रानीवाड़ा थानाधिकारी छतरसिंह देवड़ा और डिप्टी भवानी सिंह ने घटनास्थल का मुआयना किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जालोर से एफएसएल और एमओबी की विशेष टीमों को बुलाया गया। इन टीमों ने मौके से वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्रित किए। पुलिस ने कंकाल से खोपड़ी, हाथ और पैर की हड्डियों के नमूने लिए हैं ताकि डीएनए जांच या अन्य तकनीकी परीक्षण किए जा सकें। आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद कंकाल परिजनों को सौंप दिया गया है।
मौके से बरामद हुए सामान
पुलिस को तलाशी के दौरान मृतक के पास से कई महत्वपूर्ण चीजें मिली हैं। पर्स में आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस के अलावा एक छोटा चाकू, 340 रुपये नकद और पांच पासपोर्ट साइज फोटो बरामद हुए हैं। इन्हीं दस्तावेजों की मदद से पुलिस को मृतक के पते और पहचान की पुष्टि करने में आसानी हुई।
आत्महत्या की जताई जा रही आशंका
घटनास्थल की स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रारंभिक तौर पर इसे आत्महत्या का मामला मान रही है। जांच के दौरान पास ही एक बबूल के पेड़ पर काले रंग के कपड़े का टुकड़ा मिला है और उसी कपड़े का दूसरा हिस्सा कंकाल के पास पड़ा था। पुलिस का अनुमान है कि सोमाराम ने इसी कपड़े का फंदा बनाकर आत्महत्या की होगी। शव की स्थिति को देखकर विशेषज्ञों का कहना है कि यह करीब तीन महीने पुराना हो सकता है।
तीन महीने से परिजनों से नहीं था संपर्क
परिजनों ने पुलिस को बताया कि सोमाराम पेशे से ड्राइवर था और वह गुजरात में गाड़ी चलाता था। काम के सिलसिले में वह अक्सर घर से बाहर ही रहता था और साल में एक या दो बार ही गांव आता था। करीब तीन महीने पहले वह घर से निकला था लेकिन उसके बाद उसका कोई संपर्क नहीं हुआ। उसका मोबाइल फोन भी लगातार बंद आ रहा था जिसके कारण परिजन उसे हर जगह तलाश रहे थे।
पीछे छोड़ गया मासूम बच्चे और गर्भवती पत्नी
सोमाराम की मौत की खबर से परिवार में मातम छा गया है। वह अपने पीछे दो छोटे बच्चे छोड़ गया है जिनमें एक पांच साल का और दूसरा महज दो साल का है। दुखद बात यह है कि उसकी पत्नी वर्तमान में गर्भवती है। पुलिस अब इस मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है ताकि मौत के सही कारणों और परिस्थितियों का पता लगाया जा सके। पुलिस का कहना है कि विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।