मेरे आदर्श एवं प्रेरक, आंतरिक सुरक्षा अकादमी केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के पूर्व निदेशक एवं महानिरीक्षक रहे भूपत सिंह चौहान पिपरली का असमय हमारे बीच से चले जाना एक ऐसी क्षति है जिसे शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। चौहान साहब से प्रेरणा लेकर कई लोगों ने प्रशासनिक जीवन में कदम रखा। उन्होंने जीवन में कर्म को प्रधानता दी और अपने कर्मों को आदर्श और प्रेरणा के स्तर तक पहुंचाया।
वे हमारे मार्गदर्शक, अग्रज और प्रेरणास्रोत थे। मुझ जैसे सैकड़ों लोगों ने भूपत सिंह चौहान को अपना आदर्श माना और उन्होंने अपनी कर्तव्यनिष्ठा से हमें हमेशा गौरवान्वित किया। उनके कर्मप्रधान जीवन से हमें मार्गदर्शन मिला और अनेक लोगों का जीवन संवर गया। उनका यूं चले जाना हम सबके लिए एक गहरे सन्नाटे से भर देता है।
सब कुछ ठीक चल रहा था कि अचानक सूचना मिली कि आदरणीय भूपत सिंहजी की कार का एक्सीडेंट हो गया है और वे अब हमें छोड़कर चले गए हैं। यह खबर सुनते ही पूरे मन और मस्तिष्क पर एक गहरा सन्नाटा छा गया। वे जोधपुर से सूरतगढ़ के लिए अपनी कार से जा रहे थे, जब रास्ते में किसी अज्ञात वाहन ने उनकी कार को टक्कर मार दी और वे हमारे बीच नहीं रहे।
वर्ष 1984 में वे राजपत्रित अधिकारी के रूप में नियुक्त हुए और 38 वर्षों की शानदार सेवा देने के बाद 2022 में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल से सेवानिवृत हुए। इस दौरान उन्होंने देश के विभिन्न हिस्सों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। हमारे गांव पिपरली में 29 मार्च 1962 को जन्मे भूपत सिंहजी ने राजस्थान के माउंट आबू में अपनी पहली पोस्टिंग प्राप्त की।