जोधपुर | राजस्थान के जोधपुर से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला वकील की स्कूटी घर के आंगन में खड़ी थी, लेकिन ट्रैफिक पुलिस ने उनका ऑनलाइन चालान काट दिया।
घर खड़ी स्कूटी का कटा चालान: जोधपुर: घर खड़ी स्कूटी का कटा चालान, फर्जी नंबर प्लेट का खेल
जोधपुर में महिला वकील की स्कूटी घर पर थी, लेकिन ट्रैफिक पुलिस ने बिना हेलमेट का चालान भेज दिया।
HIGHLIGHTS
- जोधपुर में घर के अंदर खड़ी स्कूटी का बिना हेलमेट के चालान कटने का मामला सामने आया है।
- यातायात पुलिस के कैमरे में कैद तस्वीर से पता चला कि कोई अज्ञात व्यक्ति फर्जी नंबर प्लेट चला रहा है।
- पीड़ित महिला वकील की शिकायत पर पुलिस ने शुरू में एफआईआर दर्ज करने से मना कर दिया था।
- अब कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद भगत की कोठी थाना पुलिस ने धोखाधड़ी और जालसाजी का मामला दर्ज किया है।
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इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली और शहर में चल रहे फर्जी नंबर प्लेट के गिरोह पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला अब कानूनी मोड़ ले चुका है।
कैसे हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा?
प्रताप नगर स्थित जगदम्बा कॉलोनी की रहने वाली वकील मधु भाटी इन्दा के मोबाइल पर 7 दिसंबर 2025 को पुलिस कंट्रोल रूम से एक मैसेज आया। इसमें बताया गया कि उनका चालान कटा है।
मैसेज के अनुसार, उनके वाहन को कृषि मंडी मोड़ सिग्नल पर बिना हेलमेट चलाते हुए ट्रैफिक पुलिस के कैमरों ने पकड़ा था। फुटेज में दो अनजान व्यक्ति उस स्कूटर पर सवार थे।
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घर पर खड़ी थी स्कूटी
पीड़िता ने बताया कि जिस समय का यह चालान है, उस समय उनकी स्कूटी घर पर ही खड़ी थी। उसे कहीं बाहर नहीं ले जाया गया था। इससे साफ हुआ कि कोई फर्जी नंबर प्लेट का उपयोग कर रहा है।
महिला वकील को डर है कि उनके नंबर का इस्तेमाल किसी बड़ी वारदात या अवैध गतिविधि में भी किया जा सकता है। इससे भविष्य में वे किसी कानूनी मुसीबत में फंस सकती हैं।
"मेरे रजिस्टर्ड नंबर का इस्तेमाल किसी बड़ी दुर्घटना, अवैध गतिविधि या धोखाधड़ी करने में किया जा सकता है। इससे मुझ पर झूठे आरोप लग सकते हैं।"
पुलिस ने नहीं सुनी फरियाद, कोर्ट ने दिया आदेश
पीड़िता ने सबसे पहले भगत की कोठी थाने में लिखित शिकायत दी, लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज करने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। इसके बाद उन्होंने पुलिस कमिश्नर को भी पत्र लिखा।
जब कहीं से कोई राहत नहीं मिली, तो महिला ने कोर्ट में इस्तगासा पेश किया। कोर्ट के कड़े रुख के बाद अब पुलिस ने धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने की धाराओं में मामला दर्ज किया है।
आरोपी की तलाश शुरू
थाना प्रभारी गिरधारीलाल ने बताया कि एएसआई मुकेश कुमार को इस मामले की जांच सौंपी गई है। पुलिस अब कृषि मंडी चौराहे के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपी की पहचान हो सके।
इस मामले ने आम जनता के बीच सुरक्षा और पहचान की चोरी को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस अब उन गिरोहों की तलाश कर रही है जो शहर में फर्जी नंबर प्लेट बनाकर बेच रहे हैं।
निष्कर्ष के तौर पर, यह मामला तकनीकी निगरानी के दौर में होने वाली नई तरह की धोखाधड़ी को दर्शाता है। पुलिस की सक्रियता ही अब पीड़िता को न्याय दिला सकती है और असली अपराधी को सलाखों के पीछे भेज सकती है।
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