thinQ360
thinQ360
🏠 टॉप 🔥 राजनीति 📍 राज्य 📰 लाइफ स्टाइल 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 📰 जालोर 👤 शख्सियत 💻 तकनीक ✍️ Blog ⭐ सफलता की कहानी 🚨 क्राइम 📰 मनचाही ▶️ YouTube
राजस्थान

लूणी में जल संकट पर बड़ी बैठक: जोधपुर: भीषण गर्मी में लूणी को मिलेगा भरपूर पानी, मंत्री के कड़े निर्देश

जोगेन्द्र सिंह शेखावत

लूणी विधानसभा क्षेत्र में जलापूर्ति को लेकर मंत्री जोगाराम पटेल ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।

HIGHLIGHTS

  • मंत्री जोगाराम पटेल ने लूणी में पेयजल व्यवस्था की समीक्षा की।
  • भीषण गर्मी और नौतपा के मद्देनजर जलापूर्ति बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
  • टैंकरों की संख्या बढ़ाने और उनकी वीडियो रिकॉर्डिंग से निगरानी होगी।
  • अवैध जल कनेक्शनों और पानी की चोरी पर होगी सख्त कार्रवाई।
jogaram patel luni jodhpur water supply review meeting

जोधपुर | राजस्थान के जोधपुर जिले की लूणी विधानसभा क्षेत्र में भीषण गर्मी के प्रकोप को देखते हुए सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने शनिवार को पेयजल व्यवस्था की समीक्षा की। यह महत्वपूर्ण बैठक पाल रोड स्थित पंचायत समिति लूणी के सभागार में आयोजित की गई। इसमें राजस्व, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी (PHED) और पंचायती राज विभाग के अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

भीषण गर्मी में जलापूर्ति सर्वोच्च प्राथमिकता

मंत्री जोगाराम पटेल ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों के अनुसार, प्रदेश में आमजन को प्यासा नहीं रहने दिया जाएगा। गर्मी में समुचित जलापूर्ति सुनिश्चित करना हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि पेयजल व्यवस्था के सुचारू संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भीषण गर्मी के दौरान लोगों को पानी के लिए परेशान नहीं होना चाहिए।

बैठक में आगामी दिनों में आयोजित होने वाली भोगीशैल परिक्रमा और नौतपा के मद्देनजर विशेष चर्चा की गई। मंत्री ने निर्देश दिए कि बढ़ती पेयजल मांग को पूरा करने के लिए अग्रिम तैयारियां की जाएं।

नौतपा और गर्मी के लिए विशेष कार्ययोजना

अधिकारियों ने बैठक में बताया कि लूणी विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान में कुल पेयजल की मांग के सापेक्ष लगभग 16.8 एमएलडी जल उपलब्ध कराया जा रहा है। आपूर्ति बढ़ाने के प्रयास निरंतर जारी हैं।

मंत्री ने निर्देश दिए कि सामान्य पेयजल आपूर्ति बहाली की समयावधि तय की जाए। उन्होंने कहा कि गर्मी के इस कठिन दौर में जल वितरण व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जाना चाहिए।

टैंकरों की संख्या और प्रभावी मॉनिटरिंग

मंत्री ने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में पाइपलाइन से पानी नहीं पहुंच रहा, वहां टैंकरों की संख्या तुरंत बढ़ाई जाए। संवेदकों को आवश्यकतानुसार अतिरिक्त टैंकर उपलब्ध करवाने के आदेश दिए गए हैं।

जवाबदेही तय करने के लिए टैंकरों की आवाजाही की निगरानी अब वीडियो रिकॉर्डिंग के जरिए की जाएगी। राजस्व विभाग के अधिकारी इस पूरी प्रक्रिया पर पैनी नजर रखेंगे ताकि पानी सही जगह पहुंचे।

संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि सभी संबंधित अधिकारी फील्ड में सक्रिय रहें। टैंकर संचालन और जल वितरण व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग से ही आमजन को वास्तविक राहत मिल पाएगी।

सार्वजनिक टांकों की मरम्मत और जल संरक्षण

विधि मंत्री ने समर कंटिंजेंसी कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्षेत्र के सभी सार्वजनिक पेयजल टांकों की सूची तैयार की जाए। इनकी मरम्मत का काम समयबद्ध होना चाहिए।

उन्होंने पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण पर भी विशेष जोर दिया। पटेल ने कहा कि पुराने कुओं और तालाबों की स्थिति का आकलन कर उन्हें दोबारा उपयोग योग्य बनाने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं।

ग्रामीण क्षेत्रों में खराब पड़े हैंडपम्पों और ट्यूबवेलों की शीघ्र मरम्मत के लिए भी विशेष टीमें तैनात की जाएंगी। इससे वैकल्पिक पेयजल स्रोतों को मजबूती मिलेगी और जनता को राहत मिलेगी।

अवैध कनेक्शनों पर होगी कड़ी कार्रवाई

पानी की चोरी और अवैध जल कनेक्शनों पर मंत्री ने गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पानी का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई अमल में लाएं।

"भीषण गर्मी में पानी की एक-एक बूंद कीमती है। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचे और वितरण में पूरी पारदर्शिता बनी रहे।"

बैठक में उपखंड अधिकारी हसमुख कुमार, पंकज जैन, विकास अधिकारी कंवरलाल सोनी और अधिशासी अभियंता महेन्द्र किराड सहित कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने व्यवस्था सुधारने का संकल्प लिया।

निष्कर्ष: राहत की ओर बढ़ते कदम

इस समीक्षा बैठक से स्पष्ट है कि प्रशासन लूणी क्षेत्र में जल संकट को लेकर गंभीर है। अधिकारियों की सक्रियता और नई योजनाओं से आने वाले दिनों में जनता को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

सरकार का लक्ष्य है कि नौतपा की भीषण तपिश के बीच भी हर नागरिक को पर्याप्त पेयजल सुलभ हो। मॉनिटरिंग और मरम्मत कार्यों में तेजी आने से ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति में सुधार होगा।

*Edit with Google AI Studio

शेयर करें: