हो सकता है आपके लिए अमृतपाल सिंह नाम नया हो लेकिन दीप सिद्धू का नाम तो शायद इस देश में हर किसी ने सुना होगा. जी हां वही दीप सिद्धू जिसने किसान आंदोलन के दौरान लालकिले पर निशान साहिब फहरा दिया था. जल्दी ही दीप सिद्धू की एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई. दीप सिद्धू की जो जगह खाली हुई वो जगह अब अमृतपाल सिंह ने ले ली है और खालिस्तान समर्थक संगठन 'वारिस पंजाब दे' को अब अमृतपाल सिंह कमान दे रहे है.
'वारिस पंजाब दे' संगठन की स्थापना भी दीप सिद्धू ने ही की थी. सिद्धू ही इसके नेता थे लेकिन सिद्धू की मौत के बाद इस संगठन ने अपना नया नेता अमृतपाल सिंह को चुना.
सुरक्षा एजेंसियों के लिए सिरदर्द बन चुका है अमृतपाल सिंह
वारिस पंजाब दे की कमान संभालने के साथ ही अमृतपाल सिंह ने अपने खालिस्तानी तेवर दिखाने शुरू कर दिए और कुछ महीने पहले ही दुबई से भारत लौटे इस शख्स की पंजाब में गतिविधिया ख़ुफ़िया एजेंसियों के लिए सिरदर्द बन गई. इतना ही नहीं कुछ एजेंसियों ने पंजाब सरकार को अमृतपाल सिंह को लेकर सचेत रहने और उस पर नजर रखने के लिए भी कहा था.
अमित शाह को भी धमकी दे चुका हैं अमृतपाल सिंह
वारिस पंजाब दे की कमान संभालने के बाद अमृतपाल सिंह बेखौफ और बेपरवाह अपनी गतिविधियों को संचालित कर रहा है. एक बार अमृतपाल सिंह ने देश के गृहमंत्री अमित शाह को इंदिरा गाँधी वाला हश्र करने की धमकी भी दे डाली थी.
हालाँकि अमृतपाल सिंह अपने बयान से यू टर्न ले गए थे लेकिन उसके बाद केंद्रीय जाँच एजेंसियों की ने अमृतपाल सिंह की हर तरह की गतिविधियों पर नजर रखना शुरू कर दिया था.
आज बड़ा बवंडर कर दिया
अमृतपाल सिंह ने आज अमृतसर के अजनाला थाने के बाहर दिनभर जैसे मर्जी हुई वैसे बवाल किया. कारण था कि अमृतपाल सिंह के एक आदमी तूफ़ान सिंह को अमृतसर पुलिस ने मारपीट के एक मामले में गिरफ्तार कर लिया था. उस गिरफ्तारी के विरोध में अमृतपाल सिंह वारिस पंजाब दे के अपने समर्थको के साथ थाने पहुंचा और बेरिकेट्स तोड़कर उपद्रव करने लगा. इस दौरान ना केवल हवा में तलवारे लहराई गई बल्कि अनेक आपत्तिजनक बयान भी दिए गए. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो थाने के बाहर मौजूद अमृतपाल सिंह के समर्थको के पास हथियार भी थे.
पुलिस को धमकी पर धमकी देता रहा
अजनाला थाने के बाहर अमृतपाल सिंह लगातार पुलिस को धमकियां देता रहा. इस दौरान उसने पुलिस को धमकाते हुए कहा कि यदि एक घंटे में FIR रद्द नहीं की गई तो आगे जो होगा उसके जिम्मेदार हम नहीं होंगे. अमृतपाल सिंह ने आगे कहा कि आज अगर मरने की भी बारी आई तो सबसे आगे मैं आऊंगा.
फिर पुलिस को झुकना पड़ा
अजनाला थाने के बाहर आज जो कुछ हुआ उसके आगे पुलिस बेबस और लाचार ही नजर आई. आखिर में पुलिस को वारिस पंजाब दे के कार्यकर्त्ता तूफ़ान सिंह को रिहा करना पड़ा. इस मामले में अमृतसर के पुलिस कमिश्नर जसकरण सिंह का बयान आया और उन्होंने कहा कि तूफ़ान को रिहा किया जा रहा है. इस मामले में जल्दी ही SIT जाँच की जाएगी.