ड्राइवर की सूझबूझ ने बचाई सांसद की जान
कार को शाहपुर निवासी अनुभवी ड्राइवर अनिल जाधव चला रहे थे। जैसे ही उन्हें जलने की महक आई और बोनट के पास से हल्का धुआं निकलता दिखा, उन्होंने बिना एक पल की देरी किए असाधारण सूझबूझ का परिचय दिया। उन्होंने तुरंत कार को सड़क के किनारे एक सुरक्षित स्थान पर खड़ा कर दिया। ड्राइवर ने फौरन सांसद लुम्बाराम चौधरी और कार में बैठे अन्य साथियों को बाहर निकलने के लिए चिल्लाकर आगाह किया। जैसे ही सभी लोग गाड़ी से उतरकर सुरक्षित दूरी पर पहुंचे, कार के अगले हिस्से से आग की ऊंची लपटें निकलने लगीं।
देखते ही देखते पूरी कार आग का गोला बन गई और आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया। अगर ड्राइवर ने निर्णय लेने में जरा भी देरी की होती, तो कार का सेंट्रल लॉकिंग सिस्टम जाम हो सकता था और परिणाम घातक हो सकते थे। कुछ ही पलों में आग ने इतना विकराल रूप ले लिया कि किसी को भी कार के पास जाने की हिम्मत नहीं हुई।
पुलिस और फायर ब्रिगेड की त्वरित कार्रवाई
सड़क पर धू-धू कर जलती कार को देखकर आसपास के लोग और अन्य वाहन चालक भी सहम गए। घटना की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग को दी गई। वाडिवे थाने के पुलिसकर्मी और फायर ब्रिगेड की टीम कुछ ही समय में मौके पर पहुंच गई। दमकल कर्मियों ने पानी की बौछार कर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह से काबू पाया, लेकिन तब तक कीमती रेंज रोवर जलकर पूरी तरह राख हो चुकी थी। अब उस स्थान पर केवल कार का जला हुआ लोहे का ढांचा ही बचा है, जो हादसे की भयावहता को बयां कर रहा है।
हादसे के बाद यातायात हुआ प्रभावित
इस भीषण अग्निकांड के कारण मुंबई-नासिक हाईवे पर कुछ घंटों तक यातायात बाधित रहा। पुलिस ने एहतियात के तौर पर वाहनों को रोक दिया था ताकि आग की लपटों से कोई और वाहन चपेट में न आए। बाद में क्रेन की मदद से जले हुए वाहन को सड़क से हटाकर किनारे किया गया, जिसके बाद यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो सका। वाडिवे पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर भगवान माथुरे ने बताया कि "सांसद अपने साथियों के साथ ठाणे से त्र्यंबकेश्वर जा रहे थे। प्रथम दृष्टया यह इंजन में तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट का मामला लग रहा है। हमने एक्सीडेंटल केस दर्ज कर लिया है और फॉरेंसिक टीम भी इसकी जांच कर सकती है।" सुरक्षित रहने के बाद सांसद चौधरी ने ईश्वर का धन्यवाद किया और त्र्यंबकेश्वर मंदिर में मत्था टेका।