कोटा | राजस्थान के कोटा संभाग में गेहूं की बंपर पैदावार को देखते हुए सरकार ने खरीद प्रक्रिया को तेज करने का बड़ा फैसला लिया है। ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर ने सोमवार को कोटा सर्किट हाउस में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान मंत्री नागर ने भारतीय खाद्य निगम (FCI) को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कोटा की भामाशाह मंडी में प्रतिदिन 80 हजार कट्टे गेहूं की तुलाई की व्यवस्था तुरंत की जाए। इस बार पिछले साल के मुकाबले गेहूं का उत्पादन काफी अधिक हुआ है। इसे देखते हुए मंत्री ने अधिकारियों को लक्ष्य से अधिक खरीद की तैयारियां अभी से पूरी रखने के सख्त निर्देश दिए हैं।
कोटा मंडी में गेहूं की बंपर खरीद: कोटा: किसानों के लिए खुशखबरी! ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर के निर्देश पर अब रोजाना होगी 80 हजार कट्टे गेहूं की तुलाई
राजस्थान के ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर ने कोटा की भामाशाह मंडी में गेहूं खरीद की गति बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। अब रोजाना 80 हजार कट्टे गेहूं की तुलाई होगी ताकि किसानों को लंबा इंतजार न करना पड़े।
HIGHLIGHTS
- कोटा की भामाशाह मंडी में अब प्रतिदिन 80 हजार कट्टे गेहूं की तुलाई सुनिश्चित की जाएगी।
- ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर ने खरीद की गति बढ़ाने और समय पर उठाव के कड़े निर्देश दिए हैं।
- मंडियों में गेहूं का ढेर न लगे, इसके लिए रोटेशन के आधार पर रेलवे रैक लगाने को कहा गया है।
- किसानों को रजिस्ट्रेशन के अनुपात में कूपन जारी होंगे ताकि उन्हें मंडियों में इंतजार न करना पड़े।
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खरीद और उठाव में तेजी लाने के निर्देश
मंत्री ने गेहूं के उठाव की समस्या पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि मंडियों से गेहूं का समय पर उठाव होना बेहद जरूरी है ताकि जगह की कमी न हो। इसके लिए उन्होंने रेलवे रैक लगाने के कार्य को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। रोटेशन के आधार पर रैक लगने से गोदामों में गेहूं जल्दी पहुंचेगा और मंडियों में जाम नहीं लगेगा। मंत्री नागर ने एफसीआई के जीएम राजेश चौधरी से फोन पर भी वार्ता की। उन्होंने गोदामों में गाड़ियां खाली करने की गति बढ़ाने और अतिरिक्त मजदूर लगाने को कहा है।
किसानों की सुविधा के लिए कूपन सिस्टम
किसानों को मंडियों में घंटों इंतजार न करना पड़े, इसके लिए नई व्यवस्था लागू की जाएगी। अब किसानों को उनके रजिस्ट्रेशन के अनुपात में ही कूपन जारी किए जाएंगे। इससे किसान सही समय पर मंडी पहुंच सकेंगे और तुलाई कार्य सुचारू रहेगा। मंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी पंजीकृत किसान को खरीद प्रक्रिया में परेशानी नहीं होनी चाहिए। यदि एफसीआई के पास स्टोरेज की कमी होती है, तो सहकारिता विभाग के गोदाम किराए पर लिए जाएंगे। स्टोरेज की कमी से खरीद प्रभावित होने की आशंका को उन्होंने गंभीरता से लिया है।
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गुणवत्ता और भुगतान पर विशेष ध्यान
मंत्री ने राजफैड, तिलम संघ और अन्य खरीद एजेंसियों से भी फीडबैक लिया। उन्होंने भुगतान व्यवस्था को पारदर्शी और त्वरित बनाने के निर्देश दिए ताकि किसानों को पैसा जल्दी मिले। साथ ही, एफसीआई द्वारा भेजे गए बारदाना (बोरे) की खराब गुणवत्ता पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने भविष्य में केवल उच्च गुणवत्ता वाले बारदाना ही इस्तेमाल करने के निर्देश दिए। इस बैठक में जिला कलक्टर पीयूष समारिया और अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। सरकार का मुख्य लक्ष्य है कि हर किसान का गेहूं न्यूनतम समर्थन मूल्य पर समय पर खरीदा जाए।
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