जयपुर | राजस्थान की राजधानी जयपुर एक बार फिर विश्व स्तरीय व्यापारिक गतिविधियों का केंद्र बनने जा रही है। भारत के प्राकृतिक पत्थर यानी नेचुरल स्टोन उद्योग को वैश्विक मानचित्र पर नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से 13वें इंडिया स्टोनमार्ट 2026 का बिगुल बज चुका है। आगामी 5 से 8 फरवरी 2026 तक जयपुर के सीतापुरा स्थित जयपुर एग्ज़ीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (JECC) में इस भव्य प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन न केवल राजस्थान बल्कि पूरे एशिया के स्टोन इंडस्ट्री के लिए एक मील का पत्थर साबित होने वाला है।
चार दिनों तक चलने वाले इस अंतरराष्ट्रीय संवाद और प्रदर्शनी का औपचारिक शुभारंभ गुरुवार, 5 फरवरी 2026 को मुग्धा कन्वेंशन हॉल में सुबह 10 बजे होगा। इस गौरवशाली पल के मुख्य अतिथि राजस्थान के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा होंगे। मुख्यमंत्री की उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि राज्य सरकार राजस्थान के पारंपरिक और आधुनिक स्टोन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कितनी गंभीर है।
उद्घाटन समारोह में जुटेगा दिग्गजों का जमावड़ा
इंडिया स्टोनमार्ट 2026 का उद्घाटन समारोह केवल एक औपचारिक शुरुआत नहीं, बल्कि उद्योग जगत के दिग्गजों का एक बड़ा संगम होगा। इस अवसर पर उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष मधुसूदन दादू और संगठन महामंत्री प्रकाश चंद्र जैसे गणमान्य लोग मौजूद रहेंगे। साथ ही, आर.के. मार्बल के अध्यक्ष अशोक पाटनी और आयोजन समिति के संयोजक नटवरलाल अजमेरा सहित देश-विदेश के प्रमुख निर्यातक, नीति निर्माता और विशेषज्ञ भी इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनेंगे।
रामलला के शिल्पकार अरुण योगीराज होंगे विशेष आकर्षण
इस बार के स्टोनमार्ट का सबसे भावनात्मक और विशेष आकर्षण अयोध्या के राम मंदिर में स्थापित भगवान श्री रामलला की दिव्य मूर्ति के शिल्पकार अरुण योगीराज की उपस्थिति है। अरुण योगीराज ने अपनी कला से पत्थरों में जिस तरह प्राण फूंके हैं, उसने पूरी दुनिया को भारतीय मूर्तिकला का कायल बना दिया है। उनकी सहभागिता यह संदेश देगी कि पत्थर केवल एक खनिज संसाधन नहीं है, बल्कि यह हमारी आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का भी आधार है। मीडिया और कला प्रेमियों के लिए यह एक दुर्लभ अवसर होगा जब वे उस कलाकार से रूबरू हो सकेंगे जिसने भारत के सबसे बड़े सांस्कृतिक प्रतीक को मूर्त रूप दिया है।
क्या है इंडिया स्टोनमार्ट और इसकी महत्ता?
इंडिया स्टोनमार्ट को महज एक प्रदर्शनी समझना गलत होगा। वास्तव में यह स्टोन इंडस्ट्री का एक संपूर्ण इकोसिस्टम है। यहाँ खनन यानी माइनिंग से लेकर प्रोसेसिंग, नई मशीनरी, आधुनिक डिजाइन, और एक्सपोर्ट तक की पूरी जानकारी एक ही छत के नीचे मिलती है। भारत दुनिया के प्रमुख पत्थर उत्पादक देशों में से एक है और राजस्थान इस उद्योग की रीढ़ है। यह आयोजन स्थानीय छोटे उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से सीधे जोड़ने का एक प्रभावी माध्यम बनेगा।
शिल्पग्राम: परंपरा और कला का जीवंत संगम
इस आयोजन में ग्रामीण गैर कृषि विकास अभिकरण (RUDA) द्वारा विशेष रूप से शिल्पग्राम का निर्माण किया जा रहा है। यहाँ राजस्थान के दूर-दराज के जिलों से आए पारंपरिक कारीगर अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। यह प्रयास न केवल ग्रामीण शिल्प को राष्ट्रीय मंच प्रदान करेगा बल्कि यह भी दिखाएगा कि कैसे सदियों पुरानी तकनीक आज भी आधुनिक दौर में प्रासंगिक है। इसके साथ ही राजस्थली पवेलियन में राजस्थान की हस्तशिल्प विरासत की झलक भी देखने को मिलेगी।
