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भारत

EPFO ऑफिस अब पासपोर्ट सेवा केंद्रों जैसे बनेंगे: किसी भी शहर में सुलझेंगे पीएफ विवाद, 100 करोड़ का लक्ष्य

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केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने ईपीएफओ में बड़े बदलावों का ऐलान किया है जिसके तहत अब देश के किसी भी ऑफिस में पीएफ दावों का निपटारा हो सकेगा।

HIGHLIGHTS

  1. 1 ईपीएफओ ऑफिस अब पासपोर्ट सेवा केंद्रों की तर्ज पर सिंगल विंडो सर्विस सेंटर बनेंगे। अब किसी भी क्षेत्रीय कार्यालय में जाकर अपने पीएफ दावों और विवादों का निपटारा किया जा सकेगा। सरकार जल्द ही ईपीएफ सुविधा प्रोवाइडर नियुक्त करेगी जो तकनीकी रूप से कमजोर लोगों की मदद करेंगे। मार्च 2026 तक देश के 100 करोड़ नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने का लक्ष्य है।
epfo offices to become single window service centers like passport seva kendra

नई दिल्ली | केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के ढांचे और कार्यप्रणाली में क्रांतिकारी बदलावों की घोषणा की है। अब देश के सभी ईपीएफओ कार्यालयों को पासपोर्ट सेवा केंद्रों की तर्ज पर सिंगल विंडो सर्विस सेंटर में परिवर्तित किया जाएगा। इस ऐतिहासिक कदम का मुख्य उद्देश्य पीएफ खाताधारकों को बिना किसी परेशानी के सेवाएं प्रदान करना है। अब खाताधारकों को अपनी शिकायतों के लिए केवल उसी कार्यालय पर निर्भर नहीं रहना होगा जहां उनका खाता पंजीकृत है। मंत्री मांडविया ने बताया कि इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद खाताधारक देश के किसी भी क्षेत्रीय कार्यालय में जाकर अपनी समस्याओं का समाधान करा सकेंगे। पहले यह नियम था कि कर्मचारी को अपनी शिकायतों या दावों के निपटान के लिए उसी विशिष्ट क्षेत्रीय कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते थे जिससे उसका संस्थान जुड़ा होता था। अब मॉडर्न टेक्नोलॉजी और डिजिटल कनेक्टिविटी के माध्यम से इस बाधा को समाप्त किया जा रहा है।

दिल्ली में पायलट प्रोजेक्ट की सफलता

गुजरात के वटवा में नए भविष्य निधि भवन के उद्घाटन के दौरान यह जानकारी दी गई कि इस नई प्रणाली का परीक्षण दिल्ली में सफलतापूर्वक शुरू हो चुका है। अब ईपीएफओ के कामकाज को पूरी तरह से डिजिटल और इंटरकनेक्टेड बनाया जा रहा है। इससे किसी भी शहर का व्यक्ति अपने नजदीकी कार्यालय में जाकर पीएफ से जुड़े काम आसानी से पूरे कर सकेगा। इससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि पारदर्शिता भी बढ़ेगी। सरकार जल्द ही ईपीएफ सुविधा प्रोवाइडर नाम का एक नया तंत्र पेश करने जा रही है। ये अधिकृत सहायक होंगे जो उन कर्मचारियों की मदद करेंगे जिन्हें डिजिटल सिस्टम का उपयोग करने में कठिनाई होती है। विशेष रूप से जो लोग पहली बार पीएफ से जुड़ रहे हैं या जो तकनीकी रूप से सक्षम नहीं हैं उनके लिए ये सुविधा प्रोवाइडर नागरिकों और संगठन के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करेंगे। वे दावों के निपटारे और अन्य प्रक्रियाओं में खाताधारकों का मार्गदर्शन करेंगे।

इनऑपरेटिव खातों के लिए मिशन मोड

देश में लाखों ऐसे खाते हैं जो वर्षों से निष्क्रिय पड़े हैं और उनमें बड़ी राशि जमा है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि ईपीएफओ अब इन खातों के लिए मिशन मोड में केवाईसी सत्यापन प्रक्रिया शुरू करेगा। इसके लिए एक समर्पित डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया जा रहा है। इस पहल से उन खाताधारकों या उनके कानूनी वारिसों की पहचान करना संभव होगा जिनका पैसा अटका हुआ है। इससे वास्तविक लाभार्थियों को उनका हक सुरक्षित तरीके से मिल सकेगा। भारत अब अपने अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों में सामाजिक सुरक्षा क्लॉज को प्राथमिकता दे रहा है। भारत और ब्रिटेन के बीच हुए समझौते की तरह ही अब अन्य देशों के साथ होने वाली संधियों में भी यह प्रावधान होगा कि यदि कोई भारतीय कर्मचारी विदेश में काम करके वापस लौटता है तो उसका वहां जमा पीएफ योगदान व्यर्थ नहीं जाएगा। वह भारत आने पर भी अपनी जमा राशि और संबंधित लाभों का हकदार होगा।

आर्थिक मजबूती और भविष्य का लक्ष्य

ईपीएफओ की वित्तीय स्थिति पर चर्चा करते हुए मंत्री ने बताया कि संगठन के पास वर्तमान में 28 लाख करोड़ रुपए का विशाल फंड है। इस पर 8.25 प्रतिशत की दर से वार्षिक ब्याज दिया जा रहा है जो अन्य बचत योजनाओं की तुलना में काफी आकर्षक है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि ईपीएफओ में जमा पैसा पूरी तरह सुरक्षित है क्योंकि इसे भारत सरकार की गारंटी प्राप्त है। सांख्यिकीय आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2014 से पहले भारत की केवल 19 प्रतिशत जनसंख्या को सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलता था जो अब बढ़कर 64 प्रतिशत हो गया है। वर्तमान में देश के लगभग 94 करोड़ लोग किसी न किसी रूप में सामाजिक सुरक्षा के दायरे में हैं। सरकार का लक्ष्य है कि मार्च 2026 तक देश के 100 करोड़ नागरिकों को इसके अंतर्गत कवर किया जाए जिससे भारत दुनिया के सबसे बड़े सामाजिक सुरक्षा प्रदाताओं में अग्रणी बन सके। इस नई व्यवस्था से पीएफ निकासी और ट्रांसफर की प्रक्रिया भी काफी तेज हो जाएगी।

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