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राजनीति

भाजपा में घमासान: बोहरा ने उठाए सवाल: जालोर भाजपा में कलह, वरिष्ठ नेता श्यामलाल बोहरा ने खोली पोल

ललित पथमेड़ा

तीन बार के पार्षद रहे श्यामलाल बोहरा ने संगठन की कार्यशैली और गुटबाजी पर चिंता जताते हुए नाराजगी व्यक्त की।

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HIGHLIGHTS

  • वरिष्ठ भाजपा नेता श्यामलाल बोहरा ने जालोर में पार्टी संगठन पर नाराजगी व्यक्त की।
  • बोहरा ने संगठन में गुटबाजी और कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का आरोप लगाया।
  • वे तीन बार पार्षद रह चुके हैं और पूर्व विधायक पूराराम चौधरी के करीबी माने जाते हैं।
  • एक सामाजिक कार्यक्रम में जिला स्तरीय नेताओं की अनुपस्थिति पर भी सवाल उठाए।
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भीनमाल | जालोर भाजपा में आंतरिक कलह सतह पर आ गई है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता श्यामलाल बोहरा ने संगठन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनके इस बयान के बाद जिले की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।

कौन हैं श्यामलाल बोहरा?

श्यामलाल बोहरा भाजपा के एक अनुभवी और पुराने नेता हैं। वे छात्र जीवन से ही राजनीति में सक्रिय रहे हैं।

उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) में भी काम किया है।

बोहरा जनता पार्टी के समय से ही संगठन से जुड़े हैं और बाद में भाजपा के गठन के साथ ही पार्टी का हिस्सा बन गए।

वे भीनमाल से तीन बार पार्षद चुने जा चुके हैं और संगठन में कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

राजनीतिक गलियारों में उन्हें पूर्व विधायक पूराराम चौधरी का बेहद करीबी और विश्वासपात्र माना जाता है।

क्या हैं बोहरा के आरोप?

बोहरा ने पार्टी की मौजूदा कार्यशैली पर अपनी पीड़ा सार्वजनिक रूप से व्यक्त की है।

उन्होंने कहा कि पार्टी के लिए लंबे समय से काम कर रहे कार्यकर्ताओं को मौजूदा हालात देखकर दुख होता है।

कार्यक्रमों की सूचना और भागीदारी पर सवाल

बोहरा ने सूंथड़ी में पूर्व जिलाध्यक्ष श्रवणसिंह राव द्वारा बनाए जा रहे आदर्श विद्या मंदिर की प्रशंसा की। उन्होंने इसे समाज के लिए एक प्रेरणादायक कार्य बताया।

हालांकि, उन्होंने इस बात पर नाराजगी जताई कि इतने बड़े कार्यक्रम में जिला स्तर के नेताओं की भागीदारी न के बराबर थी।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब कार्यक्रम में संघ के पदाधिकारी और पड़ोसी जिलों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे, तो स्थानीय नेतृत्व क्यों गायब रहा?

बोहरा ने यह भी कहा कि कार्यकर्ताओं को कार्यक्रमों की सूचना समय पर नहीं दी जाती है, जिससे उनकी भागीदारी सुनिश्चित नहीं हो पाती।

संगठन पर क्या होगा असर?

श्यामलाल बोहरा के इस बयान ने भाजपा की अंदरूनी राजनीति में भूचाल ला दिया है। उनके आरोपों से यह स्पष्ट हो गया है कि जालोर भाजपा में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है।

इस घटनाक्रम को पार्टी के भीतर चल रही खींचतान से जोड़कर देखा जा रहा है। अब देखना यह होगा कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व इस मामले पर क्या प्रतिक्रिया देता है और कार्यकर्ताओं की नाराजगी को दूर करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। हालांकि, इस संबंध में अभी तक किसी भी संबंधित पक्ष की कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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