नई दिल्ली: जस्टिस सूर्यकांत (Justice Suryakant) ने सोमवार को भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice of India) के रूप में शपथ ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (President Droupadi Murmu) ने नई दिल्ली (New Delhi) स्थित राष्ट्रपति भवन (Rashtrapati Bhavan) में उन्हें पद की शपथ दिलाई। उन्होंने सीजेआई भूषण आर गवई (CJI Bhushan R. Gavai) की जगह ली है।
सोमवार को आयोजित एक गरिमापूर्ण समारोह में, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जस्टिस सूर्यकांत को भारत के सर्वोच्च न्यायिक पद की शपथ दिलाई। इस शपथ ग्रहण के साथ ही वे देश के 53वें मुख्य न्यायाधीश बन गए हैं, जो भारतीय न्यायपालिका के इतिहास में एक महत्वपूर्ण क्षण है। यह नियुक्ति सीजेआई भूषण आर गवई की सिफारिश के बाद हुई है।
राष्ट्रपति मुर्मू ने संविधान के अनुच्छेद 124 के खंड (2) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए, जस्टिस सूर्यकांत को भारत के अगले मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया। इस प्रक्रिया में संवैधानिक प्रावधानों का पूरी तरह से पालन किया गया, जो न्यायपालिका की स्वतंत्रता और सर्वोच्चता को दर्शाता है।