झाड़ियों में गिरने के बाद छात्रा का सिर दीवार से टकराया, जिससे उसकी मौत हो गई।
चीख सुनकर स्कूल स्टाफ मौके पर पहुंचा और छात्रा को तुरंत मेट्रो मास अस्पताल ले जाया गया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने अमायरा को मृत घोषित कर दिया।
मृतक छात्रा मानसरोवर के द्वारका अपार्टमेंट में अपने माता-पिता विजय कुमार और शिबानी देव के साथ रहती थी।
हादसे की खबर मिलते ही अस्पताल पहुंचे माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल था।
मां शिबानी देव लगातार अपनी बेटी को वापस लौटाने की गुहार लगा रही थीं, जबकि पिता विजय देव खामोश थे।
सबूत मिटाने का आरोप और FIR
घटना के बाद स्कूल प्रशासन पर महत्वपूर्ण सबूत मिटाने का गंभीर आरोप लगा है।
परिजनों का कहना है कि जहां छात्रा गिरी थी, वहां से खून के धब्बे साफ करवा दिए गए।
कानूनन किसी भी घटना स्थल पर सबूतों को सुरक्षित रखना अनिवार्य होता है, लेकिन स्कूल प्रशासन ने ऐसा नहीं किया।
देर रात परिजनों ने स्कूल प्रबंधन और कुछ शिक्षकों के खिलाफ पुलिस में FIR दर्ज कराई।
FIR दर्ज होने के बाद रात में मेडिकल बोर्ड द्वारा बच्ची का पोस्टमॉर्टम किया गया।
वायरल वीडियो और जांच
छात्रा के चौथी मंजिल से कूदने का एक वीडियो भी सामने आया है।
इस वीडियो में बच्ची को रेलिंग से नीचे कूदते हुए साफ देखा जा सकता है।
पुलिस अब इस वीडियो और स्कूल के सीसीटीवी फुटेज की गहनता से जांच कर रही है।
स्कूल की सीढ़ियों और चौथी मंजिल पर भी सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं, जिनकी फुटेज जांच का अहम हिस्सा होगी।
परिजनों ने शुरू में पोस्टमॉर्टम के लिए सहमति नहीं दी थी, लेकिन FIR के बाद यह प्रक्रिया पूरी की गई।
यह घटना स्कूल सुरक्षा और बच्चों की मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर सवाल खड़े करती है।