सिसोदिया गांव में ग्रामीणों ने विजिलेंस टीम को घेर लिया, जिसके बाद सूचना मिलने पर विधायक रामबिलास मीणा मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों का समर्थन किया और टीम को वहीं बैठाए रखा।
विधायक का सख्त संदेश: वसूली करने वालों को बांध दो
विधायक रामबिलास मीणा ने ग्रामीणों से कहा कि ये लोग वीसीआर के नाम पर लोगों से पैसे वसूल करते हैं। उन्होंने लोगों से डरने की बजाय ऐसे वसूली करने वालों को पकड़ने और उन्हें फोन करने को कहा।
मीणा ने साफ शब्दों में कहा, "अगर कोई वीसीआर भरने वाला लालसोट में आता है, तो उसे पकड़कर मुझे फोन करो। मैं 10 मिनट में पहुंच जाऊंगा। उसकी गाड़ी के दोनों पहियों से हवा निकाल दो।"
उन्होंने आगे कहा कि अगर बिजली विभाग का कोई अधिकारी लालसोट विधानसभा में वीसीआर भरने की कार्रवाई करता है, तो उसे वहीं बैठाना है। गाड़ी की हवा निकालनी है और अगर वह ज्यादा बदमाशी करे, तो उसे पेड़ से बांध देना है।
विधायक ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि आगे जो होगा, वह देखा जाएगा और उन्हें तुरंत सूचना देने को कहा, यहां तक कि अगर वह जयपुर में भी होंगे तो पहुंच जाएंगे। उन्होंने बताया कि आज भी उनके कार्यकर्ताओं ने चारों तरफ से घेरकर टीम को पकड़ा है।
ग्रामीणों का आरोप: 50 हजार की अवैध वसूली
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि महवा क्षेत्र से सहायक अभियंता (AEN) के नेतृत्व में आई विजिलेंस टीम ने कई गांवों में वीसीआर भरने के नाम पर करीब 50 हजार रुपए की अवैध वसूली की है। यह आरोप ग्रामीणों द्वारा लगाए गए हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया है।
विजिलेंस टीम का खंडन: आरोप झूठे हैं
विजिलेंस टीम में शामिल सहायक अभियंता मुकेश मीणा ने इन आरोपों का खंडन किया। उन्होंने बताया कि वे उच्च अधिकारियों के आदेश पर बिजली चोरी की जांच करने के लिए पहुंचे थे।
मीणा ने कहा कि विधायक रामबिलास मीणा ने उन्हें वहीं बैठा लिया और इस दौरान विधायक जनसुनवाई करने लगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके द्वारा कोई फर्जी वीसीआर नहीं भरा गया है और ग्रामीणों द्वारा लगाए गए अवैध वसूली के सभी आरोप झूठे हैं।