण के आदेश दिए। अपनी समस्याओं का हाथों-हाथ समाधान होते देख परिवादियों के चेहरे खुशी से चमक उठे। लोगों ने कहा कि जेडीए की यह पहल वाकई में आमजन के लिए राहत भरी है और इससे पारदर्शिता बढ़ेगी।
संबंधित खबरें
पारदर्शिता और तकनीक का संगम
सिद्धार्थ महाजन ने कहा कि 'संवाद' के माध्यम से प्राप्त सुझावों के आधार पर जेडीए की कार्यप्रणाली में सुधार किया जाएगा। इसे और अधिक प्रभावी और जन-केंद्रित बनाया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को सख्त लहजे में कहा कि प्राप्त शिकायतों पर गुणवत्तापूर्ण कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। इससे न केवल नागरिकों को राहत मिलेगी, बल्कि जेडीए की छवि भी सुधरेगी और विश्वास बढ़ेगा।
सहभागिता से होगा विकास
उल्लेखनीय है कि इन दो सत्रों में अब तक 30 से अधिक स्टेकहोल्डर्स ने भाग लेकर अपने विचार साझा किए हैं। जेडीए अब हर महीने ऐसे सत्रों का आयोजन करेगा। इस कार्यक्रम में जेडीए सचिव गौरव सैनी, अतिरिक्त आयुक्त भागचंद बधाल और सभी जोन के उपायुक्त उपस्थित रहे। इस सामूहिक प्रयास से जयपुर के विकास को नई गति मिलने की पूरी उम्मीद है।
ताज़ा खबरें
भारत का समुद्री खाद्य निर्यात छुएगा ₹1 लाख करोड़ का शिखर; केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने 'सीफूड एक्सपोर्टर्स मीट 2026' में तैयार की नई वैश्विक रणनीति
कतार से क्यूआर कोड तक: भारत की डिजिटल भुगतान क्रांति और यूपीआई का वैश्विक प्रभाव
सागरमाला कार्यक्रम: 6.06 लाख करोड़ की परियोजनाओं से बदल रहा है भारत का समुद्री परिदृश्य, रिकॉर्ड 915 मिलियन टन कार्गो का संचालन
पीएम मोदी ने महात्मा ज्योतिराव फुले की 200वीं जयंती पर दी श्रद्धांजलि, सामाजिक न्याय और शिक्षा पर साझा किया विशेष लेख