मंडवारिया (Sirohi) : गौ भक्त और समाजसेवी दलपत पुरोहित मंडवारिया ने करीब छह माह से गौ माता के उत्थान के लिए अन्न त्याग का कठोर संकल्प रखा था। गुरुदेव 1008 संत रामानंद महाराज के आदेश पर उन्होंने नवरात्रि पूर्णिमा पर अपना व्रत तोड़ा।
दलपत पुरोहित ने संकल्प लिया था कि जब तक गौ माता के उत्थान के लिए कोई ठोस कानून नहीं बन जाता, तब तक वे अन्न ग्रहण नहीं करेंगे। इस संकल्प के साथ वे बिना अन्न ग्रहण किए हुए ही अपनी भागदौड़ भरी जिंदगी जी रहे थे।
एक कुशल व्यवसाई और राजनेता होने के साथ-साथ वे गौ माता और संतों की सेवा भी निरंतर करते रहे। बिना अन्न ग्रहण किए उन्होंने विदेश यात्राएं भी कीं और राजनीति में भी सक्रिय भूमिका निभाई।