ये भी बताया जा रहा है कि इस मुठभेड़ में आतंकियों के भी हताहत होने की संभावना है।
जानकारी के अनुसार, भारतीय सेना के जवान पिछले महीने जम्मू क्षेत्र में सेना के ट्रक पर घात लगाकर किए गए हमले में शामिल आतंकवादियों के गिरोह की तलाश में थे।
ऐसे में राजौरी सेक्टर में कांडी वन में आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना पर 3 मई को संयुक्त अभियान शुरू किया गया था।
गुफा में छिपे आतंकियों ने किया विस्फोट
सेना की ओर से जारी बयान में कहा गया कि शुक्रवार यानि सुबह तलाशी अभियान के दौरान एक गुफा में छिपे आतंकियों के ग्रुप का पता चलने पर जवानों ने उन्हें घेरा तो उन्होंने विस्फोट कर दिया।
जिसके चलते सेना के दो जवान शहीद हो गए और एक अधिकारी समेत चार जवान घायल हो गए। जिसके बाद घायलों को तुरंत उधमपुर के कमांड अस्पताल में भर्ती कराया गया।
उमर अब्दुल्ला बोले- आतंकवाद एक अभिशाप
जम्मू-कश्मीर में हुई इस दुखदायी घटना पर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने दुख जताया है।
उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि, सेना के 5 जवानों ने ड्यूटी के दौरान अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। आतंकवाद एक अभिशाप है जिसने जम्मू-कश्मीर में दशकों से कई जिंदगियों को तबाह कर दिया है और इसकी कड़ी निंदा की जानी चाहिए। आज हमने जिन लोगों को खोया है, उनके परिवारों के प्रति मैं गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।