चूरू | राजस्थान की वीर प्रसूता धरा चूरू में आज शौर्य और सम्मान का एक अनूठा संगम देखने को मिला। भारत के सैन्य इतिहास के महानायक लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह राठौड़ की प्रतिमा का भव्य अनावरण किया गया। इस गरिमापूर्ण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला और सिक्किम के राज्यपाल ओम माथुर ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इन दिग्गजों की मौजूदगी ने समारोह को ऐतिहासिक बना दिया। पूर्व मंत्री राजेंद्र राठौड़ ने इस अवसर पर जनसमूह को संबोधित करते हुए भावुक क्षण साझा किए। उन्होंने कहा कि यह दिन उनके जीवन के लिए शब्दों से परे एक भावनात्मक पल है।
चूरू में सगत सिंह की प्रतिमा का अनावरण: चूरू में लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह की प्रतिमा का अनावरण: सीएम भजनलाल, ओम बिड़ला और ओम माथुर की उपस्थिति में गूंजा शौर्य का जयघोष
चूरू में आयोजित एक भव्य समारोह में लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह राठौड़ की प्रतिमा का अनावरण किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला और सिक्किम के राज्यपाल ओम माथुर ने उनके शौर्य को नमन किया और शेखावाटी के विकास के लिए नए संकल्पों की घोषणा की।
HIGHLIGHTS
- चूरू में लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह राठौड़ की प्रतिमा का भव्य अनावरण किया गया।
- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को शेखावाटी की प्यास बुझाने वाला 'भागीरथ' बताया गया।
- यमुना जल परियोजना के लिए 32,000 करोड़ रुपये की योजना से चूरू बनेगा जल दाता।
- राजेंद्र राठौड़ ने चूरू के साथ अपने दशकों पुराने भावनात्मक और खून के रिश्ते को याद किया।
संबंधित खबरें
सैन्य इतिहास के नायक को नमन
राजेंद्र राठौड़ ने लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह राठौड़ के पराक्रम को याद करते हुए कहा कि उन्होंने पाकिस्तान को हराकर बांग्लादेश के जन्म में मुख्य भूमिका निभाई थी। उन्होंने पुर्तगाल के शासन से गोवा को मुक्त कराने और 1967 में चीन के खिलाफ नाथुला बॉर्डर पर जांबाजी दिखाने के लिए जनरल सगत सिंह के योगदान को रेखांकित किया। राठौड़ ने बताया कि जनरल सगत सिंह ने चीन के कब्जे वाली 32,000 किलोमीटर जमीन को वापस जीतकर भारत का अभिन्न हिस्सा बनाया था, जो आज भी हमारा गौरव है।
चूरू के विकास का नया अध्याय
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की जमकर प्रशंसा की गई। राजेंद्र राठौड़ ने उन्हें 'शेखावाटी का भागीरथ' कहकर संबोधित किया, जो यमुना का जल इस प्यासी धरती पर लाने का संकल्प ले चुके हैं। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में 32,000 करोड़ रुपये की यमुना जल योजना पर काम चल रहा है। हसियाबास में डैम बनेगा और हथिनी कुंड से पानी लाकर शेखावाटी की प्यास बुझाई जाएगी। राठौड़ ने कहा कि भजनलाल सरकार ने चूरू को मरुस्थलीय जिला घोषित किया है, जिससे यहां विकास की नई राहें खुली हैं। दर्जनों नई ग्राम पंचायतें और पंचायत समितियां भी बनाई गई हैं।
संबंधित खबरें
ढाणियों का विद्युतीकरण और कृषि सुधार
चूरू जिले में ढाणियों के विद्युतीकरण की योजना तेजी से आगे बढ़ रही है। वर्तमान में लगभग 22,000 ढाणियों में बिजली पहुंचाने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। किसानों के लिए भी सरकार ने बड़े कदम उठाए हैं। झींगा पालन करने वाले किसानों के लिए बिजली की दरों में कमी की गई है, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी। इसके अलावा, राजस्थान के किसानों को 25,000 करोड़ रुपये का अल्पकालीन ऋण दिया गया है। किसान सम्मान निधि के तहत हर किसान के खाते में 9000 रुपये भेजे जा रहे हैं।
राजेंद्र राठौड़ का भावनात्मक जुड़ाव
अपने संबोधन में राजेंद्र राठौड़ ने चूरू की जनता के साथ अपने दशकों पुराने रिश्ते का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वह 'राजू भैया' से 'राजेंद्र भाई साहब' और अब 'राजेंद्र काका' बन गए हैं। उन्होंने याद किया कि कैसे चूरू के लोगों ने उन्हें अपनी कर्मभूमि दी। रक्तदान के क्षेत्र में 62,000 यूनिट का लिमका बुक ऑफ रिकॉर्ड भी इसी जनता के सहयोग से बना था। राठौड़ ने कहा कि यह रिश्ता सिर्फ राजनीति का नहीं, बल्कि खून का है। उन्होंने जनता को विश्वास दिलाया कि वे हमेशा उनकी सेवा के लिए सड़कों पर मौजूद रहेंगे।
युवाओं और महिलाओं के लिए सौगात
प्रदेश में पेपर लीक के दंश को खत्म करने के लिए भजनलाल सरकार के प्रयासों की सराहना की गई। चूरू के हर गांव में युवाओं को सरकारी नौकरियां मिल रही हैं। नारी शक्ति वंदन अधिनियम का जिक्र करते हुए राठौड़ ने कहा कि वह दिन दूर नहीं जब 33 प्रतिशत बेटियां विधानसभा और लोकसभा में प्रतिनिधित्व करेंगी। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन ने इस राह में रोड़े अटकाए, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को उनका हक मिलकर रहेगा।
दिग्गजों की उपस्थिति और भविष्य का संकल्प
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला और राज्यपाल ओम माथुर की मौजूदगी ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। ओम बिड़ला ने लोकतंत्र के मंदिर की गरिमा और चूरू के शौर्य की सराहना की। ओम माथुर ने ही राजेंद्र राठौड़ को जनरल सगत सिंह की प्रतिमा लगाने की प्रेरणा दी थी। उन्होंने नाथुला बॉर्डर पर राठौड़ को इस कार्य के लिए प्रोत्साहित किया था। अंत में, राजेंद्र राठौड़ ने जनसमूह से आह्वान किया कि वे तालियों की गड़गड़ाहट के साथ मेहमानों का स्वागत करें और इस शौर्य दिवस के संकल्प को पूरा करने में सहयोग दें।
ताज़ा खबरें
चूरू: ओम बिरला ने किया जनरल सगत सिंह की प्रतिमा का अनावरण, 1971 युद्ध के नायक की वीरता को किया सलाम
ओम माथुर ने सुनाया जनरल सगत सिंह के शौर्य का किस्सा, राजेंद्र राठौड़ को 'बाबोसा' कहने पर ली चुटकी और दी ये सलाह
चूरू में उमड़ा जनसैलाब: लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह राठौड़ की प्रतिमा का अनावरण, पराक्रम सिंह राठौड़ ने भरी विकास और शौर्य की हुंकार
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने चूरू में किया लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह राठौड़ की प्रतिमा का अनावरण, सैनिक कल्याण के लिए बड़ी घोषणाएं