जयपुर | राजस्थान सरकार ने प्रदेश को हरा-भरा बनाने के लिए 'एक पेड़ मां के नाम: मिशन हरियालो राजस्थान' अभियान के दूसरे चरण की व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने वर्ष 2026-27 के लिए 3.61 करोड़ पौधारोपण का लक्ष्य निर्धारित किया है।
मिशन हरियालो राजस्थान: 3.61 करोड़ पौधे: राजस्थान में हरियाली की नई लहर, लगेंगे 3.61 करोड़ पौधे
मिशन हरियालो राजस्थान 2.0 के तहत 2026-27 के लिए बड़ा लक्ष्य तय किया गया है।
HIGHLIGHTS
- राजस्थान सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए 3.61 करोड़ पौधारोपण का विशाल लक्ष्य रखा है।
- प्रति विद्यार्थी 20 और प्रति कर्मचारी 40 पौधे लगाने का विशिष्ट लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
- पौधों की उत्तरजीविता सुनिश्चित करने के लिए नियमित मॉनिटरिंग और सुरक्षा के सख्त निर्देश दिए गए।
- लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर होगी कार्रवाई, अच्छे कार्य करने वालों को मिलेगा प्रोत्साहन।
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मिशन हरियालो राजस्थान 2.0 का भव्य आगाज
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण को एक जन आंदोलन बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। मंत्री मदन दिलावर ने शासन सचिवालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में आगामी लक्ष्यों की विस्तार से चर्चा की।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं है, बल्कि उनकी उत्तरजीविता को शत-प्रतिशत सुनिश्चित करना भी है। सरकार चाहती है कि हर लगाया गया पौधा भविष्य में एक विशाल और छायादार पेड़ के रूप में विकसित हो सके।
मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पौधारोपण के साथ-साथ पौधों की नियमित मॉनिटरिंग और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। इसके लिए विभाग स्तर पर एक अत्यंत प्रभावी और सुस्पष्ट कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
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विद्यार्थियों और कर्मचारियों को मिली बड़ी जिम्मेदारी
शिक्षा और पंचायती राज विभाग के समस्त कार्मिकों को इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए आह्वान किया गया है। अभियान के तहत अब प्रति विद्यार्थी प्रतिमाह 20 पौधे लगाने का एक विशेष लक्ष्य रखा गया है।
वहीं, सरकारी क्षेत्र के अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रतिमाह 40 पौधे लगाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मंत्री ने कहा कि यह केवल एक ड्यूटी नहीं बल्कि धरती के प्रति हमारा एक नैतिक और सामाजिक कर्तव्य भी है।
बैठक में मानसून सत्र को देखते हुए सभी तैयारियां समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। इसमें स्थान का चिन्हीकरण, पौधों की समय पर उपलब्धता और उनके रखरखाव की व्यवस्थाओं की बारीकी से समीक्षा की गई है।
पौधों के संरक्षण पर जोर और सख्त कार्रवाई के निर्देश
समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री दिलावर ने पिछले वर्षों के कार्यों का भी पूरा लेखा-जोखा लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर पूर्व में लगाए गए पौधे सूख गए हैं, वहां तत्काल नए पौधे लगाए जाएं।
पर्यावरण संरक्षण केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह एक जन आंदोलन है। हमें आने वाली पीढ़ियों को एक स्वच्छ, सुरक्षित और हरित राजस्थान सौंपने का संकल्प लेना होगा।
पौधारोपण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों और संस्थाओं को सरकार द्वारा प्रोत्साहित किया जाएगा। दूसरी ओर, पौधारोपण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
पिछले वर्षों की उपलब्धियां और भविष्य की राह
राज्य में इस अभियान के अंतर्गत पिछले वर्षों में भी काफी सराहनीय कार्य हुए हैं। आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 में 100 लाख से अधिक और वर्ष 2025 में 288 लाख से अधिक सफल पौधारोपण किया गया था।
मुख्यमंत्री की दूरदर्शी सोच और पर्यावरण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के कारण ही राजस्थान में हरित अभियान को एक नई गति मिली है। सरकार अब जनभागीदारी के माध्यम से इस मिशन को हर घर तक पहुंचाना चाहती है।
ग्रामीण विकास और हॉर्टिकल्चर विभाग के साथ बेहतर समन्वय बिठाकर इस विशाल लक्ष्य को हासिल किया जाएगा। नर्सरियों में पौधों के स्टॉक और उनके वितरण की व्यवस्था को भी काफी सुदृढ़ और पारदर्शी बनाया जा रहा है।
इस महत्वाकांक्षी योजना के जरिए राजस्थान न केवल रेगिस्तान के प्रसार को प्रभावी ढंग से रोकेगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर पर्यावरण संतुलन की दिशा में एक मिसाल पेश करेगा। हर नागरिक का सक्रिय सहयोग इस मिशन की सफलता का आधार बनेगा।
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