बीकानेर | कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा के कोलायत दौरे पर आयोजित एक लाभार्थी सम्मेलन राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र बन गया। इस कार्यक्रम के दौरान पूर्व मंत्री देवी सिंह भाटी और अंशुमान सिंह भाटी के समर्थन में कार्यकर्ताओं ने जमकर नारे लगाए, जिससे कुछ समय के लिए माहौल गरमा गया।
पोस्टर पर देवी सिंह और अंशुमान सिंह की फोटो नहीं: कोलायत में सियासी बवाल, मंत्री के सामने लगे नारे
बीकानेर के कोलायत में लाभार्थी सम्मेलन के दौरान पूर्व मंत्री देवी सिंह भाटी और अंशुमान सिंह भाटी के समर्थकों ने जमकर नारेबाजी की। अंशुमान सिंह को आमंत्रित नहीं करने से कार्यकर्ता नाराज थे।
HIGHLIGHTS
- कोलायत में लाभार्थी सम्मेलन के दौरान राजनीतिक हंगामा और नारेबाजी हुई।
- विधायक अंशुमान सिंह भाटी को आमंत्रित नहीं करने से समर्थक नाराज थे।
- मंत्री सुमित गोदारा ने मंच से देवी सिंह भाटी के योगदान की सराहना की।
- गोदारा ने आयोजन में कमी स्वीकारते हुए चार महीने बाद अलग कार्यक्रम का वादा किया।
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कोलायत में लाभार्थी सम्मेलन बना सियासत का अखाड़ा
यह पूरा घटनाक्रम तब हुआ जब मंत्री सुमित गोदारा मंच पर मौजूद थे। कार्यकर्ताओं की नाराजगी ने कार्यक्रम को एक राजनीतिक मंच में तब्दील कर दिया, जहां पार्टी की आंतरिक गुटबाजी सतह पर आ गई।
समर्थकों ने क्यों जताई नाराजगी?
कार्यकर्ताओं का मुख्य आरोप था कि स्थानीय विधायक अंशुमान सिंह भाटी को इस सरकारी कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया गया था।
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इसके अलावा, कार्यक्रम के पोस्टरों पर भी देवी सिंह भाटी और अंशुमान सिंह की तस्वीरें नहीं थीं, जिससे समर्थकों में गहरा असंतोष था। इसी के चलते उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी।
मंत्री सुमित गोदारा ने संभाला मोर्चा
बढ़ते हंगामे को देखते हुए कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा ने स्थिति को संभालने की कोशिश की। उन्होंने मंच से ही समर्थकों को संबोधित किया और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की सराहना कर माहौल को शांत करने का प्रयास किया।
देवी सिंह भाटी की जमकर की तारीफ
मंत्री गोदारा ने पूर्व मंत्री देवी सिंह भाटी और उनके परिवार के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा:
"गांव-गांव भाजपा को सींचने का काम देवी सिंह भाटी ने किया है। हमें उन पर गर्व है। उनकी मेहनत और योगदान की बदौलत भाजपा इस क्षेत्र के गांव-गांव तक पहुंची और भाजपा के पहले सांसद महेंद्र सिंह भाटी बने।"
आयोजन की कमी स्वीकारी, नए कार्यक्रम का वादा
अंशुमान सिंह भाटी को निमंत्रण नहीं मिलने के आरोपों पर मंत्री गोदारा ने स्पष्ट किया कि यह एक सरकारी कार्यक्रम था।
उन्होंने आयोजन में किसी भी तरह की कमी की संभावना को स्वीकार किया। उन्होंने मंच से घोषणा करते हुए कहा, "अगर कोई कमी रह गई है तो चार महीने बाद सभी के साथ मिलकर अलग कार्यक्रम करेंगे।"
कोलायत की राजनीति में नई चर्चा
मंत्री के इस बयान के बाद माहौल कुछ हद तक शांत हो गया। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम ने कोलायत की भाजपा इकाई में चल रही आंतरिक खींचतान को उजागर कर दिया है।
राजनीतिक विश्लेषक इसे भविष्य की रणनीतियों के संकेत के रूप में देख रहे हैं। फिलहाल, इस घटना को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है।
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