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फोन पर कहा था जल्द आ रहा हूं घर, आया तो तिरंगे में लिपटकर, 2 महीने पहले हुई थी शादी

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शहीद हुए जवान कालू लाल नागर की शादी 2 महीने पहले 5 जून को बूंदी जिले के करवर की रहने वाली टीना से हुई थी। 27 जून को वह वापस ड्यूटी पर चला गया था। तीन दिन पहले ही उसका फोन आया था कि वह जल्दी ही छुट्टी लेकर घर आ रहा है। 

HIGHLIGHTS

  1. 1 शहीद हुए जवान कालू लाल नागर की शादी 2 महीने पहले 5 जून को बूंदी जिले के करवर की रहने वाली टीना से हुई थी। 27 जून को वह वापस ड्यूटी पर चला गया था। तीन दिन पहले ही उसका फोन आया था कि वह जल्दी ही छुट्टी लेकर घर आ रहा है। 
bundi jawan martyred in panagarh west bengal got married 2 months ago

बूंदी | Bundi Jawan Martyr: 2 महीने पहले ही शादी के बंधन में बंधने के बाद वापस अपना फर्ज निभाने ड्यूटी पर पहुंचे राजस्थान का जवान पश्चिम बंगाल के पानागढ़ में शहीद हो गया।

जानकारी के अनुसार, राजस्थान के बूंदी जिले का लाड़ला कालू लाल नागर (26) सेना में ट्रक ड्राइवर था। 

वह सेना के ट्रक में हवा भरने के दौरान टायर फटने से हादसे का शिकार हो गया। 

जवान के शहीद होने की सूचना मिलने के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। 

जवान का पार्थिव शरीर मंगलवार तक उनके पैतृक गांव पहुंचेगा, इसके बाद राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।

2019 में सेना में हुआ था चयन

जानकारी के अनुसार, पानागढ़ में हादसे का शिकार होकर शहीद हुआ जवान कालू लाल नागर बूंदी के हिण्डोली उपखंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत छाबड़ियों का नया गांव, हनुमानपुरा का निवासी था। 

हादसे में सिर में लगी थी गंभीर चोट

जवान नागर का भारतीय सेना में 2019 में चयन हुआ था। वह ड्यूटी के दौरान बीते शनिवार देर रात सेना के वाहन के टायर में हवा भर रहा था। इसी दौरान टायर फट गया, जिसमें जवान के सिर में गंभीर चोट आईं थी। 

इसके बाद जवान को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। 

कालू लाल नागर की शादी 2 महीने पहले बूंदी जिले के करवर निवासी टीना से हुई थी।

2 महीने पहले हुई थी शादी

हादसे में शहीद हुए जवान कालू लाल नागर की शादी 2 महीने पहले 5 जून को बूंदी जिले के करवर की रहने वाली टीना से हुई थी।

27 जून को वह वापस ड्यूटी पर चला गया था। कालूलाल के भाई ने बताया कि तीन दिन पहले ही उसका फोन आया था। तब उसने कहा था कि वह जल्दी ही छुट्टी लेकर घर आ रहा है। 

लेकिन तब किसे पता था कि वह अब तिरंगे में लिपटकर वापस आएगा।

बेटे के हादसे में शहीद होने की खबर जैसे ही परिवार को मिली तो कोहराम मच गया।

शहीद के पिता बंटाई के आधार पर खेती कर परिवार का पालन पोषण करते हैं। 

शहीद कालू लाल नागर तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। जवान का एक भाई ड्राइविंग करता है और दूसरा भाई आर्मी की तैयारी कर रहा है। 

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