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राजस्थान

जयपुर: मां-बेटे ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान: जयपुर में मां ने 8 साल के बेटे संग ट्रेन के आगे कूदकर दी जान

गणपत सिंह मांडोली

जयपुर में ससुराल वालों के टॉर्चर से परेशान महिला ने मासूम बेटे के साथ दी जान, मामला दर्ज।

HIGHLIGHTS

  • जयपुर के शिकारपुरा फाटक के पास मां और 8 साल के बेटे के क्षत-विक्षत शव मिले।
  • मृतका के भाई ने ससुराल वालों पर प्रताड़ना और मारपीट का गंभीर आरोप लगाया है।
  • पुलिस ने पति और ससुराल वालों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया।
  • ससुर ने कथित तौर पर कहा था कि बहू मर भी जाए तो वह दूसरी ले आएंगे।
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जयपुर | राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक मां ने अपने 8 साल के मासूम बेटे को गोद में लेकर ट्रेन के आगे छलांग लगा दी। इस दर्दनाक हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।

शिकारपुरा फाटक के पास मिला मां-बेटे का शव

यह घटना जयपुर के मालपुरा गेट थाना इलाके की है। शनिवार शाम करीब 7 बजे पुलिस को शिकारपुरा फाटक के पास दो शव पड़े होने की सूचना मिली थी।

रेलवे ट्रैक पर मां और बच्चे के शव क्षत-विक्षत हालत में मिले थे। शुरुआत में शवों की पहचान नहीं हो पाई थी, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें महात्मा गांधी अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवा दिया।

रविवार को जब महिला के पीहर पक्ष के लोग गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने थाने पहुंचे, तब इस खौफनाक वारदात का खुलासा हुआ। पुलिस द्वारा दिखाए गए फोटो के आधार पर परिजनों ने रोते हुए उनकी पहचान की।

मृतकों की हुई पहचान

मृतकों की पहचान मुहाना निवासी 32 वर्षीय रामकन्या बैरवा और उसके 8 साल के बेटे विरेन्द्र के रूप में हुई है। रामकन्या का पीहर टोंक जिले के पीपलू गांव में है।

रामकन्या के भाई भागचंद ने बताया कि उसकी बहन की शादी 15 साल पहले रामदयाल से हुई थी। उनके दो बेटे थे, जिनमें से बड़ा बेटा 10 साल का है जो अपने ननिहाल में ही रहता था।

परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही पति रामदयाल शराब पीकर रामकन्या के साथ आए दिन झगड़ा और मारपीट करता था। उसे काफी समय से मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था।

ससुराल वालों पर प्रताड़ना का आरोप

भागचंद ने पुलिस को बताया कि करीब 15 दिन पहले ही ससुराल वाले रामकन्या को अपने साथ ले गए थे। उस वक्त उन्होंने वादा किया था कि अब उसके साथ कोई मारपीट नहीं की जाएगी।

लेकिन ससुराल पहुंचते ही फिर से जुल्म का दौर शुरू हो गया। भाई ने ससुर सीताराम पर भी बेहद असंवेदनशील और क्रूर टिप्पणी करने का गंभीर आरोप लगाया है।

"ससुर ने कहा था कि मेरे पास दो पोते हैं। अगर रामकन्या मर भी जाएगी तो मुझे कोई फर्क नहीं पड़ेगा, मैं दूसरी बहू ले आऊंगा। हमारा पोता हमारे पास है।"

इस तरह के मानसिक दबाव और लगातार हो रहे टॉर्चर से तंग आकर रामकन्या ने शनिवार शाम 4 बजे अपने छोटे बेटे को गोद में लिया और घर से निकल गई।

पुलिस ने दर्ज किया मामला

पुलिस ने इस मामले में मृतका के भाई भागचंद की शिकायत पर ससुराल वालों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।

सोमवार को पुलिस ने मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाने के बाद दोनों शवों को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया। पुलिस अब आरोपी पति और ससुर से पूछताछ की तैयारी कर रही है।

घरेलू हिंसा और मानसिक प्रताड़ना ने एक और हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया। एक मां का अपने ही बच्चे के साथ ऐसा आत्मघाती कदम उठाना समाज की संवेदनहीनता को दर्शाता है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।

*Edit with Google AI Studio

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