उर्स क्षेत्र में सुरक्षा के लिए कुल करीब 5 हजार पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। इनमें 5 एडिशनल एसपी और 8 डिप्टी एसपी भी शामिल हैं, जो पूरे क्षेत्र की कमान संभालेंगे।
सादा वर्दी में जवानों के साथ-साथ अंजनी कोट और ब्लू वर्दीधारी पुलिसकर्मी भी मौके पर मौजूद रहेंगे। इसके अतिरिक्त, सीबी, सीआईडी और स्पेशल टीम के जवान भी निगरानी में सहयोग करेंगे।
अपराधियों पर शिकंजा कसने की तैयारी
पुलिस को अनुमान है कि इस बार दरगाह में 5 से 7 लाख जायरीन आ सकते हैं। इतनी भारी भीड़ में उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, मध्य प्रदेश, गुजरात और बिहार जैसे राज्यों से फरार अपराधी, जेबतराश, मोबाइल चोर और स्नैचर सक्रिय हो सकते हैं।
पिछले वर्ष, दरगाह थाना पुलिस ने दिल्ली, बुलंदशहर, शाहजहांपुर, वाराणसी और बिजनौर से आए बदमाशों के एक गिरोह को गिरफ्तार किया था। इसी अनुभव के आधार पर इस बार निगरानी को और भी सख्त किया गया है।
तकनीकी निगरानी और अतिरिक्त सतर्कता
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पहले फेस रिकॉग्निशन सिस्टम लगाने पर विचार किया गया था, लेकिन तकनीकी कारणों से यह संभव नहीं हो सका। ऐसे में, पुलिस बल को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के विशेष निर्देश दिए गए हैं।
संदिग्धों पर नजर रखने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए संभाग स्तर से अतिरिक्त पुलिस बल भी मंगाया गया है। यह सुनिश्चित करेगा कि कोई भी अप्रिय घटना न हो।
बम धमकी के बाद बढ़ी चौकसी
गौरतलब है कि 4 और 10 दिसंबर को एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा कलेक्टर को ई-मेल भेजकर दरगाह और कलेक्ट्रेट में धमाके की धमकी दी गई थी। इस धमकी के बाद पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को और भी कड़ा कर दिया है।
हाल ही में, पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में पूरे उर्स क्षेत्र में रूट मार्च भी निकाला गया था। यह मार्च सुरक्षाकर्मियों की तैयारियों और उनकी उपस्थिति का प्रदर्शन था।