सिरोही | राजस्थान के सिरोही जिले के रेवदर क्षेत्र में हाल ही में पुलिस द्वारा की गई एक बड़ी कार्रवाई ने राजनीतिक माहौल को पूरी तरह गरमा दिया है। इस कार्रवाई के दौरान एक सट्टेबाजी गिरोह का भंडाफोड़ हुआ था जो पूर्व विधायक जगसीराम कोली के खेत पर संचालित हो रहा था। इस मामले में अब तक की सबसे बड़ी खबर यह है कि स्वयं जगसीराम कोली ने सामने आकर अपनी सफाई दी है और पुलिस प्रशासन को खुली चुनौती देते हुए जांच में सहयोग की बात कही है। इस प्रकरण ने जिले में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग को एक नया मोड़ दे दिया है जिससे स्थानीय राजनीति में हलचल मच गई है।
रेवदर पुलिस ने कुछ दिन पहले एक गुप्त सूचना के आधार पर जगसीराम कोली के खेत पर छापेमारी की थी। इस छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 23 लोगों को जुआ और सट्टा खेलते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। पुलिस की इस कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया था क्योंकि यह स्थान एक कद्दावर नेता से जुड़ा हुआ था। हालांकि पुलिस ने शुरुआत में इस बात को आधिकारिक रूप से पुष्ट करने में समय लिया कि खेत किसका है लेकिन धीरे-धीरे यह जानकारी सार्वजनिक हो गई कि जमीन जगसीराम कोली के परिवार की है। पुलिस अभी भी इस मामले में सभी कानूनी दस्तावेज खंगाल रही है ताकि मालिकाना हक की पुष्टि कानूनी तौर पर की जा सके।
पूर्व विधायक जगसीराम कोली का पक्ष और सफाई
लगातार हो रही आलोचनाओं और राजनीतिक हमलों के बीच जगसीराम कोली ने अपना मौन तोड़ा है। उन्होंने मीडिया को दिए अपने बयान में स्पष्ट किया कि वह किसी भी गलत गतिविधि में शामिल नहीं हैं और न ही उन्हें इसकी जानकारी थी। कोली ने बताया कि उन्होंने अपने खेत को खेती के कार्यों के लिए एक साल के अनुबंध पर किसी अन्य व्यक्ति को दे रखा था। उन्होंने कहा कि ठेके पर जमीन देने के बाद मालिक का वहां हर समय मौजूद रहना संभव नहीं होता है। कोली के अनुसार उन्हें इस बात का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि उनकी जमीन का इस्तेमाल सट्टेबाजी जैसी अवैध गतिविधियों के लिए किया जा रहा है।