गुजरात | गुजरात के राजकोट में शनिवार कि शाम को 4.30 बजे TRP गेम जोन में आग लगने से 30 लोगों की मौत हो गई। जिसमें 12 बच्चे भी शामिल हैं। अग्नि शामक दल की 8 टीमें करीब 3 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। 25 से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू कर अस्पताल में भर्ती करवाया गया। राहत कार्य रातभर जारी रहा। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है।

प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक-कालावड रोड स्थित इस गेम जोन में सप्ताह के अंतिम दिन की वजह से 500 रुपए का टिकट 99 रुपए में दिया जा रहा था, इसलिए भीड़ ज्यादा थी। टीआरपी गेम जोन के मालिक युवराज सिंह सोलंकी(yuvrajsingh solanki), पार्टनर प्रकाश जैन (prakash jain), राहुल राठौड़ (rahul rathor) और मैनेजर नीतिन जैन (neetin jain) को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। हादसे के बाद चारों ने फोन बंद कर लिया था।
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आग कैसे लगी: किराए की 2 एकड़ जमीन पर तीन मंजिला गेम जोन 2020 में बनाया गया था। इसका स्ट्रक्चर लकड़ी और टीन शेड पर खड़ा था। कई जगह रिपेयरिंग और रेनोवेशन का काम भी चल रहा था। एक जगह सीढ़ी पर वेल्डिंग के दौरान निकली चिंगारी से ब्लास्ट हुआ और आसपास आग लग गई।
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आग इतना तेजी से फ़ैलाने का कारण

गेम जोन का डोम (DOM) कपड़े और फाइबर से बना था। ढांचे की बनावट लकड़ी, टीन और थर्मोकोल शीट से बनाया गया था। फर्श पर भी रबड़, रैग्जिन (raggin) और थर्मोकोल लगा था। इसके अलावा गेज जोन में 2 हजार लीटर डीजल और 1500 लीटर पेट्रोल भी स्टोर किया गया था। इसलिए आग कुछ मिनटों में ही तेजी से फैल गई।
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ज्यादा जन हानि का कारण

प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, आग नीचे से ऊपर तक कुछ ही मिनटों में फैल गई थी। तीन मंजिला स्ट्रक्चर में नीचे से ऊपर जाने के लिए केवल एक सीढ़ी थी। दूसरी और तीसरी मंजिल के लोगों को भागने का मौका नहीं मिला।
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ऐसी घटना को लेकर अधिकारियो का कहना
राजकोट कलेक्टर आनंद पटेल (annad patel) ने कहा, शव इतनी बुरी तरह जले हैं कि पहचान मुश्किल है। डीएनए (DNA) टेस्ट कराना होगा। राजकोट के सभी गेम जोन बंद कर दिए गए हैं। पुलिस कमिश्नर राजू भार्गव के मुताबिक, टीआरपी गेम जोन के पास फायर एनओसी तक नहीं थी। सरकार ने जांच के लिए SIT बनाई है।