जयपुर | जयपुर की ऐतिहासिक विरासत और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। जिला कलक्टर संदेश नायक ने 'पंच गौरव' कार्यक्रम के संरक्षण और विकास के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक ली।
जयपुर के पंच गौरव: नई पहचान: जयपुर के 'पंच गौरव' को मिलेगी नई चमक, कलेक्टर ने बनाया प्लान
जयपुर की पांच खासियतें संवारने के लिए प्रशासन ने कसी कमर, रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
HIGHLIGHTS
- जयपुर की पांच विशिष्ट पहचानों (पंच गौरव) के संरक्षण और विकास पर जोर दिया गया है।
- रत्नाभूषण, आंवला, लिसोड़ा, कबड्डी और आमेर को वैश्विक पहचान दिलाने का लक्ष्य है।
- वर्ष 2026-27 के लिए गतिविधियों का एक विस्तृत कैलेंडर जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
- आमेर में सुविधाओं के विकास और युवाओं को कबड्डी से जोड़ने के लिए विशेष पहल होगी।
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क्या है जयपुर का 'पंच गौरव' अभियान?
इस कार्यक्रम के तहत जयपुर जिले की पांच विशिष्ट पहचानों को चुना गया है। इनमें रत्नाभूषण, आंवला, लिसोड़ा, कबड्डी और विश्व प्रसिद्ध आमेर दुर्ग शामिल हैं। प्रशासन का लक्ष्य इन क्षेत्रों का विकास कर स्थानीय लोगों के लिए रोजगार पैदा करना है।
कलक्टर ने निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा के अनुसार, इन पांचों गौरवों के विकास के लिए वर्ष 2026-27 की गतिविधियों का कैलेंडर जल्द जारी किया जाए। इससे पर्यटन बढ़ेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
स्थानीय उत्पादों और खेलों को मिलेगा बढ़ावा
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बैठक में 'एक जिला एक उत्पाद' के तहत रत्नाभूषण और 'एक जिला एक उपज' के रूप में आंवला के विकास पर चर्चा हुई। वन विभाग को निर्देश दिए गए कि लिसोड़ा और आंवले का अधिक से अधिक पौधारोपण किया जाए।
पौधों की सुरक्षा के लिए 'वृक्ष मित्र' नियुक्त किए जाएंगे। खेलों के क्षेत्र में कबड्डी को बढ़ावा देने के लिए पंचायत से लेकर जिला स्तर तक नियमित प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इससे युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा।
"सरकारी और निजी कार्यक्रमों में पंच गौरव का प्रचार-प्रसार हॉर्डिंग्स और बैनर के माध्यम से किया जाए ताकि आमजन और विद्यार्थी अपनी विरासत से जुड़ सकें।" - संदेश नायक, जिला कलक्टर।
आमेर दुर्ग और पर्यटन का कायाकल्प
आमेर दुर्ग के विकास के लिए बेहतर कनेक्टिविटी, पार्किंग, पेयजल और स्वच्छता जैसी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। स्थानीय लोगों को गाइड के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा ताकि वे पर्यटकों को सही जानकारी दे सकें।
पर्यटकों को आमेर के गौरवशाली इतिहास से रूबरू कराने के लिए विशेष साहित्य का वितरण भी किया जाएगा। इससे न केवल पर्यटन का अनुभव बेहतर होगा बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
आर्थिक विकास और भविष्य की राह
रत्नाभूषण व्यवसाय से युवाओं को जोड़ने के लिए नियमित कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। जिला प्रशासन का मानना है कि इन पहलों से जिले में मूल्यवर्धन होगा और स्थानीय उद्यमिता को एक नई दिशा मिलेगी।
इस बैठक में जिला परिषद की सीईओ प्रतिभा वर्मा सहित कई आला अधिकारी मौजूद रहे। पंच गौरव कार्यक्रम केवल एक योजना नहीं, बल्कि जयपुर की संस्कृति और समृद्धि को सहेजने का एक बड़ा संकल्प है।
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