आयोजन की प्रमुख विशेषताएं और नवाचार
इंडिया स्टोनमार्ट 2026 में कई ऐसी चीजें होने जा रही हैं जो इसे पिछली बार से अलग बनाएंगी:
1. MSME फोकस: छोटे और मध्यम स्टोन उद्यमियों के लिए विशेष सत्र और अवसर होंगे।
2. ग्रीन टेक्नोलॉजी: स्टोन प्रोसेसिंग में पर्यावरण के अनुकूल मशीनों और ऑटोमेशन का प्रदर्शन किया जाएगा।
3. डिजिटल कनेक्ट: पहली बार मोबाइल ऐप के जरिए मुफ्त वर्चुअल स्टॉल की सुविधा दी जा रही है, जिससे दुनिया के किसी भी कोने से लोग इस प्रदर्शनी का हिस्सा बन सकेंगे।
4. स्किल डेवलपमेंट: युवाओं के लिए डिजाइन प्रतियोगिताओं और स्टार्टअप की संभावनाओं पर विशेष संवाद आयोजित किए जाएंगे।
अंतरराष्ट्रीय नेटवर्किंग का बड़ा मंच
इस बार स्टोनमार्ट में चीन, तुर्की, ईरान, इटली और थाईलैंड जैसे बड़े देशों से प्रदर्शक आ रहे हैं। वहीं अमेरिका, यूके, यूएई, ऑस्ट्रेलिया और रूस सहित 20 से अधिक देशों के विज़िटर्स और आर्किटेक्ट्स यहाँ पहुंचेंगे। यह वैश्विक भागीदारी भारतीय स्टोन उद्योग के लिए नए निर्यात बाजार खोलने और विदेशी निवेश को आकर्षित करने में सहायक होगी। 25,000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में फैली इस प्रदर्शनी में कुल 539 स्टॉल्स लगाए जाएंगे।
अर्थव्यवस्था और रोजगार को मिलेगी नई रफ्तार
राजस्थान के लिए यह आयोजन आर्थिक दृष्टि से संजीवनी की तरह है। इससे स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और हजारों प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। यह आयोजन प्रधानमंत्री के 'मेक इन इंडिया' और 'वोकल फॉर लोकल' के सपने को धरातल पर उतारने का काम करेगा। इसके अलावा, 6 और 7 फरवरी को जयपुर आर्किटेक्चर फेस्टीवल का भी आयोजन होगा, जहाँ दुनिया भर के दिग्गज आर्किटेक्ट पत्थरों के रचनात्मक उपयोग पर चर्चा करेंगे।
सम्मान और भविष्य की रणनीति
उद्घाटन समारोह के दौरान सीडॉस (CDOS) लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड भी प्रदान किए जाएंगे, जो उन लोगों को सम्मानित करेंगे जिन्होंने इस उद्योग को अपना जीवन समर्पित कर दिया है। इसके साथ ही ग्लोबल स्टोन टेक्नोलॉजी फोरम में उद्योग की चुनौतियों, नीतिगत सुधारों और निर्यात बढ़ाने की रणनीतियों पर गहन मंथन किया जाएगा। कुल मिलाकर, इंडिया स्टोनमार्ट 2026 जयपुर को दुनिया के नक्शे पर स्टोन कैपिटल के रूप में और मजबूती से स्थापित करने जा रहा है।
13वां इंडिया स्टोनमार्ट 2026: जयपुर में सजेगा पत्थरों का संसार, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा करेंगे भव्य उद्घाटन
जयपुर में 5 से 8 फरवरी 2026 तक आयोजित होने वाले इंडिया स्टोनमार्ट का उद्घाटन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा करेंगे। इसमें रामलला के मूर्तिकार अरुण योगीराज विशेष आकर्षण होंगे।
HIGHLIGHTS
- 1 5 से 8 फरवरी 2026 तक जयपुर के JECC में आयोजन। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा उद्घाटन करेंगे। अयोध्या के रामलला के मूर्तिकार अरुण योगीराज होंगे मुख्य आकर्षण। 20 से अधिक देशों के प्रतिनिधि लेंगे हिस्सा। 539 से अधिक स्टॉल्स पर दिखेगी पत्थरों की दुनिया।
टैग:
Rajasthan News
Stone Industry
Jaipur Events
Business News
Make in India
Vocal for Local
Indian Sculpture