सिरोही | राजस्थान के एकमात्र हिल स्टेशन आबूराज (माउंट आबू) में तेंदुओं की लगातार बढ़ती गतिविधियां स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बनती जा रही हैं। आबादी वाले क्षेत्रों में बार-बार तेंदुओं की दस्तक से लोगों में भय का माहौल है। ताजा मामला माचगांव स्थित अक्षय कॉलोनी का है, जहां 10 जुलाई की रात करीब 2 बजे एक तेंदुआ सड़क पर बैठे गाय के बछड़े पर हमला करने पहुंच गया। पूरी घटना कॉलोनी में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
माउंट आबू: तेंदुए का हमला, CCTV में कैद हुई बछड़े और तेंदुए की रोमांचक जंग, आखिर जंग जीता बिछड़ा
राजस्थान के माउंट आबू में एक तेंदुए ने बछड़े पर हमला किया, लेकिन बछड़े ने बहादुरी से मुकाबला किया। यह पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है।
HIGHLIGHTS
- माउंट आबू के रिहायशी इलाके में तेंदुए ने एक बछड़े पर हमला कर दिया।
- बछड़े ने पूरी हिम्मत दिखाते हुए तेंदुए का डटकर मुकाबला किया।
- आखिरकार, बछड़े के प्रतिरोध के सामने तेंदुए को हार मानकर भागना पड़ा।
- यह पूरी रोमांचक घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो वायरल हो रहा है।
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सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि तेंदुआ अचानक बछड़े पर झपट्टा मारता है और उसे अपना शिकार बनाने की कोशिश करता है। बछड़ा भी पूरी ताकत और साहस के साथ खुद को बचाने का प्रयास करता है। दोनों के बीच काफी देर तक संघर्ष चलता रहा। आखिरकार बछड़े के लगातार प्रतिरोध के चलते तेंदुए को बिना शिकार किए ही वहां से लौटना पड़ा।
यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी आबूराज में तेंदुए की मौजूदगी कई बार सामने आ चुकी है। हाल ही में एक होटल की छत पर बंधे श्वान पर भी तेंदुए ने हमला किया था, लेकिन श्वान जंजीर से बंधा होने के कारण तेंदुआ उसे अपने साथ ले जाने में सफल नहीं हो पाया था। इन लगातार घटनाओं से साफ है कि तेंदुए अब जंगलों से निकलकर रिहायशी इलाकों तक पहुंच रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय घरों से बाहर निकलना अब जोखिम भरा होता जा रहा है। बच्चों और पालतू पशुओं की सुरक्षा को लेकर भी लोगों में चिंता बढ़ गई है। क्षेत्रवासियों ने वन विभाग से रात्रि गश्त बढ़ाने, संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी मजबूत करने तथा लोगों को सतर्क रहने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है। वहीं, वन विभाग से उम्मीद की जा रही है कि तेंदुओं की बढ़ती आवाजाही पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जल्द ठोस कदम उठाए जाएंगे, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले स्थिति पर काबू पाया जा सके।
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