जालोर | राजस्थान के जालोर जिले के गोदन में स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में नागरिक सुरक्षा विभाग द्वारा एक महत्वपूर्ण मॉक अभ्यास का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और विद्यालय स्टाफ को आपातकालीन स्थितियों, विशेषकर आग लगने की घटनाओं के दौरान सुरक्षा और बचाव के उपायों से अवगत कराना था। भारत सरकार के गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आयोजित इस अभ्यास में टीम ने आग लगने की स्थिति में किए जाने वाले कार्यों, सुरक्षित निकासी और प्राथमिक उपचार का व्यावहारिक प्रदर्शन किया।
नागरिक सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शिक्षण संस्थानों में वर्ष में कम से कम दो बार इस प्रकार के सिविल डिफेंस मॉक अभ्यास आयोजित करना अनिवार्य है। इससे न केवल छात्रों में जागरूकता बढ़ती है, बल्कि किसी भी वास्तविक आपदा के समय जान-माल के नुकसान को न्यूनतम करने में मदद मिलती है। अभ्यास के दौरान टीम ने छात्रों को सिखाया कि घटना के समय घबराने के बजाय धैर्य से कैसे काम लिया जाए और राहत कार्यों में किस तरह सहयोग किया जाए।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रशासन को भविष्य में ऐसे अभ्यासों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। इस दौरान नागरिक सुरक्षा टीम में चंपा बाई, राजेन्द्र कुमार सोनी, हरसन कुमार, मदनलाल, छगननाथ, जोगाराम, सुरेशदास, दिनेश कुमार, नाजिमखां, हरीश कुमार, किशन कुमार, महेंद्र कुमार व मनोज कुमार उपस्थित रहे। इस पहल को विद्यालय स्तर पर सुरक्षा तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
जालोर में नागरिक सुरक्षा विभाग ने किया मॉक ड्रिल, छात्रों को सिखाए आग से बचाव के तरीके
जालोर के गोदन स्कूल में नागरिक सुरक्षा विभाग ने मॉक ड्रिल के जरिए छात्रों को आग लगने पर बचाव और प्राथमिक उपचार की जानकारी दी।
HIGHLIGHTS
- 1 मॉक ड्रिल के जरिए आग से बचाव का प्रदर्शन; गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के तहत आयोजन; वर्ष में दो बार अभ्यास अनिवार्य; प्राथमिक उपचार की दी गई जानकारी।