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राजस्थान

जयपुर की सड़कों का होगा कायाकल्प: जयपुर में बनेगा 'आदर्श पथ': यादगार से सांगानेर तक सुधरेगा ट्रैफिक, शुरू हुआ 3 महीने का विशेष अभियान

जोगेन्द्र सिंह शेखावत

जयपुर जिला प्रशासन ने शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए टोंक रोड को 'आदर्श पथ' के रूप में विकसित करने और तीन महीने का सड़क सुरक्षा अभियान चलाने का निर्णय लिया है।

HIGHLIGHTS

  • यादगार अजमेरी गेट से सांगानेर तक टोंक रोड को 'आदर्श पथ' के रूप में विकसित किया जाएगा।
  • जयपुर में अप्रैल से जून तक तीन महीने का विशेष सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
  • शहर के 88 चिह्नित ब्लैक स्पॉट्स में से 53 का सुधार कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।
  • स्कूली बच्चों को यातायात नियमों और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए मुफ्त सत्र आयोजित होंगे।
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जयपुर | राजस्थान की राजधानी जयपुर अब न केवल अपनी ऐतिहासिक सुंदरता बल्कि अपने सुगम और सुरक्षित यातायात के लिए भी दुनिया भर में मिसाल पेश करेगी। जिला कलक्टर संदेश नायक ने शहर की सड़कों को बाधा मुक्त बनाने का बड़ा फैसला लिया है। हाल ही में कलेक्ट्रेट में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में कलक्टर ने कहा कि जयपुर एक वैश्विक पर्यटन स्थल है। यहाँ आने वाले देशी-विदेशी सैलानियों और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

यादगार से सांगानेर तक बनेगा 'आदर्श पथ'

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा के अनुरूप यादगार अजमेरी गेट से सांगानेर तक टोंक रोड को 'आदर्श यातायात पथ' के रूप में विकसित किया जाएगा। यह मार्ग पूरी तरह से सुगम और दुर्घटना रहित होगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA), नगर निगम, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन मिलकर काम करेंगे। सार्वजनिक निर्माण विभाग और परिवहन विभाग भी इस कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। कलक्टर ने इस सड़क को आदर्श बनाने के लिए आम जनता से भी सहयोग की पुरजोर अपील की है। उन्होंने कहा कि जब नागरिक नियमों का पालन करेंगे, तभी यह मार्ग सही मायने में आदर्श बन पाएगा।

तीन महीने का विशेष जागरूकता अभियान

शहर में अप्रैल माह से तीन महीने का विशेष सड़क सुरक्षा जनजागरूकता अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत धरातल पर कई सुधारात्मक कार्य किए जाएंगे ताकि यातायात व्यवस्था को सुधारा जा सके। अभियान के दौरान सड़कों की मरम्मत, सीवरेज मेनहॉल को ठीक करने और जेब्रा-क्रॉसिंग को नया रूप देने का काम होगा। सड़कों के बीच की सफेद लाइनों और डिवाइडर को भी दुरुस्त किया जाएगा ताकि वाहन चालकों को स्पष्टता रहे। ट्रैफिक लाइट्स को ठीक करने के साथ-साथ पैदल यात्रियों के लिए सड़क पार करने की विशेष सुविधाएं विकसित की जाएंगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि शहर की सड़कों पर चलने वाला हर व्यक्ति सुरक्षित महसूस करे।

नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

जागरूकता के साथ-साथ प्रशासन सख्ती भी बरतेगा। ऑवरलोडेड वाहनों, ट्रैफिक सिग्नल तोड़ने वालों और बिना हेलमेट या सीट बेल्ट के वाहन चलाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई और चालान किए जाएंगे। शराब पीकर वाहन चलाने और ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का उपयोग करने वालों पर भी विशेष नजर रखी जाएगी। कलक्टर ने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

भावी पीढ़ी को मिलेगी यातायात की शिक्षा

अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा स्कूली बच्चों को शिक्षित करना है। स्कूलों में पढ़ने वाले भावी नागरिकों को यातायात नियमों की मुफ्त जानकारी दी जाएगी। उन्हें बताया जाएगा कि सड़क कब और कैसे पार करनी चाहिए। बच्चों को ट्रैफिक लाइट्स के संकेतों और सड़क दुर्घटनाओं से बचाव के तरीकों के बारे में जागरूक किया जाएगा। इससे समाज में एक नई यातायात संस्कृति विकसित होगी जो भविष्य में सड़क हादसों को कम करने में मददगार होगी।

ब्लैक स्पॉट्स का समाधान

सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए 'ब्लैक स्पॉट्स' का सुधार अनिवार्य है। जयपुर में कुल 88 ब्लैक स्पॉट्स चिह्नित किए गए थे। इनमें से 53 स्थानों पर सुधारात्मक कार्य पूरे हो चुके हैं, जबकि 34 पर काम जारी है। बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर युगान्तर शर्मा, आरटीओ धर्मेन्द्र और सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने जयपुर को सुरक्षित शहर बनाने के लिए आपसी समन्वय से कार्य करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

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